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1000 करोड़ के बकाएदार हैं जिले के किसान

Sat, 02 May 2015 10:39 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Sat, 02 May 2015 10:39 PM IST
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farmers in mathura is in debt of 1000 crore
ओलावृष्टि और बेमौसम बरसात से बर्बाद हुए जिले के किसानों पर 1000 करोड़ रुपये कर्ज का भार है। यह बकाएदारी 1.94 लाख किसानों पर है, जिसे विभिन्न बैंक और सहकारी समितियों को उन्हें अदा करना है। इसके अलावा छोटे किसान रसूखदार लोगों के कर्ज के जाल में भी फंसे हुए हैं। अब सरकार के वसूली स्थगित करने के आदेश को दरकिनार करते हुए बैंक और रसूखदार लोग दोनों किसानों पर वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं।
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ओलावृष्टि से प्रभावित जिले में सरकार ने किसानों से होने वाली प्रत्येक वसूली पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद सरकारी बैंक ऋण वसूली के लिए किसानों को नोटिस थमा रहे हैं। बलदेव ब्लॉक के गांव चौरम्बार निवासी नारायण सिंह ने सिंडिकेट बैंक बरौली से ट्रैक्टर के लिए ऋण लिया था। नारायण सिंह पर दो लाख रुपये की बकाएदारी है। इसकी वसूली के लिए बैंक ने उन्हें नोटिस थमा दिया है।
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इसी गांव के बीरी सिंह को भी बैंक की ओर से नोटिस मिला है। गांव सराय सालवाहन निवासी शिवचरन लाल ने केसीसी के माध्यम से ऋण लिया था, बैंक ने इन्हें भी नोटिस दिया है। फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के घरों में खाने के लाले पड़ रहे हैं, इसके बाद बैंक से वसूली के दबाव के कारण वे परेशान हैं।
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छोटे किसानों का रसूखदार लोगों से मोटी ब्याज पर लिया गया ऋण उनके लिए और अधिक मुसीबत बन रहा है। जिले में ऐसे किसानों की संख्या बहुतायत में है, जो क्षेत्र के रसूखदार लोगों से मोटी ब्याज पर ऋण लेकर फसल करते हैं। फिलहाल उसकी अदायगी का कोई जरिया न होने के कारण किसान परेशान हैं।


समय सीमा बढ़ाने का भार भी किसान पर
जिले में सहकारिता ने किसानों को ऋण अदायगी के लिए समय सीमा में छूट देते हुए तीन साल कर दी है, लेकिन इसका भार किसान को ही उठाना पड़ेगा। इसके लिए उसे 11 प्रतिशत का ब्याज चुकाना होगा। सामान्यत: सही समय पर कर्ज चुकाने पर उसे तीन प्रतिशत ब्याज ही देना पड़ता है। सवा लाख किसान सहकारिता के माध्यम से ऋण और खाद-बीज उठाते हैं। इसके अलावा जिले में 1.60 लाख किसान केसीसी के माध्यम से बैंकों से ऋण हासिल करते हैं। कुल मिलाकर इस बार रबी की फसल के दौरान करीब 1.94 लाख किसानों ने 1000 करोड़ रुपये के करीब लोन लिया है। इसमें सहकारिता से लिया गया ऋण 67 करोड़ भी शामिल है।
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