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Mathura News: नवजातों को समय पर दिखाएं धूप, नहीं होगी विटामिन डी की कमी
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मथुरा। जिला अस्पताल में विटामिन-डी की कमी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। चिकित्सकों ने नवजात शिशुओं को नियमित रूप से हल्की धूप दिखाने की अपील की है। विटामिन डी के कमी से पीड़ित रोजाना 20 से 25 बच्चे उपचार कराने के लिए चिकित्सक के पास पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि नवजात ही नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए धूप अनिवार्य है। मोबाइल, इनडोर लाइफस्टाइल और धूप से बचने की आदतों के कारण बड़ी संख्या में लोग विटामिन-डी की कमी का शिकार हो रहे हैं। सूर्य की रोशनी शरीर की हड्डियों और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर सीधा असर डालती है। सूर्य की किरणें बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाती हैं और आगे चलकर गंभीर बीमारियों से बचाव करती हैं। विटामिन-डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हड्डियां टेढ़ी होने लगती हैं और विकास प्रभावित होता है। वहीं वयस्कों में यह कमी ऑस्टियोमलेशिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां पैदा कर सकती है। इससे हड्डियां कमजोर होकर आसानी से टूटने लगती हैं।
सीएमएस ने बताया कि सुबह की हल्की धूप सबसे सुरक्षित और लाभकारी होती है। नवजातों को रोज कुछ मिनट धूप में रखने से विटामिन-डी का प्राकृतिक उत्पादन होता है और उन्हें मजबूत प्रतिरक्षा मिलती है। लोग धूप सेंकने की आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं ताकि विटामिन-डी की कमी से होने वाले खतरों से बचा जा सके।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि नवजात ही नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए धूप अनिवार्य है। मोबाइल, इनडोर लाइफस्टाइल और धूप से बचने की आदतों के कारण बड़ी संख्या में लोग विटामिन-डी की कमी का शिकार हो रहे हैं। सूर्य की रोशनी शरीर की हड्डियों और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर सीधा असर डालती है। सूर्य की किरणें बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाती हैं और आगे चलकर गंभीर बीमारियों से बचाव करती हैं। विटामिन-डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स का खतरा बढ़ जाता है। इसमें हड्डियां टेढ़ी होने लगती हैं और विकास प्रभावित होता है। वहीं वयस्कों में यह कमी ऑस्टियोमलेशिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां पैदा कर सकती है। इससे हड्डियां कमजोर होकर आसानी से टूटने लगती हैं।
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सीएमएस ने बताया कि सुबह की हल्की धूप सबसे सुरक्षित और लाभकारी होती है। नवजातों को रोज कुछ मिनट धूप में रखने से विटामिन-डी का प्राकृतिक उत्पादन होता है और उन्हें मजबूत प्रतिरक्षा मिलती है। लोग धूप सेंकने की आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं ताकि विटामिन-डी की कमी से होने वाले खतरों से बचा जा सके।
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