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छत्ता बाजार से अतिक्रमण साफ
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Thu, 10 Sep 2015 10:59 PM IST
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शहर के बीच एक बार फिर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। गुरुवार को पीएसी-पुलिस बल के साथ प्रशासन-पालिका की टीम ने छत्ता बाजार में नालियों पर बनी छह से अधिक दुकानें पूरी तरह से ध्वस्त कर दीं। किसी व्यापारी नेता या दुकानदार ने विरोध नहीं किया। विरोध के स्वर सिर्फ मंदिर द्वारिकाधीश के निकट सुनाई पड़े। गुरुवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के चलते छत्ता बाजार में अधिकांश दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद रखा। कुछ ही दुकानें खुली नजर आईं।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को सुबह तीन बजे पालिका के अधिकारियों ने तीन जेसीबी, छह ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित होलीगेट पर डेरा डाल दिया था। दोपहर दो बजे पीएसी और कई थाना क्षेत्रों का पुलिस बल पहुंच गया। तीन बजे सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार और सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के होलीगेट पहुंचते ही छत्ता बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। देखने के लिए होलीगेट पर लोगों का हुजूम लग गया। पुलिस को भीड़ पर नियंत्रण के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी।
नालियों के ऊपर किए गए स्थाई अतिक्रमण जेसीबी ने तोड़ दिए। दुकानों के ऊपर लगे टीन आदि हटा दिए। होलीगेट से शुरू हुआ अतिक्रमण हटाने का यह दौर मंदिर द्वारिकाधीश के आगे तक यथावत चला। दोनों साइड एक-एक जेसीबी ने अतिक्रमण हटाया। तीसरी जेसीबी मलबे को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर हटा रही थी।
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कुछ स्थानों पर लोगों ने कानूनी बिंदुओं को दर्शाते हुए अतिक्रमणों को हटाने का विरोध किया लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। कई लोगों ने नालियों के ऊपर सीढ़ी के रूप में किए गए अतिक्रमण को मलबे से ढंकने की कोशिश की, लेकिन यह चतुराई काम नहीं आई। गुरुवार के अभियान में मंदिर द्वारिकाधीश के निकट ही तोड़फोड़ का विरोध हुआ।
ध्वस्त हुई छह से अधिक दुकानें
छत्ता बाजार में नालियों के ऊपर बनी छह से अधिक दुकानें पूरी तरह से ध्वस्त कर दी गई। सुनारान गली, कोयला गली, चर्चिका देवी वाली गली, गली भीकचंद्र, विश्राम बाजार में नुक्कड़ों पर बनी दुकानें पूरी तरह से हटाई गई हैं। द्वारिकाधीश मंदिर पर तीन दुकान पूरी तरह से ध्वस्त कर दी गईं।
बाजार में लगा रहा मेला
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान होलीगेट से छत्ता बाजार में इसे देखने वालों का मेला लगा रहा। इस दौरान न केवल दुकानदार और उनके परिवारीजन यहां मौजूद थे, बल्कि आसपास के लोग भी पहुंच गए। कई लोग बच्चों को कंधे पर बिठाकर यह नजारा दिखाने पहुंचे थे। छतों पर भी हुजूम लगा रहा।
प्रशासन को नहीं करनी पड़ी ज्यादा मशक्कत
गुरुवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान में जिला प्रशासन को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। प्रशासनिक अभियान शुरू होने से पहले ही अधिकांश दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान के आगे के अतिक्रमण को हटा लिया था। अनेक दुकानदार तो अभियान के दौरान भी खुद अतिक्रमण हटाते नजर आए।
सड़क पर आ गया प्यारेलाल का परिवार
समाजसेवी स्व. प्यारेलाल सोदागर की पिछली चार पीढ़ियां करीब 100 साल से मंदिर द्वारिकाधीश के नीचे छोटी सी दुकान में कंठी-माला बेचकर परिवार का भरण पोषण करती आ रही थीं। अब उनके पुत्र शरद कुमार प्यारेलाल परिवार की यह जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके परिवार के लिए दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करने वाली यह दुकान गुरुवार को प्रशासन के अभियान के भेंट चढ़ गई। शरद कुमार प्यारे लाल बताते हैं कि इसका किराया वह और उनके पूर्वज मंदिर द्वारिकाधीश प्रबंधन को देते आ रहे हैं। यहां अन्य दुकानों को छोड़ते हुए उनकी दुकान को ही खत्म कर दिया गया। अब उनके पास परिवार पालन के लिए और कोई विकल्प नहीं है।
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निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को सुबह तीन बजे पालिका के अधिकारियों ने तीन जेसीबी, छह ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित होलीगेट पर डेरा डाल दिया था। दोपहर दो बजे पीएसी और कई थाना क्षेत्रों का पुलिस बल पहुंच गया। तीन बजे सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार और सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के होलीगेट पहुंचते ही छत्ता बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। देखने के लिए होलीगेट पर लोगों का हुजूम लग गया। पुलिस को भीड़ पर नियंत्रण के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी।
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नालियों के ऊपर किए गए स्थाई अतिक्रमण जेसीबी ने तोड़ दिए। दुकानों के ऊपर लगे टीन आदि हटा दिए। होलीगेट से शुरू हुआ अतिक्रमण हटाने का यह दौर मंदिर द्वारिकाधीश के आगे तक यथावत चला। दोनों साइड एक-एक जेसीबी ने अतिक्रमण हटाया। तीसरी जेसीबी मलबे को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर हटा रही थी।
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कुछ स्थानों पर लोगों ने कानूनी बिंदुओं को दर्शाते हुए अतिक्रमणों को हटाने का विरोध किया लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। कई लोगों ने नालियों के ऊपर सीढ़ी के रूप में किए गए अतिक्रमण को मलबे से ढंकने की कोशिश की, लेकिन यह चतुराई काम नहीं आई। गुरुवार के अभियान में मंदिर द्वारिकाधीश के निकट ही तोड़फोड़ का विरोध हुआ।
ध्वस्त हुई छह से अधिक दुकानें
छत्ता बाजार में नालियों के ऊपर बनी छह से अधिक दुकानें पूरी तरह से ध्वस्त कर दी गई। सुनारान गली, कोयला गली, चर्चिका देवी वाली गली, गली भीकचंद्र, विश्राम बाजार में नुक्कड़ों पर बनी दुकानें पूरी तरह से हटाई गई हैं। द्वारिकाधीश मंदिर पर तीन दुकान पूरी तरह से ध्वस्त कर दी गईं।
बाजार में लगा रहा मेला
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान होलीगेट से छत्ता बाजार में इसे देखने वालों का मेला लगा रहा। इस दौरान न केवल दुकानदार और उनके परिवारीजन यहां मौजूद थे, बल्कि आसपास के लोग भी पहुंच गए। कई लोग बच्चों को कंधे पर बिठाकर यह नजारा दिखाने पहुंचे थे। छतों पर भी हुजूम लगा रहा।
प्रशासन को नहीं करनी पड़ी ज्यादा मशक्कत
गुरुवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान में जिला प्रशासन को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। प्रशासनिक अभियान शुरू होने से पहले ही अधिकांश दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान के आगे के अतिक्रमण को हटा लिया था। अनेक दुकानदार तो अभियान के दौरान भी खुद अतिक्रमण हटाते नजर आए।
सड़क पर आ गया प्यारेलाल का परिवार
समाजसेवी स्व. प्यारेलाल सोदागर की पिछली चार पीढ़ियां करीब 100 साल से मंदिर द्वारिकाधीश के नीचे छोटी सी दुकान में कंठी-माला बेचकर परिवार का भरण पोषण करती आ रही थीं। अब उनके पुत्र शरद कुमार प्यारेलाल परिवार की यह जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके परिवार के लिए दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करने वाली यह दुकान गुरुवार को प्रशासन के अभियान के भेंट चढ़ गई। शरद कुमार प्यारे लाल बताते हैं कि इसका किराया वह और उनके पूर्वज मंदिर द्वारिकाधीश प्रबंधन को देते आ रहे हैं। यहां अन्य दुकानों को छोड़ते हुए उनकी दुकान को ही खत्म कर दिया गया। अब उनके पास परिवार पालन के लिए और कोई विकल्प नहीं है।