मथुरा: छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे स्कूल संचालकों की धमकी से दहशत में कर्मचारी, जिलाधिकारी से शिकायत
छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे स्कूल संचालक किसी भी तरह मामले के दबाने के लिए समाज कल्याण अधिकारी पर दबाव बना रहे हैं। साथ ही विभागीय कर्मचारियों को भी धमकी दी जा रही है। समाज कल्याण अधिकारी ने इस मामले में जिलाधिकारी से शिकायत की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे विद्यालय संचालकों द्वारा वर्तमान सत्र में छात्रों का डाटा फॉरवर्ड करने के लिए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। दो दिन पूर्व एक विद्यालय संचालक ने खुद को नेता बताते हुए छात्रों का डाटा फॉरवर्ड कराने के लिए न केवल समाज कल्याण अधिकारी पर दबाव बनाया, बल्कि विभागीय कर्मचारियों को भी धमकी दी। समाज कल्याण अधिकारी ने इसकी जानकारी डीएम को दी है।
दर्ज कराई गईं कई एफआईआर
दरअसल, छात्रवृत्ति घोटाले के बाद कई एफआईआर दर्ज कराई गई थीं, जिन पर अभी कार्रवाई चल रही है। कई मामलों में शासन के निर्देश के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। इसका कारण घोटाले में फंसे विद्यालय संचालकों द्वारा विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव माना जा रहा है। इसी के चलते इन विद्यालयों के छात्रों का डाटा इस सत्र में फॉरवर्ड नहीं किया जा रहा है।
डाटा फॉरवर्ड करने का डाल रहे दबाव
दो दिन पहले कई विद्यालयों के संचालक समाज कल्याण विभाग पहुंचे। समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र नाथ प्रताप पर डाटा फॉरवर्ड करने को दबाव डालने लगे। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी पर दबाव डाला तथा कार्यालय से निकलने पर देख लेने की धमकी दी। वह किसी प्रकार से कार्यालय से निकल सके। उनके जाने के बाद कार्यालय के कर्मचारियों को भी धमकियां दीं।
जिलाधिकारी से की शिकायत
इस संबंध में समाज कल्याण अधिकारी ने डीएम नवनीत सिंह चहल को जानकारी दी है। समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि उन्होंने उक्त विद्यालय संचालक को बताया कि वह डाटा फॉरवर्ड करने के लिए सक्षम अधिकारी नहीं है। जनपद में इसके लिए एक कमेटी बनी है, जिसके अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं। सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।