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मंदिर प्रबंधन और पुराहितों के बीच असंतोष समाप्त करने पर बल
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वृंदावन। श्री ब्रजवासी पंडा सभा की बैठक शुक्रवार को मैदावाली धर्मशाला में हुई। बैठक का उद्देश्य रंगनाथ मंदिर परिसर में यात्रियों को दर्शन कराने वाले पुरोहितों में पुरोहित मूल्यों का विकास करना एवं तीर्थ पुरोहितों व मंदिर प्रबंधन के बीच असंतोष को समाप्त करना था।
ब्रजवासी पंडा सभा के अध्यक्ष श्याम सुंदर गौतम ने कहा कि विगत कुछ दिनों पहले ही पंडा सभा की एक टीम ने रंगनाथ मंदिर के महंत बालक स्वामी के बुलाने पर मुलाकात की, जिसमें पंडा समाज के प्रति असंतोष दर्शाया गया। जिस कारण आज ये सभा आहूत की गई है। उन्होंने आगे कहा कि मंदिर सेवायतों एवं तीर्थ पुरोहितों का संबंध प्राचीन काल से ही रहा है, दोनों के ही मधुर संबंध से ही वृंदावन का प्रकाश हुआ है, इन संबंधों को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है।
हरिओम शर्मा ने कहा कि वृंदावन के मंदिरों की मर्यादाओं को बनाए रखना जितना मंदिर संचालन समिति की जिम्मेदारी है उतना ही हमारा कर्तव्य भी है। यदि मंदिर समिति एवं तीर्थ यात्रियों द्वारा भी मंदिर एवं वृंदावन की मर्यादाओं को तोड़ा जाता है तो भी उसे रोकना पंडा समाज का पहला कर्तव्य है। नारायण बौहरे, रामनारायण ब्रजवासी, विनीत ब्रजवासी, पवन शर्मा, सुमंत शुक्ला, सुरेश गौतम, पवन शर्मा, नारायण शर्मा, गोविंद शर्मा, दीपक मोतीवाला, कुंजबिहारी गौतम, उत्तम शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, राहुल गौड़, दाऊ दयाल चौधरी थे।
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ब्रजवासी पंडा सभा के अध्यक्ष श्याम सुंदर गौतम ने कहा कि विगत कुछ दिनों पहले ही पंडा सभा की एक टीम ने रंगनाथ मंदिर के महंत बालक स्वामी के बुलाने पर मुलाकात की, जिसमें पंडा समाज के प्रति असंतोष दर्शाया गया। जिस कारण आज ये सभा आहूत की गई है। उन्होंने आगे कहा कि मंदिर सेवायतों एवं तीर्थ पुरोहितों का संबंध प्राचीन काल से ही रहा है, दोनों के ही मधुर संबंध से ही वृंदावन का प्रकाश हुआ है, इन संबंधों को बनाए रखना हम सबका कर्तव्य है।
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हरिओम शर्मा ने कहा कि वृंदावन के मंदिरों की मर्यादाओं को बनाए रखना जितना मंदिर संचालन समिति की जिम्मेदारी है उतना ही हमारा कर्तव्य भी है। यदि मंदिर समिति एवं तीर्थ यात्रियों द्वारा भी मंदिर एवं वृंदावन की मर्यादाओं को तोड़ा जाता है तो भी उसे रोकना पंडा समाज का पहला कर्तव्य है। नारायण बौहरे, रामनारायण ब्रजवासी, विनीत ब्रजवासी, पवन शर्मा, सुमंत शुक्ला, सुरेश गौतम, पवन शर्मा, नारायण शर्मा, गोविंद शर्मा, दीपक मोतीवाला, कुंजबिहारी गौतम, उत्तम शर्मा, शत्रुघ्न शर्मा, राहुल गौड़, दाऊ दयाल चौधरी थे।
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