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केरल ने ताजा कर दिए चुरमुरा में रह रहे हाथियों की यातनाओं के घाव
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चुरमुरा स्थित हाथी संरक्षण केंद्र में मौजूद हाथी
- फोटो : MATHURA
मथुरा/फरह। केरल में हथिनी को फल के साथ पटाखे खिलाए जाने की खबर सोशल मीडिया में जंगल की आग की तरह फैल गई। जिसने फरह के चुरमुरा स्थित हाथी संरक्षण केंद्र में रह रहे 24 हाथियों के जीवन संघर्ष के घावों की यादों को भी ताजा कर दिया है। किसी पर मनोरंजन के नाम पर सर्कस में अत्याचार हुए तो किसी का भीख मांगने के लिए उपयोग किया गया।
दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यमुना के किनारे चुरमुरा स्थित हाथी संरक्षण केंद्र में इन दिनों 24 हाथी संरक्षण पाए हुए हैं। इनमें से किसी को तमिलनाडु तो किसी को आन्ध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से मुक्त कराकर लाया गया है। यातनाओं का लंबा दौर सहने वाले ये बेजुबान आज यमुना किनारे नई जिंदगी जी रहे हैं। हाथी संरक्षण केंद्र के डायरेक्टर बैजू राज ने बताया कि यहां रहने वाले सभी हाथियों का विशेष ख्याल रखा जाता है।
स्वतंत्रता की 5वीं वर्षगांठ मनाई
वाइल्ड लाइफ एसओएस की देखभाल में मौजूद सबसे कम उम्र के हाथी मैकेडेमिया मैक, वॉलनट वॉली, कोकोनट कोको और पीनट ने अपनी आजादी की 5वीं वर्षगांठ हाल ही में मनाई है। 2015 में एक सर्कस से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किये जाने के बाद इन चारों ने एक नई शुरूआत की है। इन चारों बेजुबानों को सर्कस में खतरनाक प्रदर्शन नहीं करने पर अपर्याप्त भोजन और पानी दिया जाता था।
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वर्षों के इस दुर्व्यवहार ने इनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर गहरी छाप छोड़ी है। वहीं संरक्षण केंद्र में 11 साल की पीनट सबसे कम उम्र की हथिनी है। वह सबसे शरारती भी है। उसका 17 वर्षीय कोकोनट के साथ एक बहुत ही करीबी रिश्ता है, जो अक्सर पीनट के लिए सुरक्षात्मक बड़ी बहन की भूमिका निभाती है। दोनों हथिनी में एक अटूट बंधन है। दोनों ही अक्सर गर्मियों में नदी में तैरने का आनंद एक साथ उठाती हैं।
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दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यमुना के किनारे चुरमुरा स्थित हाथी संरक्षण केंद्र में इन दिनों 24 हाथी संरक्षण पाए हुए हैं। इनमें से किसी को तमिलनाडु तो किसी को आन्ध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से मुक्त कराकर लाया गया है। यातनाओं का लंबा दौर सहने वाले ये बेजुबान आज यमुना किनारे नई जिंदगी जी रहे हैं। हाथी संरक्षण केंद्र के डायरेक्टर बैजू राज ने बताया कि यहां रहने वाले सभी हाथियों का विशेष ख्याल रखा जाता है।
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स्वतंत्रता की 5वीं वर्षगांठ मनाई
वाइल्ड लाइफ एसओएस की देखभाल में मौजूद सबसे कम उम्र के हाथी मैकेडेमिया मैक, वॉलनट वॉली, कोकोनट कोको और पीनट ने अपनी आजादी की 5वीं वर्षगांठ हाल ही में मनाई है। 2015 में एक सर्कस से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किये जाने के बाद इन चारों ने एक नई शुरूआत की है। इन चारों बेजुबानों को सर्कस में खतरनाक प्रदर्शन नहीं करने पर अपर्याप्त भोजन और पानी दिया जाता था।
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वर्षों के इस दुर्व्यवहार ने इनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर गहरी छाप छोड़ी है। वहीं संरक्षण केंद्र में 11 साल की पीनट सबसे कम उम्र की हथिनी है। वह सबसे शरारती भी है। उसका 17 वर्षीय कोकोनट के साथ एक बहुत ही करीबी रिश्ता है, जो अक्सर पीनट के लिए सुरक्षात्मक बड़ी बहन की भूमिका निभाती है। दोनों हथिनी में एक अटूट बंधन है। दोनों ही अक्सर गर्मियों में नदी में तैरने का आनंद एक साथ उठाती हैं।