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Mathura News: कमजोर विद्यार्थियों को मेधावी बनाने के लिए नए सत्र के साथ ही शुरू होंगे प्रयास
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मथुरा। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शुरुआत से ही बल दिया जाएगा। एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हर कक्षा में कमजोर बच्चों को चिह्नित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षा संचालित की जाएंगी। बच्चों का शैक्षिक स्तर परखने के लिए हर माह परीक्षा आयोजित होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को मासिक टेस्ट आयोजित कराने के संबंध में निर्देशित किया गया है। इन परीक्षाओं में बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ-साथ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इन टेस्टों का उद्देश्य छात्रों की समझ और ज्ञान का आकलन करना है। इससे उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आएगा।
बीएसए सुनील दत्त ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत योजना के तहत छात्रों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। प्रधानाध्यापकों के साथ ही शिक्षकों को उन्हें पाठ्यक्रम को रुचिकर तरीके से पढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा, जिसमें उन्हें नवाचार, टीचर्स लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार कर उसके माध्यम से पठन-पाठन के बारे में बताया जाएगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को मासिक टेस्ट आयोजित कराने के संबंध में निर्देशित किया गया है। इन परीक्षाओं में बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ-साथ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इन टेस्टों का उद्देश्य छात्रों की समझ और ज्ञान का आकलन करना है। इससे उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आएगा।
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बीएसए सुनील दत्त ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में निपुण भारत योजना के तहत छात्रों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। प्रधानाध्यापकों के साथ ही शिक्षकों को उन्हें पाठ्यक्रम को रुचिकर तरीके से पढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा, जिसमें उन्हें नवाचार, टीचर्स लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार कर उसके माध्यम से पठन-पाठन के बारे में बताया जाएगा।
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