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Mathura News: कमाई हो रही लाखों में, सुविधाएं नगण्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2024 02:21 AM IST
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Earning is in lakhs, facilities are negligible
रोडवेज बस में कबाड़ में पड़ा अग्निशमन यंत्र। - फोटो : mathura
मथुरा। परिवहन निगम की मथुरा डिपो के बेड़े में शामिल 167 बसें प्रतिदिन 26 हजार से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। निगम यात्रियों से प्रतिदिन 23 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहा है। बावजूद इसके यात्री सुविधाएं नगण्य हैं।
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मथुरा डिपो में 167 बसें प्रतिदिन 52 हजार किलोमीटर से अधिक संचालित होती हैं। रोजाना बस में 26 हजार से अधिक यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। निगम इनसे 23 से 24 लाख रुपये प्रतिदिन कमाता है। त्योहार के सीजन में तो यह कमाई और बढ़ जाती है। बावजूद इसके यात्रियों को बस स्टैंड पर न तो बैठने के लिए कुर्सी हैं न ही निशुल्क शौचालय की व्यवस्था है। यहां तक कि बसों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी यात्रियों को नहीं मिलती है। निगम की बसों में यात्रियों की जान से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।
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बसों में अग्निशमन यंत्र और फस्ट एड बॉक्स तक नहीं हैं। कुछ बसों में अग्निशमन यंत्र लगे हैं तो वह खाली और फस्ट एड बॉक्स में ताला लगा है, जबकि नियमानुसार रोजाना जब बस डिपो से बाहर निकलती है तो 12 बिंदुओं पर उसकी जांच होनी चाहिए। इसके लिए निगम ने एक फॉर्मेट भी बना रखा है। रोजाना सुबह इस फॉर्मेट का मजाक बनाया जाता है। बिना गाड़ी की चेकिंग किए ही सभी मानकों को पूरा दिखाकर बस को संचालन के लिए भेज दिया जाता है।
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बस का निरीक्षण करने वाले जिम्मेदार यह तक नहीं देखते कि बस में सफाई ठीक तरह से हुई है या नहीं। निगम के अधिकारी यात्रियों से पूरा किराया वसूलने के बाद भी उन्हें सुविधाएं नहीं दे रहा है।





क्या बोले यात्री

शहर के पुराने बस स्टैंड की हालत तो सबसे ज्यादा खराब है। यहां से हजारों की संख्या लोग आते हैं, लेकिन उनके बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। गर्मियों में तो यात्रियों को धूप के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है।
-वर्षा शर्मा







दिल्ली निवासी अपने रिश्तेदार को बस में बिठाने के लिए नए बस स्टैंड आए थे। स्टैंड पर बस नहीं थी, पूछताछ पर पता किया तो जानकारी हुई कि बस आने में थोड़ी देर है। यहां बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं है। खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ा।
-हरीश कुमार


बस स्टैंड पर निशुल्क शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर निगम का शौचालय है वह 5 से 10 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क वसूलता है। ऐसे में गरीब यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। परिवहन निगम को बस स्टैंड पर निशुल्क शौचालय की व्यवस्था करनी चाहिए।


-रश्मि चतुर्वेदी





वर्जन

लोगों से यात्रा की एवज में जो रकम वसूली जाती है उसमें दुर्घटना बीमा का लाभ दिया जाता है। इसके साथ साफ-सफाई का शुल्क भी लिया जाता है। प्रत्येक बस सफाई के बाद ही डिपो से बाहर निकलती है। संचालन के दौरान गंदगी होती है तो उसे भी साफ कराया जाता है।

-मदन मोहन शर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मथुरा
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