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चोरी हुई बोलेरो की कीमत देगी इंश्योरेंस कंपनी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 27 Aug 2016 11:48 PM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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चोरी हुई बोलेरो की कीमत इश्योरेंस कंपनी को देनी होगी। उपभोक्ता फोरम ने इस संबंध में चोला मंडलम् एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश जारी किया है। उपभोक्ता फोरम ने अपने फैसले में कहा है कि कोई भी बीमा कंपनी अपनी पालिसी की शर्तों से मुकर नहीं सकती।
इस इंश्योरेंस कंपनी के आगरा स्थित कार्यालय से मथुरा के शास्त्री नगर निवासी मनोज कुमार शर्मा ने 24 अप्रैल, 2013 अपनी बोलेरो का बीमा कराया था। कुछ समय बाद उनकी बोलेरो ड्राइवर नसरू के घर से चोरी हो गई।
इसकी सूचना पुलिस को देने के बाद रिपोर्ट लिखाई गई। बीमा कंपनी को भी इत्तला की गई। जो भी आवश्यक कागजात चाहिए थे वह सभी पेश कर दिए गए। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि जो भी उस वक्त गाड़ी की कीमत है वह दे दी जाएगी। कुछ समय बाद कंपनी अपने दावे से मुकर गई और क्लेम को ही निरस्त कर दिया। क्लेम निरस्त होने की वजह भी संबंधित को नहीं बताई गई।
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इस पर मनोज ने जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। इंश्योरेंस कंपनी पर आरोप लगाते हुए अपना पक्ष रखा। उपभोक्ता फोरम ने इस केस से जुड़े सभी पहलुओं पर गौर किया। दोनों पक्षों को सुना गया।
फोरम के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, सदस्य सूफिया असरफ व रामबाबू केवट ने अपना फैसला सुना दिया। जनरल इंश्योरेंस कंपनी के चेन्नई, लखनऊ, आगरा और मथुरा कार्यालय के प्रबंधकों को 5,19,853 रुपये अदा किए जाने और 30 दिनों में मय ब्याज व वाद व्यय के पूर्ण धनराशि जमा कराने का निर्णय सुनाया है।
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इस इंश्योरेंस कंपनी के आगरा स्थित कार्यालय से मथुरा के शास्त्री नगर निवासी मनोज कुमार शर्मा ने 24 अप्रैल, 2013 अपनी बोलेरो का बीमा कराया था। कुछ समय बाद उनकी बोलेरो ड्राइवर नसरू के घर से चोरी हो गई।
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इसकी सूचना पुलिस को देने के बाद रिपोर्ट लिखाई गई। बीमा कंपनी को भी इत्तला की गई। जो भी आवश्यक कागजात चाहिए थे वह सभी पेश कर दिए गए। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि जो भी उस वक्त गाड़ी की कीमत है वह दे दी जाएगी। कुछ समय बाद कंपनी अपने दावे से मुकर गई और क्लेम को ही निरस्त कर दिया। क्लेम निरस्त होने की वजह भी संबंधित को नहीं बताई गई।
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इस पर मनोज ने जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। इंश्योरेंस कंपनी पर आरोप लगाते हुए अपना पक्ष रखा। उपभोक्ता फोरम ने इस केस से जुड़े सभी पहलुओं पर गौर किया। दोनों पक्षों को सुना गया।
फोरम के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, सदस्य सूफिया असरफ व रामबाबू केवट ने अपना फैसला सुना दिया। जनरल इंश्योरेंस कंपनी के चेन्नई, लखनऊ, आगरा और मथुरा कार्यालय के प्रबंधकों को 5,19,853 रुपये अदा किए जाने और 30 दिनों में मय ब्याज व वाद व्यय के पूर्ण धनराशि जमा कराने का निर्णय सुनाया है।