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दो दिन मनेगी धनतेरस, बनेगा शुभकारी इंद्रयोग
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मथुरा। इस बार धनतेरस का त्योहार दो दिन मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य २२ और २३ को धनतेरस पूजन और सामान की खरीद को शुभ बता रहे हैं। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग के बाद धनतेरस पर इंद्र योग अत्यंत शुभकारी है।
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता का कहना है कि धनतेरस 22 अक्तूबर को है। इस दिन द्वादशी तिथि शाम ४:38 बजे तक रहेगी। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र दोपहर १:29 बजे तक, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग शाम ५:50 बजे तक, इसके बाद इंद्र योग है। चंद्रमा सिंह राशि में। प्रदोष काल में (सूर्यास्त के समय) त्रयोदशी होने से धनतेरस और धंवंतरि जयंती का त्योहार इसी दिन मान्य रहेगा। खरीदारी 23 अक्तूबर को शाम तक की जा सकती है।
ज्योतिषाचार्य अजय तैलंग का कहना है कि धनतेरस 22 अक्तूबर को है। पूजा का मुहूर्त शाम 07:01 मिनट से रात 08:17 बजे तक है। पूजा के लिए करीब सवा घंटे का समय प्राप्त होगा। शुभ मुहूर्त में धन त्रयोदशी लक्ष्मी पूजन किया जा सकता है। सामान की खरीद २३ को भी कर सकते हैं। आचार्य बनवारी लाल गौड़ का कहना है कि 23 अक्तूबर को धंवंतरि जयंती, दीपदान लक्ष्मी पूजन शाम को 6:00 से 8:30 के बीच में श्रेष्ठ माना जाएगा। ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी के अनुसार भगवान धनवंतरी का पूजन मुहूर्त 23 अक्तूबर को शाम 05:44 बजे से 06: 05 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल का समय शाम 5:44 बजे से रात 8:16 मिनट तक और वृषभ काल का समय शाम 6:58 बजे से रात 8:54 मिनट तक रहेगा। नई वस्तु इस दिन खरीदी जाती है।
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ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता का कहना है कि धनतेरस 22 अक्तूबर को है। इस दिन द्वादशी तिथि शाम ४:38 बजे तक रहेगी। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र दोपहर १:29 बजे तक, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और ब्रह्म योग शाम ५:50 बजे तक, इसके बाद इंद्र योग है। चंद्रमा सिंह राशि में। प्रदोष काल में (सूर्यास्त के समय) त्रयोदशी होने से धनतेरस और धंवंतरि जयंती का त्योहार इसी दिन मान्य रहेगा। खरीदारी 23 अक्तूबर को शाम तक की जा सकती है।
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ज्योतिषाचार्य अजय तैलंग का कहना है कि धनतेरस 22 अक्तूबर को है। पूजा का मुहूर्त शाम 07:01 मिनट से रात 08:17 बजे तक है। पूजा के लिए करीब सवा घंटे का समय प्राप्त होगा। शुभ मुहूर्त में धन त्रयोदशी लक्ष्मी पूजन किया जा सकता है। सामान की खरीद २३ को भी कर सकते हैं। आचार्य बनवारी लाल गौड़ का कहना है कि 23 अक्तूबर को धंवंतरि जयंती, दीपदान लक्ष्मी पूजन शाम को 6:00 से 8:30 के बीच में श्रेष्ठ माना जाएगा। ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी के अनुसार भगवान धनवंतरी का पूजन मुहूर्त 23 अक्तूबर को शाम 05:44 बजे से 06: 05 मिनट तक रहेगा। प्रदोष काल का समय शाम 5:44 बजे से रात 8:16 मिनट तक और वृषभ काल का समय शाम 6:58 बजे से रात 8:54 मिनट तक रहेगा। नई वस्तु इस दिन खरीदी जाती है।
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