फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Devotees thronged to see procession of Mudiya saints dancing and chanting Harinam in Mathura

मुड़िया पूर्णिमा मेला: एक बार फिर जीवंत हो उठी 466 साल पुरानी गुरु-शिष्य परंपरा, भक्तों ने की पुष्पवर्षा

Mon, 03 Jul 2023 09:59 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, मथुरा
अमर उजाला, मथुरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 03 Jul 2023 09:59 PM IST
सार

मथुरा में मुड़िया पूर्णिमा मेले का पांच दिवसीय उत्सव के बाद समापन हो गया। इस मौके पर एक बार फिर 466 साल पुरानी गुरु-शिष्य परंपरा जीवंत हो उठी। इस दौरान शोभायात्रा पर भक्तों ने पुष्पवर्षा की। 

विज्ञापन
Devotees thronged to see procession of Mudiya saints dancing and chanting Harinam in Mathura
मुड़िया पूर्णिमा मेला: एक बार फिर जीवंत हो उठी 466 साल पुरानी गुरु-शिष्य परंपरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीर्थनगरी मथुरा में ढोल, मजीरा, मृदंग की थाप नाचते और हरिनाम करते मुड़िया संत, पीछे श्रद्धालुओं का रैला और पुष्प वर्षा करते अनुयायी। कुछ ऐसा ही दृश्य था सोमवार सुबह और शाम को निकली मुड़िया संतों की शोभायात्रा का। सबसे आगे बग्घी में सनातन गोस्वामी के चित्रपट की भव्य झांकी सजाई गई। मानसी गंगा की परिक्रमा करते हुए मुड़िया संतों ने चकलेश्वर से ऐतिहासिक शोभायात्रा प्रारंभ की। देशभर से आए लाखों श्रद्धालु इस शोभायात्रा के साक्षी बने। इसी के साथ पांच दिवसीय 467वें मुड़िया मेले का समापन हो गया।

विज्ञापन


मुड़िया संतों ने शोभायात्रा निकाल कर 466 वर्ष पुरानी गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वाह किया। महंतों की अगुवाई में निकली शोभायात्रा में मुड़िया संत नाचते-गाते हुए चल रहे थे। वाद्य यंत्रों की धुन पर सनातन गोस्वामी के डोले के साथ नगर में भ्रमण किया। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का पुष्पवर्षा करके स्वागत किया। इस बीच मुड़िया संतों ने चकलेश्वर महादेव की पूजा की। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः- Video: भाजपा सांसद के बाद विधायक ने बीच चौराहे पुलिस को हड़काया, बोले- वर्दी का ख्याल है नहीं तो यहीं ठोकेंगे

विज्ञापन
विज्ञापन

शोभायात्रा श्री राधा श्याम सुंदर मंदिर से सुबह करीब दस बजे महंत रामकृष्ण दास महाराज के सानिध्य में निकाली गई। इसमें पं.बंगाल, बिहार, ओडिशा, बांग्लादेश से बड़ी संख्या में आए संतजन शामिल हुए। शोभायात्रा को देखने के लिए यूपी के साथ राजस्थान, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश के लाखों श्रद्धालु साक्षी बने। इस दौरान मुड़िया संत हरिनाम संकीर्तन के साथ नृत्य करते हुए निकले तो उनके आगे हर व्यक्ति नतमस्तक हो गया। 
 

Devotees thronged to see procession of Mudiya saints dancing and chanting Harinam in Mathura
Mathura News: श्रीगिरिराज के दर्शन को लगी श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालु गुरु भक्ति के रंग में रगे नजर आए और कीर्तन करने लगे। यह शोभायात्रा श्रीराधा-श्याम सुंदर मंदिर से प्रारंभ होकर दसविसा, हरिदेवजी मंदिर, दानघाटी मंदिर, डीग अड्डा, बड़ा बाजार, हाथी दरवाजा होते हुए पुनः मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। मांट क्षेत्र के विधायक राजेश चौधरी, गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठाकुर मेधश्याम, एमएलसी ठाकुर ओमप्रकाश सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि मनीष लंबरदार आदि इस दौरान मौजूद रहे।

यह भी पढ़ेंः- Agra News: प्रेम विवाह के बाद बढ़ा खर्च तो करने लगा लूटपाट, पुलिस ने पकड़ा तो किए हैरान करने वाले खुलासे

 

वहीं शाम करीब पांच बजे चकलेश्वर स्थित चैतन्य महाप्रभु मंदिर से महंत गोपालदास महाराज के सानिध्य में गौड़ीय संतों ने भव्य मुड़िया शोभायात्रा निकाली। आगे सनातन गोस्वामी महाराज का सुगंधित पुष्पों और लता-पताओं से सजा डोला चल रहा था। इसके आगे मुड़िया संत झांझ, मजीरा और मृदंग बजाने के साथ ही नृत्य करते चल रहे थे। इन सतों के साथ देश के कई राज्यों से आए संतजन भी भावपूर्ण नृत्य करते हुए सनातन गोस्वामी का स्मरण करते दिखे। 
 

वाद्य यंत्रों के साथ हरिनाम संकीर्तन की गूंज से गिरिराजजी की तलहटी गुंजायमान हो उठी। गुरु भक्ति का यह अदभुत नजारा देख हर कोई मंत्रमुग्ध होकर संकीर्तन करने को मजबूर हो गया। कीर्तन मंडलियों के साथ निकाली गई शोभायात्रा सनातन गोस्वामी की भजन कुटी से चलकर हरिदेव मंदिर, छोटा बाजार, दानघाटी, बड़ा बाजार, हाथी दरवाजा होते हुए पुनः भजन कुटी पर पहुंच कर संपन्न हुई। 

यह भी पढ़ेंः- ताजमहल में ससुर और दामाद में चले लात-घूंसे: फट गया सिर, पश्चिम बंगाल से परिवार के साथ घूमने आए थे

 

इस बीच जगह-जगह भक्तों ने शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर एवं महंत व सतों को पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया। इससे पहले राधाकुंड से आए महन्त केशव दास महाराज के निर्देशन में गायक काजल कृष्ण दास द्वारा श्रीपाद सनातन गोस्वामी की समाधि पर सूचक गान कर उनके जीवन का गुणगान किया गया। 

महंत गोपालदास महाराज ने बताया कि पं. बंगाल से करीब 500 वर्ष पूर्व आकर सनातन गोस्वामी पाद ने यहां गिरिराज महाराज की परिक्रमा और भजन किया। प्रभु भक्ति में रत सनातन गोस्वामी को चकलेश्वर में पूर्णिमा के दिन गोलोकवास होने पर उनके अनुयायी एवं संतों ने सिर मुड़वाकर नगर भ्रमण किया। तभी से इस पर्व का नाम मुड़िया पूर्णिमा पड़ गया।

यह भी पढ़ेंः- UP News: आधी रात को पत्नी के कमरे में था अंजान शख्स, शोर सुनकर पहुंचा पति, नजारा देख छूट गए पसीना
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed