कार में फंस 12 KM घिसटता रहा शवः 'सपनों को साकार करने की थी जिद, पढ़ाई के साथ की नौकरी, पेपर देने आ रहा था घर'
यमुना एक्सप्रेस-वे पर जिस कार के पीछे की तरफ शव फंसा था, उसके चालक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ आगरा से एक शादी समारोह से लौट रहा था। उन्हें नहीं पता था कि कार के नीचे शव फंसा है। टोलकर्मियों ने बताया कि कार के पीछे की तरफ मृतक का स्वेटर फंसा रह गया था।
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मामला है उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के मांट थाना क्षेत्र का। यहां यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक तेज रफ्तार वाहन चालक ने युवक को कुचल दिया। इसके बाद उसका शव एक कार में फंस गया। कार चालक ने बिना कोई रहम दिखाए उसे करीब 12 किलोमीटर तक घसीटता रहा। आशंका है कि उसे इस बात का आभास नहीं रहा होगा।
रिजपाल के भाई शिशुपाल ने बताया कि उसका भाई पिछले डेढ़ साल से गुरुग्राम में ब्लू डार्ट कोरियर कंपनी में कैंटर चला रहा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। अगले महीने से उसकी परीक्षा थी। घर की परिस्थितियों के कारण नौकरी करना मजूबरी थी। लेकिन. उसने पढ़ाई भी नहीं छोड़ी। इसी कारण वह गांव उरैंग, इटावा के लिए सोमवार रात 8.30 बजे निकला। मंगलवार शाम 4 बजे उन्हें पुलिस से उसकी मौत की सूचना मिली है।
कार सवारों को नहीं चला पता
यमुना एक्सप्रेस-वे पर जिस कार के पीछे की तरफ शव फंसा था, उसके चालक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ आगरा से एक शादी समारोह से लौट रहा था। उन्हें नहीं पता था कि कार के नीचे शव फंसा है। टोलकर्मियों ने बताया कि कार के पीछे की तरफ मृतक का स्वेटर फंसा रह गया था। उसके चलते शव घसीटता हुआ टोल तक आया। अगर उन्हें नहीं पता चलता तो शव की ऐसी हालत हो जाती कि टुकड़े भी नहीं मिलते।
सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल
कार पर प्रधान लिखा है। इसकी फोटो घटना की जानकारी के बाद सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हुई। उधर, फॉरेंसिक टीम ने भी कार के आगे और पीछे से महत्वपूर्ण सेंपल जुटाए हैं। फिलहाल पुलिस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
एक्सप्रेसवे पर पुलिस पेट्रोलिंग फेल
यमुना एक्सप्रेस वे पर कंझावला जैसी घटना होने के बाद से पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हादसा माइल स्टोन 106 पर हुआ और शव करीब 11 किमी. तक कार के नीचे फंसा रहा। जाबरा टोल के माइल स्टोन 95 तक आने तक किसी की इस पर नजर नहीं गई। एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह पुलिस की तैनाती न होना पेट्रोलिंग पर सवाल खड़ा करता है।
पुलिस घटना के बारे में कर रही जांच
पुलिस को अभी तक यह ही नहीं पता चला है कि कार से टकराकर युवक का शव फंसा या फिर किसी अन्य वाहन की टक्कर से रिजपाल की मौत के बाद शव सड़क पर पड़ा था। एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि कार के पिछले हिस्से में फंसा शव 11 किमी. तक घसीटता रहा। चालक और सीसीटीवी फुटेज से घटना की हकीकत का पता लगा रहे हैं। हादसा कहां और कितने बजे व किस तरह हुआ है, इसकी जांच कर रहे हैं।