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न्यायालय के आदेश पर खोला गया दानघाटी मंदिर का सील रिकॉर्ड रूम
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गोवर्धन के दानघाटी मंदिर के रिकॉर्ड रूम को न्यायालय के आदेश पर खोला गया।
- फोटो : MATHURA
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गोवर्धन (मथुरा)। करीब सवा साल पूर्व ठेका की धनराशि हड़पने के मामले में दानघाटी मंदिर के सील किए गए रिकॉर्ड रूम, कंप्यूटर कक्ष और अन्य सामान के दो कमरों को न्यायालय द्वारा गठित टीम के निर्देशन में शुक्रवार को खोला गया। खजाने व रिकॉर्ड को कस्टडी में लेने के बाद ताला लगा दिया गया।
करीब सवा साल पूर्व गिरिराज सेवक के मंत्री रमाकांत कौशिक ने आरोप लगाया था कि दानघाटी मंदिर के प्रबंधक डालचंद चौधरी सेवा ठेका की संपूर्ण राशि बैंक खाते में जमा नहीं कर रहे हैं। 25 मई 2019 को प्रबंधक के खिलाफ करोड़ों के गबन के आरोप में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। 28 मई, 2019 को प्रबंधक को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था।
उसी दौरान जेल में बंद मंदिर के प्रबंधक डालचंद चौधरी ने याचिका दाखिल कर मंदिर के कोषागार में रखी करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि और उपहारों की सुरक्षा के लिए खजाने को सील करने की गुहार लगाई थी। प्रबंधक द्वारा धनराशि हड़पने के मामले में क्राइम ब्रांच द्वारा चार्जशीट लगा दी गई थी। कोर्ट ने सभी का पक्ष जानने के बाद खजाने को सील करने के आदेश दिए थे। उस समय मंदिर के रिकॉर्ड रूम कंप्यूटर कक्ष आदि को सील किया। करीब सवा साल से प्रबंधक जेल में है।
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शुक्रवार को न्यायालय की पांच सदस्यों की टीम को रिकार्ड रूम व खजाने को वीडियोग्राफी के साथ खोलने के आदेश पारित किए थे। आदेश के अनुपालन में कमेटी की मौजूदगी में सील को तुड़वाकर कमरे को खोल सभी दस्तावेजों व खेरीज के खजाने को कस्टडी में ले लिया। इसे कार्यवाही पूर्ण होने पर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
दानघाटी मंदिर के मुनीम अशोक कुमार ने बताया कि न्यायालय द्वारा गठित टीम की देखरेख में सील खोलने की प्रक्रिया की गई है। मंदिर के अंदर गोलक, दान पेटी व अन्य धनराशि को खाते में जमा कराया जा रहा है। सभी आदेश न्यायालय के आदेश के अनुसार पालन किए जा रहे हैं।
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करीब सवा साल पूर्व गिरिराज सेवक के मंत्री रमाकांत कौशिक ने आरोप लगाया था कि दानघाटी मंदिर के प्रबंधक डालचंद चौधरी सेवा ठेका की संपूर्ण राशि बैंक खाते में जमा नहीं कर रहे हैं। 25 मई 2019 को प्रबंधक के खिलाफ करोड़ों के गबन के आरोप में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। 28 मई, 2019 को प्रबंधक को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था।
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उसी दौरान जेल में बंद मंदिर के प्रबंधक डालचंद चौधरी ने याचिका दाखिल कर मंदिर के कोषागार में रखी करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि और उपहारों की सुरक्षा के लिए खजाने को सील करने की गुहार लगाई थी। प्रबंधक द्वारा धनराशि हड़पने के मामले में क्राइम ब्रांच द्वारा चार्जशीट लगा दी गई थी। कोर्ट ने सभी का पक्ष जानने के बाद खजाने को सील करने के आदेश दिए थे। उस समय मंदिर के रिकॉर्ड रूम कंप्यूटर कक्ष आदि को सील किया। करीब सवा साल से प्रबंधक जेल में है।
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शुक्रवार को न्यायालय की पांच सदस्यों की टीम को रिकार्ड रूम व खजाने को वीडियोग्राफी के साथ खोलने के आदेश पारित किए थे। आदेश के अनुपालन में कमेटी की मौजूदगी में सील को तुड़वाकर कमरे को खोल सभी दस्तावेजों व खेरीज के खजाने को कस्टडी में ले लिया। इसे कार्यवाही पूर्ण होने पर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
दानघाटी मंदिर के मुनीम अशोक कुमार ने बताया कि न्यायालय द्वारा गठित टीम की देखरेख में सील खोलने की प्रक्रिया की गई है। मंदिर के अंदर गोलक, दान पेटी व अन्य धनराशि को खाते में जमा कराया जा रहा है। सभी आदेश न्यायालय के आदेश के अनुसार पालन किए जा रहे हैं।