{"_id":"5e1774648ebc3e881d0fa25e","slug":"cultural-programme-in-govardhan-mathura-news-agr42402233","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटा से आए भक्तों ने गिरिराज जी को लगाए छप्पन भोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटा से आए भक्तों ने गिरिराज जी को लगाए छप्पन भोग
विज्ञापन
गोवर्धन में मानसी गंगा मुकुट मुखारविंद मंदिर सजाया फूल बंगला व छप्पन भोग दर्शन।
- फोटो : MATHURA
गोवर्धन में श्री गिर्राज धरण सेवा समिति कोटा राजस्थान की ओर से मानसी गंगा मुकुट मुखारविंद मंदिर पर बृहस्पतिवार को गिरिराज जी का छप्पन भोग महोत्सव हुआ। गिरिराज जी का पंचामृत से अभिषेक किया गया। भक्तों ने राजा वाले मंदिर तलहटी से मानसी गंगा तक छप्पन भोग मनोरथ की शोभायात्रा निकाली।
शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर दूध-दही की मटकी व भोग की छबरी लेकर चल रही थीं। बैंडबाजे की धुन पर राजस्थानी कृष्ण भक्ति के कान्हा म्हारा धीरे बजा रे बांसुरी, कानूड़ों का दिल ले गई गूजरी, सांवरा दिखा थारी मुरली को कमाल आदि पर भक्त नाचते गाते चल रहे थे। समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप पारेता ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की भूमि पर 15 वर्ष से छप्पन भोग, मानसी गंगा व यमुना जी में चुनरी मनोरथ का आयोजन किया जा रहा है। गुलाब चंद नागर, नरेश राठौर ने बताया कि गिरिराज जी का आकर्षक फूल बंगला व स्वर्ण व रजत आभूषणों से श्रंगार किया गया है। 10 जनवरी सुबह 8 बजे से परिक्रमा में प्रसाद वितरित किया जाएगा। संरक्षक जगदीश कुमार सेनी, अध्यक्ष रामस्वरूप पारता, मंत्री गुलाब चंद नागर, कोषाध्यक्ष छीतर लाल यादव, बाबूलाल कछवाह, तेजकरण गुप्ता आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
शोभायात्रा में महिलाएं सिर पर दूध-दही की मटकी व भोग की छबरी लेकर चल रही थीं। बैंडबाजे की धुन पर राजस्थानी कृष्ण भक्ति के कान्हा म्हारा धीरे बजा रे बांसुरी, कानूड़ों का दिल ले गई गूजरी, सांवरा दिखा थारी मुरली को कमाल आदि पर भक्त नाचते गाते चल रहे थे। समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप पारेता ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की भूमि पर 15 वर्ष से छप्पन भोग, मानसी गंगा व यमुना जी में चुनरी मनोरथ का आयोजन किया जा रहा है। गुलाब चंद नागर, नरेश राठौर ने बताया कि गिरिराज जी का आकर्षक फूल बंगला व स्वर्ण व रजत आभूषणों से श्रंगार किया गया है। 10 जनवरी सुबह 8 बजे से परिक्रमा में प्रसाद वितरित किया जाएगा। संरक्षक जगदीश कुमार सेनी, अध्यक्ष रामस्वरूप पारता, मंत्री गुलाब चंद नागर, कोषाध्यक्ष छीतर लाल यादव, बाबूलाल कछवाह, तेजकरण गुप्ता आदि मौजूद थे।
विज्ञापन