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यज्ञशाला में तीन की मौत, हंगामे के बाद बंद हुआ बाजार
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Sat, 10 Jan 2015 12:18 AM IST
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शुक्रवार सुबह बांके बिहारी मंदिर के सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी की यज्ञशाला में तीन युवकों मनोज, आकाश और कल्याण के शव मिलने से सनसनी फैल गई। पहले अंगीठी जलाकर सोने और दम घुटने के कारण मौत होने की बात कही गई। मौके पर अंगीठी नहीं मिलने और संदिग्ध हालात देख परिवारीजन भड़क गए। उन्होंने सेवायत के घर पर हमला बोल दिया।
आनंद किशोर गोस्वामी का पक्ष लेने पर एक अन्य सेवायत अलौकिक के साथ मारपीट की गई, उसकी स्कूटी और पास में खड़ी एक बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया। हंगामा बढ़ते ही बांके बिहारी मंदिर से विद्यापीठ तक के बाजार की दुकानें बंद हो गईं।
श्रद्धालु भी सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। जिले भर से पुलिस और पीएसी बुला ली गई। कल्याण के पिता भगवान सिंह ने तीनों की हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई और इसमें सेवायत आनंद गोस्वामी, उसके भाई जुगल गोस्वामी, छोटू व लाला को नामजद किया है।
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मरने वाले तीनों युवक गांव जहांगीरपुर के रहने वाले थें। आकाश और मनोज सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी की यज्ञशाला पर हलवाई का कार्य करते थें। गुरुवार की रात गांव का ही कल्याण भी इनके साथ यज्ञशाला पर रुका था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे यज्ञशाला पहुंचे कर्मचारी सोनू ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन जब काफी देर तक अंदर से कोई नहीं आया तो वह छत से होकर सीढ़ियों से अंदर गया। एक कमरे में तीनों मृत अवस्था में पड़े थे।
दो के शव तख्त पर थे, जबकि एक का शव जमीन पर पड़ा था। एक युवक के मुंह से झाग और दूसरे के मुंह से उलटी निकली हुई थी। सूचना पर एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी सिटी मनोज सोनकर, सीओ सदर, सीओ सिटी मौके पर पहुंच गए। थाना वृंदावन के अलावा गोविंद नगर, हाइवे, सदर, रिफायनरी आदि थानों की पुलिस के अलावा पीएसी और स्वाट टीम को भी बुला लिया गया।
एसएसपी ने के रिपोर्ट दर्ज कराने के आश्वासन के बाद ही ने शवों को कमरे से उठने दिया। पुलिस तीनों शवों को टेंपो में लेकर कुछ ही दूर ही चली थी कि बैंक आफ बड़ौदा के पास ग्रामीणों ने टेंपो रोककर शवों को फिर से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मामले का संभाल लिया। भगवान सिंह का कहना हैं कि उसका बेटा कल्याण पहले यज्ञशाला में काम करता था। आनंद किशोर गोस्वामी काम कराने के बाद पैसे देने में आनाकानी करते थे। पिछले दिनों कल्याण ने आनंद के यहां से नौकरी छोड़ दी थी। गुरुवार को आनंद गोस्वामी के बुलाने पर ही कल्यांण यहां आया और मनोज एवं आकाश के पास यहां रूक गया।
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आनंद किशोर गोस्वामी का पक्ष लेने पर एक अन्य सेवायत अलौकिक के साथ मारपीट की गई, उसकी स्कूटी और पास में खड़ी एक बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया। हंगामा बढ़ते ही बांके बिहारी मंदिर से विद्यापीठ तक के बाजार की दुकानें बंद हो गईं।
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श्रद्धालु भी सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े। जिले भर से पुलिस और पीएसी बुला ली गई। कल्याण के पिता भगवान सिंह ने तीनों की हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई और इसमें सेवायत आनंद गोस्वामी, उसके भाई जुगल गोस्वामी, छोटू व लाला को नामजद किया है।
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मरने वाले तीनों युवक गांव जहांगीरपुर के रहने वाले थें। आकाश और मनोज सेवायत आनंद किशोर गोस्वामी की यज्ञशाला पर हलवाई का कार्य करते थें। गुरुवार की रात गांव का ही कल्याण भी इनके साथ यज्ञशाला पर रुका था। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे यज्ञशाला पहुंचे कर्मचारी सोनू ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन जब काफी देर तक अंदर से कोई नहीं आया तो वह छत से होकर सीढ़ियों से अंदर गया। एक कमरे में तीनों मृत अवस्था में पड़े थे।
दो के शव तख्त पर थे, जबकि एक का शव जमीन पर पड़ा था। एक युवक के मुंह से झाग और दूसरे के मुंह से उलटी निकली हुई थी। सूचना पर एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी सिटी मनोज सोनकर, सीओ सदर, सीओ सिटी मौके पर पहुंच गए। थाना वृंदावन के अलावा गोविंद नगर, हाइवे, सदर, रिफायनरी आदि थानों की पुलिस के अलावा पीएसी और स्वाट टीम को भी बुला लिया गया।
एसएसपी ने के रिपोर्ट दर्ज कराने के आश्वासन के बाद ही ने शवों को कमरे से उठने दिया। पुलिस तीनों शवों को टेंपो में लेकर कुछ ही दूर ही चली थी कि बैंक आफ बड़ौदा के पास ग्रामीणों ने टेंपो रोककर शवों को फिर से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मामले का संभाल लिया। भगवान सिंह का कहना हैं कि उसका बेटा कल्याण पहले यज्ञशाला में काम करता था। आनंद किशोर गोस्वामी काम कराने के बाद पैसे देने में आनाकानी करते थे। पिछले दिनों कल्याण ने आनंद के यहां से नौकरी छोड़ दी थी। गुरुवार को आनंद गोस्वामी के बुलाने पर ही कल्यांण यहां आया और मनोज एवं आकाश के पास यहां रूक गया।