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कोआपरेटिव बैंक के रिकवरी मैनेजर ने जहर खाकर जान दी
अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:35 PM IST
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झम्मनलाल
- फोटो : अमर उजाला
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अलवर (राजस्थान) की अरबन कोआपरेटिव बैंक के रिकवरी आफिसर झम्मनलाल ने यहां गोवर्धन की एक धर्मशाला में जहर खाकर जान दे दी। उनका शव नग्नावस्था में फर्श पर पड़ा मिला। कोई सुइसाइड नोट तो नहीं मिला है लेकिन पुलिस का कहना है कि 15 करोड़ का एक घपला हुआ था जिसमें बैंक के कर्मचारियों के साथ झम्मन लाल से भी पूछताछ हो रही थी।
गोवर्धन से अलवर तक सनसनी बनने वाली आत्महत्या की ये घटना कस्बे के बड़ा बाजार में स्थित सोमवंशीय धर्मशाला की है। मंगलवार की सुबह को जब धर्मशाला के प्रथम तल पर बने कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो धर्मशाला कर्मी बलराम की पत्नी ने उसे सूचना दी। इस कमरे में सोमवार की शाम को आकर अलवर निवासी झम्मनलाल ठहरे थे। बलराम ने पहुंचकर कमरे का गेट खटखटाया। मगर कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांककर देखा तो झम्मनलाल फर्श पर पड़े थे। उनके शरीर के कपड़े भी अलग पड़े थे।
सूचना पाकर गोवर्धन पुलिस यहां पहुंची और कमरे को खोला। झम्मनलाल के शव के पास पानी की बोतल, दूध का कुल्हड़ और सल्फास का पैकेट पड़ा था। कमरे से दुर्गंध आ रही थी। कपड़ों से मिले ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक के आई कार्ड के माध्यम से परिवार वालों को सूचना दी गई। परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए थे।
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झम्मनलाल के बेटे कार्तिक ने बताया कि उनके पिता अलवर अरबन कोआपरेटिव बैंक में सहायक रिकवरी आफिसर के पद पर तैनात थे। सोमवार को घर से जयपुर तक जाने की कहकर निकले थे। अपना मोबाइल भी घर पर ही भूल गए थे। परिवार वालों ने बताया कि बैंक में 15 करोड़ का कोई घोटाला सामने आया है। उसमें उसके पिता से भी पूछताछ की जा रही थी। जबकि उनका कोई लेना-देना नहीं था। वो इससे तनाव में रहते थे। माना जा रहा है कि इसी तनाव के चलते उन्होंने ये आत्मघाती कदम उठा लिया।
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गोवर्धन से अलवर तक सनसनी बनने वाली आत्महत्या की ये घटना कस्बे के बड़ा बाजार में स्थित सोमवंशीय धर्मशाला की है। मंगलवार की सुबह को जब धर्मशाला के प्रथम तल पर बने कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो धर्मशाला कर्मी बलराम की पत्नी ने उसे सूचना दी। इस कमरे में सोमवार की शाम को आकर अलवर निवासी झम्मनलाल ठहरे थे। बलराम ने पहुंचकर कमरे का गेट खटखटाया। मगर कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांककर देखा तो झम्मनलाल फर्श पर पड़े थे। उनके शरीर के कपड़े भी अलग पड़े थे।
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सूचना पाकर गोवर्धन पुलिस यहां पहुंची और कमरे को खोला। झम्मनलाल के शव के पास पानी की बोतल, दूध का कुल्हड़ और सल्फास का पैकेट पड़ा था। कमरे से दुर्गंध आ रही थी। कपड़ों से मिले ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक के आई कार्ड के माध्यम से परिवार वालों को सूचना दी गई। परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए थे।
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झम्मनलाल के बेटे कार्तिक ने बताया कि उनके पिता अलवर अरबन कोआपरेटिव बैंक में सहायक रिकवरी आफिसर के पद पर तैनात थे। सोमवार को घर से जयपुर तक जाने की कहकर निकले थे। अपना मोबाइल भी घर पर ही भूल गए थे। परिवार वालों ने बताया कि बैंक में 15 करोड़ का कोई घोटाला सामने आया है। उसमें उसके पिता से भी पूछताछ की जा रही थी। जबकि उनका कोई लेना-देना नहीं था। वो इससे तनाव में रहते थे। माना जा रहा है कि इसी तनाव के चलते उन्होंने ये आत्मघाती कदम उठा लिया।