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जवाहर बाग में जुटनी थी पचास हजार की भीड़

Fri, 10 Jun 2016 12:13 AM IST
पुनीत शर्मा, अमर उजाला मथुरा
पुनीत शर्मा, अमर उजाला मथुरा Updated Fri, 10 Jun 2016 12:13 AM IST
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rambraksh want gathered fifty thousand crowd of in Jawahar
jawahar bagh
एक तरफ जहां प्रशासन जवाहर बाग को खाली कराने के लिए रिहर्सल कर रहा था, दूसरी ओर कब्जाधारी भी जवाहर बाग में करीब पचास हजार लोगों को एकत्र कर बड़े संघर्ष की तैयारी कर रहे थे। साथ ही शासन-प्रशासन पर दबाव भी बनाना चाहते थे। इसके लिए रामवृक्ष ने झारखंड, मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अपनी टीमें रवाना कर दी थी। अपनों को ढूंढने के लिए मथुरा पहुंचे लोगों ने इसका खुलासा किया है।
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जवाहर बाग पर पिछले ढाई साल से कब्जा जमाने वाला रामवृक्ष प्रशासन के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा था और उसने 27 मई को जवाहर बाग में  एक बैठक कर अपने कारिंदों को  पचास हजार की भीड़ जुटाने लक्ष्य सौंप दिया था। चंदनबोस के हाथ में पूरी कमान थी।
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वही भीड़ को यहां तक लाने के लिए गाड़ियां मुहैया कराता। कुछ जगह लोगों से अपने संसाधनों से पहुंचने के लिए कहा गया था। जो लोग आने में असमर्थता जता रहे थे, उनसे यहां पहुंचने वाले लोगों के लिए खाने-पानी की व्यवस्था और आर्थिक मदद देने की अपील की जा रही थी। कहीं से आलू मांगे जा रहे थे तो कहीं से चावल, गेहूं और चीनी।
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रामवृक्ष जवाहर बाग में भारी भीड़ जुटा कर शासन और प्रशासन को दबाव में लेना चाहता था। सूत्रों का कहना है कि रामवृक्ष यह भी दबाव बना सकता था कि जवाहर बाग को उसके नाम कर दिया जाए। सरकार पहले से ही इसके लिए तैयार हो चुकी थी मगर प्रशासन की रिपोर्ट के बाद फैसला लेने में दिक्कत हो रही थी।

बाग में अतिरिक्त तंबू लगने लगे थे
जवाहर बाग में भी इसकी तैयारियां शुरू हो गई थीं। अतिरिक्त तंबू लगाए जा रहे थे। पुलिस के पास भी इसकी रिपोर्ट पहुंच गई थी। तभी तो प्रशासन अचानक एक्टिव हुआ और बाग को खाली कराने की कवायद शुरू की। तत्कालीन डीएम राजेश कुमार और एसएसपी डा. राकेश सिंह ने दो जून को प्रेस कांफ्रेंस करके इशारा कर दिया था कि जवाहर बाग खाली कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि संख्या लगातार बढ़ रही है।

बाबा जयगुरुदेव जिंदा हैं जवाहर बाग में दर्शन देंगे
रामवृक्ष के लोगों ने जयगुरुदेव के अनुयायियों को यह कहकर बहकाया था कि बाबा जयगुरुदेव जिंदा हैं और जवाहर बाग में दर्शन देंगे। जिसे भी उनके अंतिम दर्शन करने हैं वह मथुरा पहुंचे। अपने पिता रामसेवक दुबे को तलाशते हुए मथुरा पहुंचे कन्नौज के छोछापुर निवासी संजू दुबे ने बताया कि बाबा जयगुरुदेव के मरने के बाद उनके पिता ने भी आश्रम में जाना बंद कर दिया था।


लेकिन रामवृक्ष के लोगों ने उनके पिता को बहकाना शुरू कर दिया था। पिता से कहा कि बाबा जयगुरुदेव जिंदा हैं। जवाहर बाग में वह अपने दर्शन देंगे। संजू ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को लाख समझाया कि मरने के बाद कोई जीवित नहीं होता है। मगर उसके पिता नहीं माने और दूसरे लोगों के साथ जवाहर बाग में आ गए थे। वह लोग उसी दिन से तलाश कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि जवाहर बाग के लिए आसपास के कई गांवों में बैठकें की जा रही थीं।
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