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शूटआउट @हाईवेः गैंगवार या पुलिस एनकाउंटर

Mon, 19 Jan 2015 06:22 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 19 Jan 2015 06:22 PM IST
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murder of ganster was gangwar or encounter?
शनिवार शाम लगभग साढ़े चार बजे जिला अस्पताल में घायल राजेश टोंटा चीख-चीखकर कह रहा था कि जेल प्रशासन उसकी हत्या की साजिश रच रहा है। उसे मरवा दिया जाएगा। लगभग सात घंटें बाद ही उसकी  बातें सच हो हुईं। मथुरा से रेफर होने के बाद आगरा जाते वक्त पुलिस अभिरक्षा में उसे गोलियों से भून दिया गया।
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पुलिस के अनुसार शनिवार की रात राजेश टोंटा को आगरा ले जाया जा रहा था। रास्ते में लाल व सफेद रंग की दो गाड़ियों में सवार होकर आए युवकों ने ओवरटेक कर एंबुलेंस को रोका और राजेश टोंटा को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें राजेश टोंटा मारा गया, वहीं एक पुलिसकर्मी और वार्ड ब्वॉय भी घायल हुए हैं। थानाध्यक्ष छाता सुरेंद्र यादव ने राजेश टोंटा की हत्या की रिपोर्ट फरह थाने में अज्ञात के खिलाफ दर्ज करा दी है। यह घटना तब हुई जबकि एसओ छाता के साथ उनके हमराह, पुलिस की एक और गाड़ी और महिला थानाध्यक्ष अपनी गाड़ी से साथ थी।  इसके बाद भी बदमाश हत्या कर फरार हो गए। पुलिस कर्मियों की ओर से जवाब में फायरिंग तक नहीं की गई। पुलिस इसे गैंगवार बताती है और टोंटा के परिवारीजन इसे प्रशासन द्वारा कराई गई हत्या बता रहे हैं। ब्रजेश मावी की हत्या में नामजद टोंटा की घेराबंदी मावी गैंग अरसे से कर रहा था। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे टोंटा के पिता उदयवीर ने यही सवाल दागा कि हर गोली आखिर उनके बेटे को ही क्यों लगी। एंबुलेंस में और भी तो लोग थे, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। पत्नी कनक ने तो शनिवार की रात को हत्या होते ही पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया था। पुलिस अधिकारी कहते हैं कि हमारा सिपाही भी घायल है लेकिन टोंटा के परिवारीजन कहते रहे कि उसे तो मामूली चोट आई है।
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सवाल
एक
ढाई घंटे तक हाईवे बंद क्यों किया गया...
अचानक रात 11:30 बजे के आसपास हाईवे बंद कर दिया गया। लोहवन निवासी वृंदावन ने बताया कि शनिवार की रात में 11:15 बजे उनकी गाड़ी को बाद चौकी पर कोहरा अधिक होने की बात कहते हुए रोक लिया। आगे जाने की जिद की तो गाड़ियों के टायर में सूजा मारकर पंक्चर कर दिया गया। इसी दौरान गैंगवार में राजेश टोंटा के मारे जाने का हल्ला मचा और बाद में पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी। लगभग ढाई घंटे तक हाईवे बंद रहा।
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दो
रिश्तेदारों को रोका
मथुरा। राजेश टोंटा को मथुरा के जिला अस्पताल से आगरा रेफर कर देने के बाद एंबुलेंस के पीछे 14 गाड़ियोें में उसके परिवारीजन, दोस्त और रिश्तेदार आगरा जा रहे थे।  राजेश टोंटा की गाड़ी आगे चल रही थी और उनकी पत्नी क नक शर्मा को लेकर जा रही महिला थानाध्यक्ष की गाड़ी पीछे थी। केवल इन्हीं दो गाड़ियों को जाने दिया और हाईवे बंद कर दिया। तलाशी लेकर सभी14 लोगों को बैठा लिया। चार लोगों के पास मिले चार लाइसेंसी हथियारोें को भी पुलिस ने अपने पास रख लिया। टोंटा के रिश्तेदारों की छह पंक्चर हुई गाड़ियां दिनभर बाद चौकी पर सड़क किनारे खड़ी रहीं। उधर फरह थाने में एडीजी क्राइम हितेश चंद्र अवस्थी  ने फरह थाने जाकर एंबुलेंस का निरीक्षण भी किया।
 तीन
विपरीत दिशा में तमंचा
फरह,( ब्यूरो)। राजेश टोंटा को गोली मारने में प्रयोग किया गया तमंचा गोली चलाए जाने की दिशा से विपरीत दिशा में पड़ा मिला। तमंचे की दिशा वारदात को संदेह पैदा कर रही है। मौके पर मथुरा से आगरा जा रही एंबुलेंस को बाएं हाथ से ओवरटेक कर निशाना बनाया गया, जबकि तमंचा दाएं हाथ की साइड पर मिला। राजेश टोंटा को आगरा ले जाने वाली एंबुलेंस के अंदर दो खोखा और एक जिंदा करतूस पुलिस ने बरामद किया। कारतूस अंदर कहां से आए, इसकी भी जानकारी पुलिस नहीं दे पा रही थी। टोंटा को आगरा ले जाने वाली एंबुलेंस में स्टेपनी ही नहीं थी। एंबुलेंस पंक्चर होने के बाद कई घंटे तक खड़ी रही। बाद में स्टेपनी लाकर एंबुलेंस का हटा कर फरह थाने लाया गया।
चार
फायरिंग होने पर पीछे हटा ली गाड़ी
फरह। टोंटा की पत्नी कनक ने वारदात स्थल पर बताया कि पति को एंबुलेंस में रखने के साथ ही उसने पुलिस कर्मियों से पति के साथ बैठने के लिए कहा लेकिन उन्होंने उसकी एक नहीं सुनी। कनक के अनुसार वह पुलिस के साथ गाड़ी में बैठी थी। एंबुलेंस के आगे और पीछे पुलिस की गाड़ियां थी। सोनाली ढाबा के पास एंबुलेंस पर फायरिंग देख उसने पुलिस को बताया, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया और अपनी गाड़ियां पीछे हटा ली। हथियार तो उठे ही नहीं।

फोटो-
मेरे बेटे को प्रशासन ने मार दिया : उदयवीर शर्मा
मथुरा। हाथरस के शातिर बदमाश राजेश शर्मा उर्फ टोंटा के पिता उदयवीर शर्मा का कहना है कि उनके बेटे को जेल से जिला अस्पताल लाने के बाद ही उसे ठिकाने लगाने का इंतजाम प्रशासन ने कर लिया था। अनुनय-विनय के बाद बस एक मिनट के लिए उससे मुलाकात कराई गई। उदयवीर बोले कि शाम चार बजे जिला अस्पताल में राजेश को लाया गया था। उसे रात्रि 11 बजे ही ले जाने का निर्णय क्योें लिया गया। उसे पांच बजे ही आगरा क्यों नहीं ले जाया गया। वहीं अब प्रशासन अक्षय को मारने का आरोप राजेश पर लगा रहा है। पिता के अनुसार उनकी बहू कनक ने बताया कि जिस वक्त राजेश पर हमला हुआ उस दौरान पुलिसकर्मियों ने कोई प्रतिरोध नहीं किया। उदयवीर कहते हैं कि राजेश की जेल बदलवाने को कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।




 
पुल से ही ओवरटेक कर रही थी मौत
फरह।  राजेश टोंटा का मौत ने बाद पुल से ही पीछा शुरू  कर दिया। टोंटा की पत्नी कनक ने बताया, सफेद ऑल्टो ने एंबुलेंस को कई बार ओवरटेक किए जाने पर उसने इसकी जानकारी दरोगा और पुलिसकर्मियों को दी, लेकिन उन्होंने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया।
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