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रिफाइनरी में तेल चोरी का बड़ा ‘खेल’

Tue, 07 Apr 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Tue, 07 Apr 2015 12:14 AM IST
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petrolium theft from refinery pipeline
गुजरात के सलाया बंदरगाह से रिफाइनरी के लिए कच्चे तेल की पाइप लाइन में एक बार फिर सेंध की घटना से सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मथुरा रिफाइनरी की भूमिगत पाइप लाइनों में सेंध लगाने की लगातार घटनाएं हो रही हैं। विगत दो साल में 12 बार। ऐसे में पुलिस की ओर से भी रिफाइनरी कर्मियों की संलिप्तता की बात कही जा रही है।
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मथुरा रिफाइनरी के लिए गुजरात के सलाया बंदरगाह से कच्चे तेल की पाइप लाइन है। रिफाइंड कर डीजल, पेट्रोल, केरोसिन, लाइट डीजल ऑयल और अन्य पेट्रोलियम पदार्थों के लिए मथुरा-जालंधर ब्रिजवासिन पाइप लाइन, मथुरा-मुंबई हाई पाइप लाइन, मथुरा-टूंडला पाइप लाइन और मथुरा से भरतपुर के लिए भूमिगत पाइप लाइन बिछी हुई है।
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इन पाइप लाइनों में दो साल में अरबों का तेल चोरी कर लिया गया। हर बार अज्ञात तेल माफियाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर रिफाइनरी अफसरों ने किनारा कर लिया। तेल चोरी में गांव भैंसा, बेरी, भुड़रसू, मॉल, सौंनोंठ तथा नगला अबुआ, धाना तेजा, बरारी गांव के कुछ युवकों के नाम आए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में ‘सेटिंग’ के आरोप लगाए गए।
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पाइप लाइनों की सुरक्षा में निजी सुरक्षा एजेंसियों की नाकाम के बावजूद उनको लगाए रखने पर भी सवाल उठ रहे हैं। ये सवाल और भी प्रभावी हो जाते हैं जब कई बार इन निजी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से तैनात सुरक्षाकर्मी तेल चोरी में फंसे मिलते हैं। एक सुरक्षाकर्मी को दो साल पूर्व पाइप लाइन में सेंधमारी और तेल चोरी के आरोप में जेल भी भेजा जा चुका है।

बिटुमिन प्लांट की तरह पेट्रोलियम पदार्थ चोरी कराने में कुछ रिफाइनरी कर्मियों की संलिप्तता लग रही है। रिफाइनरी की लाइन और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी रिफाइनरी अफसरों की है। दो साल में एक दर्जन बार हुई करोड़ोें के तेल चोरी के मामले में रिफाइनरी कर्मियों की भूमिका की जांच कराई जा रही है। पूर्व में प्रकाश में आए लोगों के जरिए तेल माफियाओें को पकड़ा जाएगा।
-मंजिल सैनी, एसएसपी

सीआईएसएफ की तैनाती टाल रहे अफसर
मथुरा। पाइप लाइनों की सुरक्षा को लेकर आठ माह पूर्व रिफाइनरी की हाई पावर सुरक्षा कमेटी की बैठक में लाइन सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ को तैनात करने की मांग की गई। लेकिन रिफाइनरी के अफसरों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। इसमें ज्यादा खर्चा बताते हुए निजी सुरक्षा एजेंसियों से सुरक्षा करना ही बेहतर बताया गया।

दो साल में 12 बार
रिफाइनरी की पाइप लाइनों में दो साल में 12 बार सेंध लगाई जा चुकी है।
-12 अप्रैल, 2013 को थाना मगोर्रा के गांव सौंनोंठ के जंगल में लगा मिला था गुजरात-सलाया पाइप लाइन में वाल्व। चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
-21 दिसंबर, 2011 को थाना फरह के गांव पीलुआ सादिकपुर में बीपीसीएल की डीजल की पाइप लाइन में तेल चोरों ने सेंध लगाई। कई लीटर डीजल खेतों और पास में बने नाले में फेला तो सेंधमारी का पता चला।

-डेढ़ साल पहले कोसीकलां के गांव खरौठ में तेल चोरों ने एक बार डीजल और एक बार पेट्रोल की लाइन में सेंध लगाई।
-छाता कोतवाली के गांव रनवारी, आजनौंठ और बिड़ावली के जंगल में तीन बार रिफाइनरी की पाइप लाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी की घटना।
- जैंत चौकी के गांव बढ़ौता के पास चौमुंहा मार्ग पर रिफाइनरी पाइप लाइन में सेंध लगाई गई।
-अगस्त, 2014 में थाना हाइवे क्षेत्र की पुष्पांजलि उपवन कालोनी के मकान के नीचे से जा रही पाइप लाइन में सेंध लगाकर तेल चोरी पकड़ी गई।
- छह माह पूर्व थाना फरह के गांव सेरसा के नगला में रिफाइनरी की पाइप लाइन में सेंध लगाई गई।

आरोपियों के पक्ष में आए सिफारिशी फोन
मथुरा। रिफाइनरी की पाइप लाइनों में सेंध लगाने के आरोपियों के पक्ष में पुलिस अधिकारियों के पास सिफारिशी फोन आने लगे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि ऐसे 24 से अधिक लोगों के फोन आए।
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