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पुलिस कस्टडी में राजेश टोंटा की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 18 Jan 2015 01:01 AM IST
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शनिवार को जिला कारागार में ब्रजेश मावी की हत्या के मामले में बंद कुख्यात राजेश टोंटा और मावी गिरोह के बीच गैंगवार हो गई। दिन में जेल में फायरिंग हुई। इसमें बंदी अक्षय सोलंकी की मौत हो गई। राजेश टोंटा समेत दो घायल हो गए।
रात करीब 11:45 बजे घायल टोंटा को उपचार के लिए आगरा ले जाते समय रास्ते में गोलियों से भून दिया गया। बदमाशों का दुस्साहस ये था कि जिस समय टोंटा पर हमला किया गया, एंबुलेंस के साथ एसओ छाता, महिला थाना एसओ और वज्र वाहन भी था।
हमला होते ही पुलिसकर्मी भाग ख़ड़े हुए। जिस समय हमला हुआ घना कोहरा था और काफिले के बीच घुसी सफेद कार में सवार बदमाशों ने एंबुलेंस पर आटोमेटिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की। एंबुलेंस में सवार कंपाउंडर सहित अन्य लोगों को भी गोली लगने की सूचना है।
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इससे पहले जिला जेल में शनिवार दोपहर करीब दो बजे से खाना बंटना शुरू हुआ। लगभग 3:30 बजे जेल की बैरक नंबर 13 में खाना दिया जा रहा था। उसी समय मावी गैंग के दीपक वर्मा, दीपक मीणा राइटर और अक्षय सोलंकी लाइन से निकलकर बैरक नंबर छह में जा घुसे और हाथरस निवासी राजेश टोंटा को लक्ष्य बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें राजेश टोंटा और राजकुमार शर्मा घायल हो गए।
इसके बाद दोनों गैंग के बदमाश आपस में भिड़ गए। टोंटा गैंग के लोगों ने सोलंकी के सिर, चेहरे पर नुकीले बर्तनों और धारदार हथियार से प्रहार किए। एक गोली उसकी किड़नी में लगी और उसने दम तोड़ दिया। दीपक वर्मा का सिर फट गया। मारपीट और बीचबचाव करने में कई अन्य बंदी भी घायल हुए हैं।
अक्षय मूल रूप से अमांपुर (कासगंज) का रहने वाला था और उसका परिवार आगरा में रहता है। चार साल पहले उसने ताजगंज (आगरा) में प्रेमिका माया के साथ मिलकर उसके माता-पिता और मौसेरी बहन की हत्या कर दी थी। मार्च, 2013 में प्रशासनिक आधार पर उसे आगरा जेल से मथुरा जेल में स्थानांतरित किया गया था। दीपक वर्मा मथुरा के कुख्यात बदमाश बबलू गौतम और वृंदावन में चार साल पहले हुई मुकुट व्यवसायी की हत्या का आरोपी है। राजकुमार का एक निजी अस्पताल, अन्य बंदियों का जेल अस्पताल में उपचार चल रहा है।
सूचना पर एसएसपी मंजिल सैनी भारी पुलिस बल के साथ जेल में पहुंची और तलाशी शुरू कराई। देर शाम डीआईजी लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार भी जेल में पहुंच गए। जेल से एक पिस्टल, एक तमंचा, 9 एमएम और 32 बोर के खोखा कारतूस मिले हैं। तलाशी में जेल से नशे का सामान भी भारी मात्रा में बरामद किया गया है।
जेल में गैंगवार पर एसएसपी ने बताया था कि मामला जेल में वर्चस्व से जुड़ा हुआ है। राजेश टोंटा लारेंस और गुड्डन को अपनी बैरक में शिफ्ट कराना चाहता था। इसी को लेकर एक सप्ताह पूर्व उसका दीपक वर्मा से झगड़ा हुआ था लेकिन जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के आदेश दिए थे।
घटना के बाद राजेश टोंटा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहीं से देर रात उसे आगरा ले जाया जा रहा था। मथुरा जिला अस्पताल में घायल राजेश टोंटा ने जेल प्रशासन पर हमला कराने का आरोप लगाया था।
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रात करीब 11:45 बजे घायल टोंटा को उपचार के लिए आगरा ले जाते समय रास्ते में गोलियों से भून दिया गया। बदमाशों का दुस्साहस ये था कि जिस समय टोंटा पर हमला किया गया, एंबुलेंस के साथ एसओ छाता, महिला थाना एसओ और वज्र वाहन भी था।
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हमला होते ही पुलिसकर्मी भाग ख़ड़े हुए। जिस समय हमला हुआ घना कोहरा था और काफिले के बीच घुसी सफेद कार में सवार बदमाशों ने एंबुलेंस पर आटोमेटिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की। एंबुलेंस में सवार कंपाउंडर सहित अन्य लोगों को भी गोली लगने की सूचना है।
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इससे पहले जिला जेल में शनिवार दोपहर करीब दो बजे से खाना बंटना शुरू हुआ। लगभग 3:30 बजे जेल की बैरक नंबर 13 में खाना दिया जा रहा था। उसी समय मावी गैंग के दीपक वर्मा, दीपक मीणा राइटर और अक्षय सोलंकी लाइन से निकलकर बैरक नंबर छह में जा घुसे और हाथरस निवासी राजेश टोंटा को लक्ष्य बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें राजेश टोंटा और राजकुमार शर्मा घायल हो गए।
इसके बाद दोनों गैंग के बदमाश आपस में भिड़ गए। टोंटा गैंग के लोगों ने सोलंकी के सिर, चेहरे पर नुकीले बर्तनों और धारदार हथियार से प्रहार किए। एक गोली उसकी किड़नी में लगी और उसने दम तोड़ दिया। दीपक वर्मा का सिर फट गया। मारपीट और बीचबचाव करने में कई अन्य बंदी भी घायल हुए हैं।
अक्षय मूल रूप से अमांपुर (कासगंज) का रहने वाला था और उसका परिवार आगरा में रहता है। चार साल पहले उसने ताजगंज (आगरा) में प्रेमिका माया के साथ मिलकर उसके माता-पिता और मौसेरी बहन की हत्या कर दी थी। मार्च, 2013 में प्रशासनिक आधार पर उसे आगरा जेल से मथुरा जेल में स्थानांतरित किया गया था। दीपक वर्मा मथुरा के कुख्यात बदमाश बबलू गौतम और वृंदावन में चार साल पहले हुई मुकुट व्यवसायी की हत्या का आरोपी है। राजकुमार का एक निजी अस्पताल, अन्य बंदियों का जेल अस्पताल में उपचार चल रहा है।
सूचना पर एसएसपी मंजिल सैनी भारी पुलिस बल के साथ जेल में पहुंची और तलाशी शुरू कराई। देर शाम डीआईजी लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार भी जेल में पहुंच गए। जेल से एक पिस्टल, एक तमंचा, 9 एमएम और 32 बोर के खोखा कारतूस मिले हैं। तलाशी में जेल से नशे का सामान भी भारी मात्रा में बरामद किया गया है।
जेल में गैंगवार पर एसएसपी ने बताया था कि मामला जेल में वर्चस्व से जुड़ा हुआ है। राजेश टोंटा लारेंस और गुड्डन को अपनी बैरक में शिफ्ट कराना चाहता था। इसी को लेकर एक सप्ताह पूर्व उसका दीपक वर्मा से झगड़ा हुआ था लेकिन जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के आदेश दिए थे।
घटना के बाद राजेश टोंटा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहीं से देर रात उसे आगरा ले जाया जा रहा था। मथुरा जिला अस्पताल में घायल राजेश टोंटा ने जेल प्रशासन पर हमला कराने का आरोप लगाया था।