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क्रिकेट के ‘नटवरलाल’ ने मथुरा में भी फंसाए खिलाड़ी
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Mon, 03 Aug 2015 11:56 PM IST
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हम पहले आपको गली क्रिकेट लीग (जीसीएल) खिलाएंगे। इसके बाद आपकी प्रतिभा के अनुसार आपकी नीलामी होगी और फिर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलने का मौका मिलेगा। आगरा में पकड़े गए क्रिकेट के नटवरलाल नदीम ने मथुरा के खिलाड़ियों को भी कुछ इस तरह झांसा दिया था।
नदीम ने दो महीने पहले मोहन पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों का ट्रायल कराया। सोची समझी साजिश के तहत इसने न केवल सरकारी स्टेडियम में खिलाड़ियों को बुलाया बल्कि गली क्रिकेट लीग के लिए स्थानीय स्तर के लोगों का सहारा लेकर प्रचार किया।
पीड़ित खिलाड़ी शुभम सारस्वत ने बताया दो माह पहले गणेशरा स्टेडियम में हुए ट्रायल में नदीम ने अपने चार लड़कों को खिलाड़ियों के चयन के लिए भेजा था। यहां खिलाड़ियों को बताया गया कि चयन होने के बाद आपको लखनऊ ले जाया जाएगा।
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यहां प्रतिभा दिखाने के बाद गोवा और मुंबई में क्रिकेट लीग में खेलने का अवसर मिलेगा। यहां चयन से वंचित खिलाड़ियों से 20-20 हजार रुपये की डिमांड की गई और उन्हें चैनल पर प्रसारण का लालच दिया। यहीं पर खिलाड़ी उसके झांसे में आ गए। शुभम ने बताया कि इसके झांसे में मथुरा के दो दर्जन खिलाड़ी हैं।
गरीब पिता ने कर्ज लेकर दिए 30000
राया के गांव नगला भामा के ईशु उपाध्याय के पिता बेहद गरीब हैं। बेटे की आंखों में क्रिकेटर बनने का ख्वाब देख पिता ने कर्ज लेकर 30000 की रकम दी। सोमवार को नदीम के स्कैंडल के खुलासे से परिवार परेशान है। शुभम और ईशु उपाध्याय सोमवार को आगरा भी गए। खिलाड़ियों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि आखिर ऐसे लोगों को सरकारी स्टेडियम कैसे उपलब्ध करा दिया जाता है।
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नदीम ने दो महीने पहले मोहन पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों का ट्रायल कराया। सोची समझी साजिश के तहत इसने न केवल सरकारी स्टेडियम में खिलाड़ियों को बुलाया बल्कि गली क्रिकेट लीग के लिए स्थानीय स्तर के लोगों का सहारा लेकर प्रचार किया।
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पीड़ित खिलाड़ी शुभम सारस्वत ने बताया दो माह पहले गणेशरा स्टेडियम में हुए ट्रायल में नदीम ने अपने चार लड़कों को खिलाड़ियों के चयन के लिए भेजा था। यहां खिलाड़ियों को बताया गया कि चयन होने के बाद आपको लखनऊ ले जाया जाएगा।
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यहां प्रतिभा दिखाने के बाद गोवा और मुंबई में क्रिकेट लीग में खेलने का अवसर मिलेगा। यहां चयन से वंचित खिलाड़ियों से 20-20 हजार रुपये की डिमांड की गई और उन्हें चैनल पर प्रसारण का लालच दिया। यहीं पर खिलाड़ी उसके झांसे में आ गए। शुभम ने बताया कि इसके झांसे में मथुरा के दो दर्जन खिलाड़ी हैं।
गरीब पिता ने कर्ज लेकर दिए 30000
राया के गांव नगला भामा के ईशु उपाध्याय के पिता बेहद गरीब हैं। बेटे की आंखों में क्रिकेटर बनने का ख्वाब देख पिता ने कर्ज लेकर 30000 की रकम दी। सोमवार को नदीम के स्कैंडल के खुलासे से परिवार परेशान है। शुभम और ईशु उपाध्याय सोमवार को आगरा भी गए। खिलाड़ियों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि आखिर ऐसे लोगों को सरकारी स्टेडियम कैसे उपलब्ध करा दिया जाता है।