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बिना अनुमति आयोजित हुआ कैंप
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 09 Jan 2015 11:23 AM IST
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बांके बिहारी नेत्र चिकित्सालय में ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों की रोशनी जाने के मामले में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। नेत्र चिकित्सालय के ऑपरेशन थियेटर के निरीक्षण को लेकर जो दस्तावेज संस्था ने सौंपे हैं उनमें शिविर की अनुमति मात्र 15 अक्टूबर तक के लिये ही है।
जांच अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट हेम सिंह को संस्था के अध्यक्ष ने जो कागज दिए हैं उनमें महर्षि दयानंद अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. राजेंद्र सिंह द्वारा ऑपरेशन थियेटर के निरीक्षण किए जाने की बात कही गई है। डा.राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें सीएमओ कार्यालय से सितंबर माह में पत्र मिला था। इसके अनुपालन में 15 अक्टूबर तक नेत्र शिविर आयोजन को लेकर आख्या सौंपी गई थी। ऐसे में नवंबर माह में ऑपरेशन ऑपरेशन के लिये निरीक्षण किसने किया वो नहीं जानते।
जांच कमेटी ने नहीं लिया संज्ञान
अंखफोड़वा कैंप को लेकर शासन भले ही गंभीर हो, लेकिन जांच की गति कछुआ चाल से चल रही है। जांच कमेटी द्वारा ऑपरेशन थियेटर निरीक्षण करने वाले चिकित्सक से बात न करना चौंकाने वाला है। अब सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि 22 नवंबर को नेत्र शिविर आयोजन को लेकर ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण आखिर किस अफसर ने किया।
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पूरी नहीं हो सकी जांच
जांच समिति गुरुवार को भी अपनी रिपोर्ट पूरी नहीं कर सकी। जबकि डीएम ने इस समिति को दो दिन का समय दिया था जो बुधवार को ही समाप्त हो गया है।
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जांच अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट हेम सिंह को संस्था के अध्यक्ष ने जो कागज दिए हैं उनमें महर्षि दयानंद अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. राजेंद्र सिंह द्वारा ऑपरेशन थियेटर के निरीक्षण किए जाने की बात कही गई है। डा.राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें सीएमओ कार्यालय से सितंबर माह में पत्र मिला था। इसके अनुपालन में 15 अक्टूबर तक नेत्र शिविर आयोजन को लेकर आख्या सौंपी गई थी। ऐसे में नवंबर माह में ऑपरेशन ऑपरेशन के लिये निरीक्षण किसने किया वो नहीं जानते।
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जांच कमेटी ने नहीं लिया संज्ञान
अंखफोड़वा कैंप को लेकर शासन भले ही गंभीर हो, लेकिन जांच की गति कछुआ चाल से चल रही है। जांच कमेटी द्वारा ऑपरेशन थियेटर निरीक्षण करने वाले चिकित्सक से बात न करना चौंकाने वाला है। अब सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि 22 नवंबर को नेत्र शिविर आयोजन को लेकर ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण आखिर किस अफसर ने किया।
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पूरी नहीं हो सकी जांच
जांच समिति गुरुवार को भी अपनी रिपोर्ट पूरी नहीं कर सकी। जबकि डीएम ने इस समिति को दो दिन का समय दिया था जो बुधवार को ही समाप्त हो गया है।