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अपराध नियंत्रण को क्राइम ब्रांच का विस्तार
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:26 PM IST
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अपराध नियंत्रण और हीनियस क्राइम पर काम करने के लिए जिले में क्राइम ब्रांच का अलग से गठन होगा। इसमें छह से सात विंग शामिल दी जाएंगी। इसके लिए क्राइम ब्रांच की अलग से आठ कमरे की अत्याधुनिक इमारत बनाई जा रही है।
मथुरा जिले में बढ़ते अपराध और संगीन अपराधों में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए 2012 में एसपी क्राइम का पद सृजित किया गया था। अप्रैल 2012 में अशोक कुमार रॉय एसपी क्राइम के पद पर पहले एसपी तैनात किए गए लेकिन संसाधन आदि न होने के चलते क्राइम ब्रांच ठीक से अस्तित्व में नहीं आ सकी।
अब कंट्रोल रूम के निकट एसपी क्राइम का दो मंजिल ऑफिस बनाया जा रहा है। इसके लिए शासन से 10800000 की ग्रांट आ चुकी है। 750 स्क्वायर मीटर जगह में आठ कमरों वाली दो मंजिला इमारत बनाने का काम आवास विकास परिषद को सौंपा है।
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एसपी क्राइम राम मोहन सिंह ने बताया कि इमारत के जाने के बाद क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम, डिटेक्शन टीम, सर्विलांस, फील्ड यूनिट, फिंगर प्रिंट, डॉग स्क्वायड एक ही छत के नीचे हो जाएंगी। इसके बाद सही रूप में क्राइम कंट्रोलिंग पर काम होगा। सभी टीमों के लिए अलग से वाहन की व्यवस्था की जाएगी।
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मथुरा जिले में बढ़ते अपराध और संगीन अपराधों में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए 2012 में एसपी क्राइम का पद सृजित किया गया था। अप्रैल 2012 में अशोक कुमार रॉय एसपी क्राइम के पद पर पहले एसपी तैनात किए गए लेकिन संसाधन आदि न होने के चलते क्राइम ब्रांच ठीक से अस्तित्व में नहीं आ सकी।
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अब कंट्रोल रूम के निकट एसपी क्राइम का दो मंजिल ऑफिस बनाया जा रहा है। इसके लिए शासन से 10800000 की ग्रांट आ चुकी है। 750 स्क्वायर मीटर जगह में आठ कमरों वाली दो मंजिला इमारत बनाने का काम आवास विकास परिषद को सौंपा है।
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एसपी क्राइम राम मोहन सिंह ने बताया कि इमारत के जाने के बाद क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम, डिटेक्शन टीम, सर्विलांस, फील्ड यूनिट, फिंगर प्रिंट, डॉग स्क्वायड एक ही छत के नीचे हो जाएंगी। इसके बाद सही रूप में क्राइम कंट्रोलिंग पर काम होगा। सभी टीमों के लिए अलग से वाहन की व्यवस्था की जाएगी।