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केरल में पकड़ा पीएफआई सदस्य नहीं हो सका कोर्ट में पेश, बी वारंट जारी
Sun, 17 Jan 2021 12:21 PM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2021 12:21 PM IST
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न्यायालय में पेश किए पीएफआई के सदस्य (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
केरल की अरनाकुलम जेल में बंद पीएफआई सदस्य शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं हो सका। उसे प्रवर्तन निदेशालय ने केरल में गिरफ्तार किया था। मथुरा की एडीजे प्रथम की अदालत ने एक जनवरी को बी वारंट जारी कर उसे 15 जनवरी को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया था।
हाथरस रेप कांड के दौरान पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) व सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के चार सदस्यों को मांट पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर विदेशी फंडिंग से दंगे भड़काने की साजिश रचने का आरोप था। इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने भी मथुरा जेल आकर पूछताछ की थी। इसके बाद टीम ने केरल के ही रहने वाले रऊफ शरीफ को 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया। उस पर पीएफआई सदस्यों के लिए विदेशों से फंडिंग लेने का आरोप था। वह वर्तमान में केरल की अरनाकुलम जेल में बंद है।
इस केस की जांच कर रही एसटीएफ के जांच अधिकारी राकेश पालीवाल ने एक जनवरी को एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत में बी वारंट के लिए आवेदन किया था। अरनाकुलम जेल में बंद पीएफआई सदस्य को 15 जनवरी को अदालत में पेश होना था परंतु वह पेश नहीं हो सका। एसटीएफ ने भी अदालत में कोई प्रार्थनापत्र नहीं दिया। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि अरनाकुलम जेल में बंद पीएफआई सदस्य अदालत में हाजिर नहीं हो सका।
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हाथरस रेप कांड के दौरान पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) व सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के चार सदस्यों को मांट पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर विदेशी फंडिंग से दंगे भड़काने की साजिश रचने का आरोप था। इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने भी मथुरा जेल आकर पूछताछ की थी। इसके बाद टीम ने केरल के ही रहने वाले रऊफ शरीफ को 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया। उस पर पीएफआई सदस्यों के लिए विदेशों से फंडिंग लेने का आरोप था। वह वर्तमान में केरल की अरनाकुलम जेल में बंद है।
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इस केस की जांच कर रही एसटीएफ के जांच अधिकारी राकेश पालीवाल ने एक जनवरी को एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत में बी वारंट के लिए आवेदन किया था। अरनाकुलम जेल में बंद पीएफआई सदस्य को 15 जनवरी को अदालत में पेश होना था परंतु वह पेश नहीं हो सका। एसटीएफ ने भी अदालत में कोई प्रार्थनापत्र नहीं दिया। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि अरनाकुलम जेल में बंद पीएफआई सदस्य अदालत में हाजिर नहीं हो सका।
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ईडी ने की पूछताछ
ईडी की टीम ने शनिवार को देश में दंगा भड़काने की साजिश और देशद्रोह के आरोप में बंद पीएफआई के तीन सदस्यों से जेल में पहुंचकर पूछताछ की। साथ ही बयान भी दर्ज किए गए। पीएफआई के सदस्य कप्पन सिद्दकी, अतीकुर्रहमान और मसूद से जेल में पूछताछ कर बयान दर्ज करने के लिए ईडी के डिप्टी डायरेक्टर विनय वालियान ने शनिवार को अपर जिला जज प्रथम की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। अदालत से अनुमति के बाद ईडी के डिप्टी डायरेक्टर विनय वालियान और पवनीश सिंह सिरोही अतिकुर्रहमान, सिद्दीकी और मसूद से पूछताछ करने के लिए दोपहर 3:30 बजे जिला कारागार पहुंचे।
ईडी की टीम ने शनिवार को देश में दंगा भड़काने की साजिश और देशद्रोह के आरोप में बंद पीएफआई के तीन सदस्यों से जेल में पहुंचकर पूछताछ की। साथ ही बयान भी दर्ज किए गए। पीएफआई के सदस्य कप्पन सिद्दकी, अतीकुर्रहमान और मसूद से जेल में पूछताछ कर बयान दर्ज करने के लिए ईडी के डिप्टी डायरेक्टर विनय वालियान ने शनिवार को अपर जिला जज प्रथम की अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। अदालत से अनुमति के बाद ईडी के डिप्टी डायरेक्टर विनय वालियान और पवनीश सिंह सिरोही अतिकुर्रहमान, सिद्दीकी और मसूद से पूछताछ करने के लिए दोपहर 3:30 बजे जिला कारागार पहुंचे।
उन्होंने 6:40 बजे तक तीनों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। ईडी की टीम ने चौथे आरोपी आलम से कोई पूछताछ नहीं की। वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलैंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि ईडी के दो डिप्टी डायरेक्टर अतीकुर्रहमान सिद्दीकी और मसूद के बयान दर्ज करने अपर जिला जज प्रथम की अदालत का आदेश लेकर जेल आए थे। डीजीसी शिवराम तरकर ने बताया कि ईडी के डिप्टी डायरेक्टर ने एडीजे प्रथम कोर्ट से अनुमति ली थी।