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तीन प्रकार के सीरपों के नमूने जांच के लिए भेजे
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मथुरा। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सीरप तैयार करने वाली लैबोरेट्री पर कार्रवाई कर तीन प्रकार के सीरपों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। वहीं टीम ने मसानी क्षेत्र स्थित देसी शराब की कैंटीन पर भी छापा मारा, यहां बेची जा रही पनीर का सैंपल जांच के लिए भेजा है। टीम ने सराय आजमाबाद स्थित चूर्ण की गोली बनाने वाली एक फैक्ट्री पर भी कार्रवाई की है।
मंगलवार की सुबह अभिहीत अधिकारी डॉ. गौरीशंकर के निर्देशन में औद्योगिक क्षेत्र साइड बी स्थित यूनोजिन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड फर्म पर छापा मारकर फैरो 20 सीरप के नमूने लेकर फर्म संचालक को सफाई रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद टीम आजमपुर क्षेत्र स्थित सैंपटेम लैबोरेट्री पर पहुंची, जहां बन रहे शिलाजीत सीरप और डाइजेस्टिव सीरप के नमूने एकत्र कर सफाई रखने के निर्देश दिए।
टीम ने मसानी स्थित देसी शराब की कैंटीन पर भी छापा मारा। यहां ग्राहकों को दिए जा रहे पनीर का सैंपल भी प्रयोगशाला भेजा गया है। अभिहीत अधिकारी का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार चलती रहेगी। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवराज सिंह, गजराज सिंह, मुकेश कुमार, डॉ. शोभनाथ, डॉ. शैलेष रावत, मनीषा शर्मा, सविता शर्मा, नंदकिशोर शामिल थे।
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जांच में हानिकारक निकला गौरधन ब्रांड देशी घी
मथुरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने जनपद में बिक रहे गौरधन ब्रांड के देशी घी की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है। अब इस ब्रांड के घी की बिक्री पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। औषधि प्रशासन अभिहीत अधिकारी डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि 5 मार्च और 10 नवंबर 2020 को जनपद से गौरधन ब्रांड देसी घी के नमूने खाद्य विश्लेषक उत्तर प्रदेश को भेजे गये थे।
नमूनों की जांच में खाद्य विश्लेषक ने इसको मानव उपभोग के लिए असुरक्षित और हानिकारक घोषित किया है। इसके चलते इस घी के निर्माण, वितरण और बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने थोक, फुटकर व्यापारियों को निर्देशित किया कि वे इस ब्रांड के घी का वितरण और विक्रय न करें। यदि इसके बाद भी कहीं इसका वितरण और बिक्री होते मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार की सुबह अभिहीत अधिकारी डॉ. गौरीशंकर के निर्देशन में औद्योगिक क्षेत्र साइड बी स्थित यूनोजिन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड फर्म पर छापा मारकर फैरो 20 सीरप के नमूने लेकर फर्म संचालक को सफाई रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद टीम आजमपुर क्षेत्र स्थित सैंपटेम लैबोरेट्री पर पहुंची, जहां बन रहे शिलाजीत सीरप और डाइजेस्टिव सीरप के नमूने एकत्र कर सफाई रखने के निर्देश दिए।
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टीम ने मसानी स्थित देसी शराब की कैंटीन पर भी छापा मारा। यहां ग्राहकों को दिए जा रहे पनीर का सैंपल भी प्रयोगशाला भेजा गया है। अभिहीत अधिकारी का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार चलती रहेगी। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवराज सिंह, गजराज सिंह, मुकेश कुमार, डॉ. शोभनाथ, डॉ. शैलेष रावत, मनीषा शर्मा, सविता शर्मा, नंदकिशोर शामिल थे।
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जांच में हानिकारक निकला गौरधन ब्रांड देशी घी
मथुरा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने जनपद में बिक रहे गौरधन ब्रांड के देशी घी की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है। अब इस ब्रांड के घी की बिक्री पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। औषधि प्रशासन अभिहीत अधिकारी डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि 5 मार्च और 10 नवंबर 2020 को जनपद से गौरधन ब्रांड देसी घी के नमूने खाद्य विश्लेषक उत्तर प्रदेश को भेजे गये थे।
नमूनों की जांच में खाद्य विश्लेषक ने इसको मानव उपभोग के लिए असुरक्षित और हानिकारक घोषित किया है। इसके चलते इस घी के निर्माण, वितरण और बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने थोक, फुटकर व्यापारियों को निर्देशित किया कि वे इस ब्रांड के घी का वितरण और विक्रय न करें। यदि इसके बाद भी कहीं इसका वितरण और बिक्री होते मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।