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कोलकाता में तैनात बीएसएफ के जवान की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला कोसीकलां
Updated Fri, 13 Nov 2015 07:06 PM IST
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नवीपुर निवासी बीएसएफ के जवान की कोलकाता में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। शुक्रवार को जवान का शव गांव पहुंचने पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
नवीपुर निवासी सुखराम पुत्र लीली 1 जून 1988 को बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वे इन दिनों पश्चिम बंगाल के मालदा में 138वीं बटालियन में तैनात थे। सुखराम नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन में भी शामिल रहे। एक वर्ष से लिवर की बीमारी से पीड़ित थे। बीते माह उपचार के लिए गांव आए लेकिन हालत में सुधार न होने पर 2 नवंबर को ड्यूटी पर चले गए। वहां तबियत बिगड़ने पर उन्हें कोलकाता के शंभूनाथ पांडेय हास्पिटल में भर्ती कराया गया।
दीपावली की रात में सुखराम ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को शव गांव में पहुंचने के बाद यहां बीएसएफ बटालियन 125 के एसआई तारा सिंह के नेतृत्व में जवानों ने सलामी दी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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सुखराम अपने पीछे परिवार में पत्नी, दो पुत्री और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। बेटा पंकज (22) बीटेक का छात्र है। जवान के अंतिम संस्कार में एमएलसी लेखराज चौधरी, एसडीएम रामअरज यादव, सीओ पीयूष कुमार, एसओ सुरेंद्र कुमार यादव, गुरुदेव सिंह, वासुदेव भैया, सुमेर सिंह, सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
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नवीपुर निवासी सुखराम पुत्र लीली 1 जून 1988 को बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वे इन दिनों पश्चिम बंगाल के मालदा में 138वीं बटालियन में तैनात थे। सुखराम नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन में भी शामिल रहे। एक वर्ष से लिवर की बीमारी से पीड़ित थे। बीते माह उपचार के लिए गांव आए लेकिन हालत में सुधार न होने पर 2 नवंबर को ड्यूटी पर चले गए। वहां तबियत बिगड़ने पर उन्हें कोलकाता के शंभूनाथ पांडेय हास्पिटल में भर्ती कराया गया।
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दीपावली की रात में सुखराम ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को शव गांव में पहुंचने के बाद यहां बीएसएफ बटालियन 125 के एसआई तारा सिंह के नेतृत्व में जवानों ने सलामी दी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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सुखराम अपने पीछे परिवार में पत्नी, दो पुत्री और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। बेटा पंकज (22) बीटेक का छात्र है। जवान के अंतिम संस्कार में एमएलसी लेखराज चौधरी, एसडीएम रामअरज यादव, सीओ पीयूष कुमार, एसओ सुरेंद्र कुमार यादव, गुरुदेव सिंह, वासुदेव भैया, सुमेर सिंह, सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।