फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   country survive only if Hindus unite: Saint Riteshwar Maharaj

हिंदू संगठित होगा तभी देश बचेगा : संत ऋतेश्वर महाराज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:37 AM IST
विज्ञापन
country survive only if Hindus unite: Saint Riteshwar Maharaj
हिंदू सम्मेलन का शुभांरभ करते संत ऋतेश्वर महाराज।
वृंदावन। संत ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि हिंदू सम्मेलन गर्व के साथ ही जिम्मेदारी का विषय है। सोमनाथ मंदिर काे याद करते हुए कहा कि देश में हिंदू संगठित होगा तभी देश बचेगा। पद, कद और प्रतिष्ठा के अहं के कारण हिंदू बिखरा है। इससे बाहर निकलकर भारत को बचाना होगा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश एवं पाकिस्तान में कभी मंदिरों में घंटियां बजती थीं, वहां क्या स्थिति है, वह किसी से छुपी नहीं है।
विज्ञापन

यह विचार उन्होंने रंगजी के बगीचा के मैदान में जागृत हिंदू चेतना समिति द्वारा आयोजित हिंदू सम्मेलन में व्यक्त किए। शुभारंभ महाराजश्री के साथ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान, साध्वी ध्यान मूर्ति, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र कुमार ने भारत माता के चित्रपट के समक्ष दीप जलाकर किया। विद्यापीठ इंटर कॉलेज, रामकली देवी सरस्वती बालिका विद्यालय की छात्र-छात्राओं ने लव जिहाद विषय पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। संत ने यूजीसी के नये नियम पर कहा कि जो कुछ गलत होता दिखे उसका विरोध करना चाहिए। हमें विश्वास है कि सत्ता में बैठे लोग विरोध की आवाज को जरूर सुनेंगे और उसमें सुधार करेंगे। ऐसा कोई काम न हो, जिससे समाज में वर्ग भेद और बढ़े।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि बेटियों को बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा। प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि संघ के सौ वर्ष के परिश्रम से अब हिंदू एकजुट होने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

साध्वी ध्यान मूर्ति ने कहा कि जिसके पास उद्देश्य होगा, उसी के पास अनुशासन होगा। उन्होंने लोगों से पांच संकल्प लिए। इसमें पहला संकल्प किसी भी बहन बेटी को लव जेहाद में फंसने न देने, पांच गोमाता की रक्षा एवं पांच पौधे लगाने, स्वदेशी जीवन को अपनाने, आजादी के सौ वर्ष पूरे होने तक गजवा ए हिंद नहीं भगवा ए हिंद होगा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कहा भारतीय संस्कृति देश की पहचान है। भारत की महिलाओं को देवी माना जाता है। इससे पहले महिलाओं ने चार संप्रदाय आश्रम से आयोजन स्थल स्थल तक कलश यात्रा निकाली। फूलों से रंगोली सजाई। शंख ध्वनि के साथ हिंदू सम्मेलन का शंखनाद हुआ। संचालन नृत्य गोपाल दुबे ने किया। समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर बाबा बलराम दास, केशव धाम निर्देशक ललित कुमार, पारस पार्थ, विजय राघव, विश्वनाथ गुप्ता, कुश अवतार, कृष्णकांत जोशी, अंकित कुमार, कृपाल सिंह, लक्ष्मण सर्राफ, दास बिहारी अग्रवाल, अरुण दीक्षित आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed