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विदेशों मेें रह रहे अपनों के लिए बेचैन घरवाले
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लंदन में संजीव शर्मा अपने परिवार के साथ।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। कोरोना वायरस ने उन मथुरावासियों के दिलों की धड़कनों को बढ़ा दिया है, जिनके बच्चे या फिर रिश्तेदार विदेशों में बसे हैं। कोई उनके प्रतिदिन हालचाल पूछ रहा है तो कोई एक-दो दिन बाद जानकारी ले रहा है। कोरोना को लेकर आ रही जानकारियां लोगों को बेचैन कर रही हैं। मथुरा से बड़ी संख्या में लोग विदेशों में रोजगार के लिए गए हैं। अनेक लोगों ने तो अपना घर भी उन्हीं देशों को बना लिया है। शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश जाने वालों की संख्या भी जनपद में कम नहीं है।
एक सप्ताह से सभी स्थानों पर दहशत
बेटा अमित और बिटिया स्मिता पिछले एक दशक से मेलबॉर्न में बसे हैं। कोरोना को लेकर मेरी रोजाना बात होती है। उनका कहना है पिछले एक सप्ताह से सभी स्थानों पर दहशत है। बाजार से जरूरी सामान गायब होने लगा है। लोगों ने रोजमर्रा के सामान को घरों में जमा कर लिया है। खास तौर पर टिशू पेपर और सैनिटाइजर की जबरदस्त मारामारी है। चूंकि ठंड का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में इसके फैलने की आशंका को सोच आस्ट्रेलियावासी चिंतित है। दोनों मथुरा में भी इस वायरस को लेकर पूछते हैं। कह दिया कि यहां सबकुछ सामान्य है।
- डॉ अशोक बंसल, मानस नगर, महोली रोड
टिकट हो गया है, पर वीजा नहीं मिल रहा
ननद अमीतू और बहनोई संजीव शर्मा लंदन में रहते हैं। बीती रात ही बात हुई थी। बता रही थीं किंग्बर्सी में 600 लोग कोरोना से प्रभावित घोषित किए गए हैं। अब लोगों की चिंताए बढ़ रही हैं। घरों में सामान स्टोर कर रहे हैं। सभी को चिंता है कि स्टोर पर सामान खत्म न हो जाए। 10 अप्रैल को उन्हें मथुरा आना है। टिकट तो हो गया है, लेकिन सरकार ने वीजा पर रोक लगा दी है। इससे भी चिंता बढ़ रही है।
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- शालू खुराना, मोतीकुंज
डरा रही हैं कनाडा की स्थितियां
बहन जसमीर और जीजाजी एमएस लांबा लंबे समय से कनाडा में रह रहे हैं। बीती रात उनसे बात हुई थी। बता रहे थे कि स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने घर में तीन माह का राशन एकत्रित करके रख लिया है। ऑफिस की छुट्टी कर दी गई हैं। घरों से लोगों को निकलने नहीं दिया जा रहा है। गुरुद्वारों में लंगर भी फिलहाल बंद हो गए हैं। उन्होंने मथुरा की भी जानकारी ली। उन्हें बताया कि यहां तो सब सामान्य है। किसी प्रकार का भय का वातावरण नहीं है। खुद ही लोग इससे बचाव में सतर्कता बरत रहे हैं।
- हरजीत सिंह, तिलक नगर
जर्मन से दो दिन पहले ही लौट कर आए हैं
एमबीए की शिक्षा के लिए गए समर्थ वाजपेयी पिछले शनिवार को ही जर्मनी से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि वर्निंग की स्थिति बहुत बिगड़ रही है। यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई है। प्रतिदिन नए केस बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए पिता जी डॉ अरुण वाजपेयी के कहने पर वे घर लौट आए हैं। यहां दिल्ली में उनकी जांच की गई थी, उसके बाद घर भेज दिया गया।
समर्थ वाजपेयी, अमर नाथ विद्या आश्रम
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एक सप्ताह से सभी स्थानों पर दहशत
बेटा अमित और बिटिया स्मिता पिछले एक दशक से मेलबॉर्न में बसे हैं। कोरोना को लेकर मेरी रोजाना बात होती है। उनका कहना है पिछले एक सप्ताह से सभी स्थानों पर दहशत है। बाजार से जरूरी सामान गायब होने लगा है। लोगों ने रोजमर्रा के सामान को घरों में जमा कर लिया है। खास तौर पर टिशू पेपर और सैनिटाइजर की जबरदस्त मारामारी है। चूंकि ठंड का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में इसके फैलने की आशंका को सोच आस्ट्रेलियावासी चिंतित है। दोनों मथुरा में भी इस वायरस को लेकर पूछते हैं। कह दिया कि यहां सबकुछ सामान्य है।
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- डॉ अशोक बंसल, मानस नगर, महोली रोड
टिकट हो गया है, पर वीजा नहीं मिल रहा
ननद अमीतू और बहनोई संजीव शर्मा लंदन में रहते हैं। बीती रात ही बात हुई थी। बता रही थीं किंग्बर्सी में 600 लोग कोरोना से प्रभावित घोषित किए गए हैं। अब लोगों की चिंताए बढ़ रही हैं। घरों में सामान स्टोर कर रहे हैं। सभी को चिंता है कि स्टोर पर सामान खत्म न हो जाए। 10 अप्रैल को उन्हें मथुरा आना है। टिकट तो हो गया है, लेकिन सरकार ने वीजा पर रोक लगा दी है। इससे भी चिंता बढ़ रही है।
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- शालू खुराना, मोतीकुंज
डरा रही हैं कनाडा की स्थितियां
बहन जसमीर और जीजाजी एमएस लांबा लंबे समय से कनाडा में रह रहे हैं। बीती रात उनसे बात हुई थी। बता रहे थे कि स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने घर में तीन माह का राशन एकत्रित करके रख लिया है। ऑफिस की छुट्टी कर दी गई हैं। घरों से लोगों को निकलने नहीं दिया जा रहा है। गुरुद्वारों में लंगर भी फिलहाल बंद हो गए हैं। उन्होंने मथुरा की भी जानकारी ली। उन्हें बताया कि यहां तो सब सामान्य है। किसी प्रकार का भय का वातावरण नहीं है। खुद ही लोग इससे बचाव में सतर्कता बरत रहे हैं।
- हरजीत सिंह, तिलक नगर
जर्मन से दो दिन पहले ही लौट कर आए हैं
एमबीए की शिक्षा के लिए गए समर्थ वाजपेयी पिछले शनिवार को ही जर्मनी से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि वर्निंग की स्थिति बहुत बिगड़ रही है। यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई है। प्रतिदिन नए केस बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए पिता जी डॉ अरुण वाजपेयी के कहने पर वे घर लौट आए हैं। यहां दिल्ली में उनकी जांच की गई थी, उसके बाद घर भेज दिया गया।
समर्थ वाजपेयी, अमर नाथ विद्या आश्रम