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Mathura News: सीएमओ कार्यालय का लिपिक 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
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मथुरा। आगरा एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को सीएमओ कार्यालय के दिव्यांग बोर्ड में तैनात लिपिक शशिकांत वर्मा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है, जबकि उसका सहयोगी संविदाकर्मी चंद मिनट पहले वहां से भाग गया। कार्रवाई के दौरान सीएमओ कार्यालय में खलबली मच गई। एकजुट होकर सभी कर्मचारी कार्यालय से बाहर आ गए। आनन-फानन टीम लिपिक को पकड़कर महावन थाने ले गई और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं सहयोगी संविदाकर्मी का नाम विवेचना में खोलने की आशंका जताई जा रही है। इधर, सीएमओ ने उसके निलंबन के लिए शासन की तैयारी में जुट गया है।
पुष्पांजलि उपवन रोड स्थित अवधपुरी निवासी नितिन आगरा में डाक विभाग में लिपिक के पद पर तैनात हैं। 19 मार्च को उन्होंने आगरा की एंटी करप्शन टीम से शिकायत की, कहा कि डाक विभाग ने उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए सीएमओ कार्यालय को अवगत कराया था। उक्त प्रमाण पत्र की छायाप्रति को अपने विभाग की व्यक्तिगत फाइल में लगवाने के लिए उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के दिव्यांग बोर्ड से सत्यापन पत्र मांगा था। इस संबंध में उन्होंने लिपिक शशिकांत वर्मा से बात की तो उन्होंने सहयोगी संविदाकर्मी से मिलने की बात कही। वह उसके पास पहुंचे तो उसने कहा कि प्रमाण पत्र सत्यापित हो गया है, लेकिन 10 हजार रुपये देने के बाद मिलेगा।
पीड़ित पैसे लेकर कार्यालय आने की कहकर चला गया। 17 मार्च को पीड़ित ने शशिकांत से फोन किया तो उसने कौशल से मिलने की बात कहकर टालमटोल कर दी। परेशान होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन से शिकायत की। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने उसको पकड़ने के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया। योजना के तहत टीम मंगलवार सुबह 8 बजे मथुरा पहुंची और विधिक प्रक्रिया पूरी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीम 12 बजे शिकायतकर्ता को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंची। टीम के सदस्य फरियादी बनकर इधर-उधर घूमने लगे और शिकायतकर्ता 10 हजार रुपये लेकर दिव्यांग बोर्ड के कक्ष संख्या पांच में पहुंच गए, लेकिन वहां संविदाकर्मी नहीं मिला।
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वह कुछ देर पहले ही वहां से निकल गया। पीड़ित ने मौके पर मौजूद लिपिक शशिकांत को 10 हजार रुपये थमा दिए। इसी दौरान फरियादी बनकर घूम रही एंटी करप्शन टीम ने लिपिक को दबोच लिया और रिश्वत के रुपये बरामद कर लिए। साथ थी लिपिक के केमिकल युक्त पानी में हाथ धुलवाए गए तो पानी गुलाबी हो गया। टीम की कार्रवाई देख सीएमओ कार्यालय में खलबली मच गई और कार्यालय के बाहर घूम रहा संविदाकर्मी भी मौका देखकर भाग गया। टीम लिपिक को अपने साथ महावन थाने लेकर पहुंची।
यहां लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई और मेरठ में स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट के लिए रवाना हो गई। सीएमओ राधावल्लभ ने बताया कि रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने लिपिक शशिकांत को गिरफ्तार किया है। साथ ही उसके निलंबन के लिए शासन को पत्राचार किया जाएगा।शासनादेश के बाद निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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पुष्पांजलि उपवन रोड स्थित अवधपुरी निवासी नितिन आगरा में डाक विभाग में लिपिक के पद पर तैनात हैं। 19 मार्च को उन्होंने आगरा की एंटी करप्शन टीम से शिकायत की, कहा कि डाक विभाग ने उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए सीएमओ कार्यालय को अवगत कराया था। उक्त प्रमाण पत्र की छायाप्रति को अपने विभाग की व्यक्तिगत फाइल में लगवाने के लिए उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के दिव्यांग बोर्ड से सत्यापन पत्र मांगा था। इस संबंध में उन्होंने लिपिक शशिकांत वर्मा से बात की तो उन्होंने सहयोगी संविदाकर्मी से मिलने की बात कही। वह उसके पास पहुंचे तो उसने कहा कि प्रमाण पत्र सत्यापित हो गया है, लेकिन 10 हजार रुपये देने के बाद मिलेगा।
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पीड़ित पैसे लेकर कार्यालय आने की कहकर चला गया। 17 मार्च को पीड़ित ने शशिकांत से फोन किया तो उसने कौशल से मिलने की बात कहकर टालमटोल कर दी। परेशान होकर पीड़ित ने एंटी करप्शन से शिकायत की। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने उसको पकड़ने के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया। योजना के तहत टीम मंगलवार सुबह 8 बजे मथुरा पहुंची और विधिक प्रक्रिया पूरी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीम 12 बजे शिकायतकर्ता को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंची। टीम के सदस्य फरियादी बनकर इधर-उधर घूमने लगे और शिकायतकर्ता 10 हजार रुपये लेकर दिव्यांग बोर्ड के कक्ष संख्या पांच में पहुंच गए, लेकिन वहां संविदाकर्मी नहीं मिला।
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वह कुछ देर पहले ही वहां से निकल गया। पीड़ित ने मौके पर मौजूद लिपिक शशिकांत को 10 हजार रुपये थमा दिए। इसी दौरान फरियादी बनकर घूम रही एंटी करप्शन टीम ने लिपिक को दबोच लिया और रिश्वत के रुपये बरामद कर लिए। साथ थी लिपिक के केमिकल युक्त पानी में हाथ धुलवाए गए तो पानी गुलाबी हो गया। टीम की कार्रवाई देख सीएमओ कार्यालय में खलबली मच गई और कार्यालय के बाहर घूम रहा संविदाकर्मी भी मौका देखकर भाग गया। टीम लिपिक को अपने साथ महावन थाने लेकर पहुंची।
यहां लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई और मेरठ में स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट के लिए रवाना हो गई। सीएमओ राधावल्लभ ने बताया कि रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने लिपिक शशिकांत को गिरफ्तार किया है। साथ ही उसके निलंबन के लिए शासन को पत्राचार किया जाएगा।शासनादेश के बाद निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।