{"_id":"6a25c969bc8b78ce4d0c432f","slug":"claims-automatic-barriers-yet-crowd-control-relies-ropes-mathura-news-c-161-1-mt11010-103049-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: दावे ऑटोमैटिक बैरियर के, भीड़ नियंत्रण रस्सी से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: दावे ऑटोमैटिक बैरियर के, भीड़ नियंत्रण रस्सी से
विज्ञापन
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर और इस ओर जाने वाले मार्ग पर अव्यवस्थाओं का आलम है। भीड़ के नियंत्रण के लिए हाईपावर्ड कमेटी ने पिछली मीटिंग में ऑटोमैटिक बैरियर लगवाने के दावे किए थे लेकिन कमेटी के आठ माह के कार्यकाल में जितने भी त्योहारों के मौके आए उसमें रस्सी ही भीड़ नियंत्रण का सहारा बनीं।
हालत यह बन जाते हैं कि जैसे ही पुलिसकर्मी रस्सी हटाते हैं तो श्रद्धालुओं की भीड़ एकदम मंदिर की ओर दौड़ लगाने लगती है। दौड़ने के चक्कर में एक-दूसरे को धक्का देकर आगे निकलने की होड़ हादसे को न्योता देती नजर आती है। एक तो पहले ही मंदिर मार्ग संकरा है। ऐसे में अतिक्रमण ने गलियों को और सिकोड़ दिया है। भीड़ के कारण स्थानीय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल भरा हो जाता है। उन्हें अपने कामों को मंदिर बंद होने के बाद निपटना पड़ता है।
मंदिर मार्ग पर पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए जगह-जगह बैरियर और रस्सी लगा रखी हैं। इस कारण मंदिर मार्ग की गलियां श्रद्धालुओं से भरी नजर आती हैं। गलियों में खड़े श्रद्धालु घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं। दोपहर बाद मंदिर का चबूतरा कुछ समय के लिए खाली होने पर श्रद्धालुओं को राहत मिलती है। लोगों का कहना है कि अगर चबूतरा अतिक्रमण मुक्त हो जाए तो दर्शन व्यवस्था में थोड़ी सुगमता आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालत यह बन जाते हैं कि जैसे ही पुलिसकर्मी रस्सी हटाते हैं तो श्रद्धालुओं की भीड़ एकदम मंदिर की ओर दौड़ लगाने लगती है। दौड़ने के चक्कर में एक-दूसरे को धक्का देकर आगे निकलने की होड़ हादसे को न्योता देती नजर आती है। एक तो पहले ही मंदिर मार्ग संकरा है। ऐसे में अतिक्रमण ने गलियों को और सिकोड़ दिया है। भीड़ के कारण स्थानीय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल भरा हो जाता है। उन्हें अपने कामों को मंदिर बंद होने के बाद निपटना पड़ता है।
विज्ञापन
मंदिर मार्ग पर पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए जगह-जगह बैरियर और रस्सी लगा रखी हैं। इस कारण मंदिर मार्ग की गलियां श्रद्धालुओं से भरी नजर आती हैं। गलियों में खड़े श्रद्धालु घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं। दोपहर बाद मंदिर का चबूतरा कुछ समय के लिए खाली होने पर श्रद्धालुओं को राहत मिलती है। लोगों का कहना है कि अगर चबूतरा अतिक्रमण मुक्त हो जाए तो दर्शन व्यवस्था में थोड़ी सुगमता आ सकती है।
विज्ञापन