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Mathura News: बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर पर कुछ नहीं बोले मुख्यमंत्री
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वृंदावन(मथुरा)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को जीएलए विश्व विद्यालय के दीक्षांत समारोह में आए और ब्रजवासियों को संबोधित किया। ऐसे में पूरे शहर की निगाह मुख्यमंत्री के संबोधन की ओर टिकी रहीं कि शायद बिहारीजी कॉरिडोर के बारे में कुछ कहेंगे, लेकिन अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इस बारे में कुछ भी नहीं कहा।
कॉरिडोर का विरोध कर रहे दीपक पाराशर, राजेश कृष्ण शर्मा, रुक्मीणि गोस्वामी, पुरुषोत्तम शर्मा, सुमित मिश्रा ने कहा कि वह कॉरिडोर के पक्ष में नहीं हैं। हम चाहते हैं कि कॉरिडोर का निर्माण न हो। कॉरिडोर के निर्माण से वो प्राचीन कुंज गलियां नष्ट हो जाएंगी, जहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कीं। हम वृंदावन की प्राचीनता और पौराणिकता को बचाने के प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री तक हम अपनी व्यथा को पहुंचाना चाहते हैं। शीघ्र मुख्यमंत्री तक अपनी बात रखने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने जाएगा और अपनी मांग रखेगा। वह आज मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग रखना चाहते थे, लेकिन प्रशासन की ओर से हमें समय नहीं दिया गया।
वृंदावन को बचाना है, कॉरिडोर को भगाना है
वृंदावन। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर के विरोध में प्रभावित लोगों का विरोध 27 वें दिन भी रहा। सभी ब्रजवासी जन बिहारी मंदिर के चबूतरे पर एकत्रित हुए कॉरिडोर हाय-हाय और वृंदावन को बचाना है कॉरिडोर भगाना है के नारे लगाए। संकल्प लिया कि जब तक सरकार इस दैत्य रूपी कॉरिडोर को वापस नहीं लेती है तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता महंत मधुमंगल शरण शुक्ला ने कहा कि शासन-प्रशासन के अधिकारी श्री वृंदावन की रस उपासना से बहुत दूर हैं। वह नहीं जानते हैं कि वृंदावन और वृंदावन के विकास का क्या भाव है। महंत ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्रा को कॉरिडोर वापस लेने की सलाह दी।
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कहां, कॉरिडोर कोई व्यवस्था नहीं है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वर्तमान मंदिर प्रांगण को बड़ा करके ही तीर्थ यात्रियों को आसानी से दर्शन कराए जा सकते हैं। सभी ने एक स्वर में शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन को चेताया। इस मौके पर नीरज गोस्वामी, वृंदावन बिहारी मिश्र, पवन बिहारी गौड़, हिमांशु गोस्वामी, अलौकिक शर्मा, गोविंद खंडेलवाल, वैभव शर्मा, सोहन लाल मिश्र, आचार्य रामानुज, मनमोहन गोस्वामी, राजेश कृष्ण शर्मा, मुन्ना लाल सिद्ध, रूपकिशोर, सुमित मिश्रा दीपक पाराशर आदि उपस्थित थे। संवाद
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कॉरिडोर का विरोध कर रहे दीपक पाराशर, राजेश कृष्ण शर्मा, रुक्मीणि गोस्वामी, पुरुषोत्तम शर्मा, सुमित मिश्रा ने कहा कि वह कॉरिडोर के पक्ष में नहीं हैं। हम चाहते हैं कि कॉरिडोर का निर्माण न हो। कॉरिडोर के निर्माण से वो प्राचीन कुंज गलियां नष्ट हो जाएंगी, जहां भगवान कृष्ण ने लीलाएं कीं। हम वृंदावन की प्राचीनता और पौराणिकता को बचाने के प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री तक हम अपनी व्यथा को पहुंचाना चाहते हैं। शीघ्र मुख्यमंत्री तक अपनी बात रखने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने जाएगा और अपनी मांग रखेगा। वह आज मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग रखना चाहते थे, लेकिन प्रशासन की ओर से हमें समय नहीं दिया गया।
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वृंदावन को बचाना है, कॉरिडोर को भगाना है
वृंदावन। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर के विरोध में प्रभावित लोगों का विरोध 27 वें दिन भी रहा। सभी ब्रजवासी जन बिहारी मंदिर के चबूतरे पर एकत्रित हुए कॉरिडोर हाय-हाय और वृंदावन को बचाना है कॉरिडोर भगाना है के नारे लगाए। संकल्प लिया कि जब तक सरकार इस दैत्य रूपी कॉरिडोर को वापस नहीं लेती है तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता महंत मधुमंगल शरण शुक्ला ने कहा कि शासन-प्रशासन के अधिकारी श्री वृंदावन की रस उपासना से बहुत दूर हैं। वह नहीं जानते हैं कि वृंदावन और वृंदावन के विकास का क्या भाव है। महंत ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्रा को कॉरिडोर वापस लेने की सलाह दी।
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कहां, कॉरिडोर कोई व्यवस्था नहीं है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वर्तमान मंदिर प्रांगण को बड़ा करके ही तीर्थ यात्रियों को आसानी से दर्शन कराए जा सकते हैं। सभी ने एक स्वर में शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन को चेताया। इस मौके पर नीरज गोस्वामी, वृंदावन बिहारी मिश्र, पवन बिहारी गौड़, हिमांशु गोस्वामी, अलौकिक शर्मा, गोविंद खंडेलवाल, वैभव शर्मा, सोहन लाल मिश्र, आचार्य रामानुज, मनमोहन गोस्वामी, राजेश कृष्ण शर्मा, मुन्ना लाल सिद्ध, रूपकिशोर, सुमित मिश्रा दीपक पाराशर आदि उपस्थित थे। संवाद