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Mathura News: बिजली संकट से हाहाकार, स्कूल करने पड़े बंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 May 2025 12:19 AM IST
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Chaos due to power crisis, schools had to be closed
मथुरा। मांगों को लेकर धरना देकर प्रदर्शन करते संविदा कर्मचारी। - फोटो : mathura
मथुरा। बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते शहर में हर तरफ हाहाकार रहा। मंगलवार रात को कई क्षेत्रों में बिजली न आने से लोगों ने जागकर रात काटी। वहीं बुधवार को दिन में बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्कूल तक बंद करने पड़े। एक तरफ गर्मी ने लोगों को बेहाल किया तो दूसरी तरफ सुबह बिजली कटौती के चलते पानी का भी संकट खड़ा हो गया। विद्युत निगम के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आपूर्ति व्यवस्था सुधारी नहीं जा सकी। बुधवार को भी तेज धूप और लू के चलते लोग परेशान नजर आए।
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विद्युत निगम के संविदाकर्मी मंगलवार से 72 घंटे की हड़ताल पर हैं। ऐसे में बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का सुकुन छीन लिया है। मंगलवार रात को कैंट क्षेत्र में मोतीकुंज एक्सटेंशन समेत आसपास के क्षेत्र में रात 11 बजे से लेकर सुबह छह बजे तक बिजली नहीं आई। किसी ने छत पर तो किसी ने गलियों में टहलकर रात काटी।
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बुधवार सुबह ही बिजली की समस्या का समाधान नहीं हो सका। लंबी बिजली कटौती के चलते घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। चंदनवन क्षेत्र में सुबह छह बजे ही बिजली चली गई। इसके चलते जब लोग उठे तो उन्हें पानी के लिए भी परेशानी होना पड़ा। करीब 7 घंटे बाद दोपहर एक बजे बिजली शुरू हो सकी।
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बिजली कटौती के चलते मोतीकुंज स्थित एक स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी। स्कूल की तरफ से अभिभावकों को मैसेज भेजकर इसकी जानकारी दी गई। इसके अलावा शहर के लक्ष्मीनगर, कृष्णा नगर, वल्लभ कुंज, जय गुरुदेव आश्रम, धौली प्याऊ, कैंट स्टेशन, होलीगेट समेत अन्य क्षेत्रों में भी बिजली चार घंटे तक बाधित रही।
दरअसल संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के चलते विद्युत निगम बिजली आपूर्ति करने में विफल हो रहा है। फाॅल्ट भी सही करने में कई घंटों का समय लग जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी संविदाकर्मी हड़ताल पर हैं, ऐसे में यह समस्या अभी बनी रहेगी।
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घनघनाते रहे फोन, नहीं मिला कोई जवाब
बिजली कटौती के बीच लोग यह जानने के लिए परेशान रहे कि आखिर कटौती का कारण क्या है और आपूर्ति कब तक शुरू होगी। इसके लिए उपभोक्ता एसएसओ, अवर अभियंता, उप खंड अधिकारी और अधिशासी अभियंता समेत अन्य अधिकारियों को फोन लगाते रहे। मंगलवार रात में अधिकारियों के फोन तो घनघनाते रहे, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। कई अधिकारियों ने तो फोन ही नहीं उठाए, जिससे उपभोक्ता मायूस नजर आए।

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जारी रहा संविदाकर्मियों का धरना
कैंट विद्युत उपकेंद्र पर विद्युत निगम के संविदाकर्मी दूसरे दिन भी धरने पर बैठे रहे। 72 घंटे की हड़ताल में एसएसओ, टीजी-2, अवर अभियंता और उप खंड अधिकारी समेत अन्य कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे। उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंतल ने कहा कि हड़ताल बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है।
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