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तिजोरी से बाहर नहीं आ रहा एक हजार करोड़
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:10 AM IST
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बैंकों ने अब तक लोगों को एक हजार करोड़ रुपये बांटे हैं। लेकिन नकदी की कमी के हालात जस के तस बने हुए है। बैंकों के बाहर लोगों की कतार है। जहां कैश है वहां से भी बहुत कम धनराशि ही मिल पा रही है। ऐेसे में बड़ा सवाल ये है कि लोगों को बांटा गया एक हजार करोड़ रुपया आखिर कहां गया।
नोटबंदी के बाद अब तक सिंडीकेट बैंक से 300 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक से सौ करोड़ और भारतीय स्टेट बैंक से पांच सौ करोड़ की धनराशि बांटी जा चुकी है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर की बैंक और कुछ ऐसी शाखाएं भी रहीं जो अपने मुख्यालय से लाकर धनराशि बांटती रहीं। कुल मिलाकर अब तक करीब एक हजार करोड़ की धनराशि बांटी जा चुकी है।
इतनी बड़ी राशि बांटे जाने के बाद भी बैंकों में हालात जस के तस बने हुए है। बैंक अफ सर भी इस बात से परेशान है कि अब तक बैंकाें में नई करेंसी के जमा करने का आंकड़ा न के बराबर है।
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गंभीर सवाल ये है कि अब भी लोग धनराशि को घरों में ही जमा कर रहे हैं। कारोबारी अपनी बिक्री का रुपया बैंक में जमा नहीं करा रहे हैं। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एके प्रसाद ने बताया कि बैंकों में नई करेंसी जमा नहीं हो रही है। बैंकों में भुगतान संकट की एक बड़ी वजह ये भी है।
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नोटबंदी के बाद अब तक सिंडीकेट बैंक से 300 करोड़, पंजाब नेशनल बैंक से सौ करोड़ और भारतीय स्टेट बैंक से पांच सौ करोड़ की धनराशि बांटी जा चुकी है। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर की बैंक और कुछ ऐसी शाखाएं भी रहीं जो अपने मुख्यालय से लाकर धनराशि बांटती रहीं। कुल मिलाकर अब तक करीब एक हजार करोड़ की धनराशि बांटी जा चुकी है।
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इतनी बड़ी राशि बांटे जाने के बाद भी बैंकों में हालात जस के तस बने हुए है। बैंक अफ सर भी इस बात से परेशान है कि अब तक बैंकाें में नई करेंसी के जमा करने का आंकड़ा न के बराबर है।
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गंभीर सवाल ये है कि अब भी लोग धनराशि को घरों में ही जमा कर रहे हैं। कारोबारी अपनी बिक्री का रुपया बैंक में जमा नहीं करा रहे हैं। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एके प्रसाद ने बताया कि बैंकों में नई करेंसी जमा नहीं हो रही है। बैंकों में भुगतान संकट की एक बड़ी वजह ये भी है।