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हत्या में मुकदमा, सुरक्षा के प्रति लापरवाही क्यों?
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फाइल फोटो नीरज अग्रवाल, पत्नी नेहा अग्रवाल
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। सुसाइड मानकर चल रही पुलिस ने आखिर हत्या में मुकदमा दर्ज क्यों किया? अगर किया तो फिर बुलियन कारोबारी के दिल्ली में भर्ती बेटे शौर्य के प्रति सुरक्षा में लापरवाह क्यों बरती गई? तीन दिन से दिल्ली में भर्ती बिना सुरक्षा के शौर्य का इलाज चलना, वहीं कलाकुंज में भी परिवार की सुरक्षा में कोई जवान का तैनात न होना मंशा को साफ जाहिर करता है।
एक जनवरी को वृंदावन कट के पास झज्जर अंडरपास में बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल और उसकी पत्नी नेहा अग्रवाल और बेटी धान्या की लाशें कार में मिलीं थीं, वहीं बेटे शौर्य गंभीर रूप से घायल था। हालांकि पुलिस ने शीशे तोड़कर शौर्य को अस्पताल में भर्ती कराया। तीन दिन बीतने के बाद भी शौर्य का इलाज दिल्ली के अपोलो में बिना सुरक्षा के चल रहा है।
मतलब यहां पर कोई भी पुलिस का जवान तैनात नहीं किया गया, वहीं कलाकुंज में कारोबारी के पिता और भाई के परिवार को भी सुरक्षा के प्रति लापरवाही पुलिस की मंशा का साफ उजागर करती है। सुसाइड मानकर चल रही पुलिस ने हत्या का मुकदमा लिखने में देरी नहीं की, सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरती। सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि नयति से परिजन खुद ही दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले गए। परिजनों ने ऐसी कोई सुरक्षा मांगी नहीं। मांगेंगे तो सुरक्षा प्रदान कराई जाएगी।
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एक जनवरी को वृंदावन कट के पास झज्जर अंडरपास में बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल और उसकी पत्नी नेहा अग्रवाल और बेटी धान्या की लाशें कार में मिलीं थीं, वहीं बेटे शौर्य गंभीर रूप से घायल था। हालांकि पुलिस ने शीशे तोड़कर शौर्य को अस्पताल में भर्ती कराया। तीन दिन बीतने के बाद भी शौर्य का इलाज दिल्ली के अपोलो में बिना सुरक्षा के चल रहा है।
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मतलब यहां पर कोई भी पुलिस का जवान तैनात नहीं किया गया, वहीं कलाकुंज में कारोबारी के पिता और भाई के परिवार को भी सुरक्षा के प्रति लापरवाही पुलिस की मंशा का साफ उजागर करती है। सुसाइड मानकर चल रही पुलिस ने हत्या का मुकदमा लिखने में देरी नहीं की, सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरती। सीओ सदर रमेश तिवारी ने बताया कि नयति से परिजन खुद ही दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले गए। परिजनों ने ऐसी कोई सुरक्षा मांगी नहीं। मांगेंगे तो सुरक्षा प्रदान कराई जाएगी।
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