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बैंक खुलने से दो घंटे पहले पहुंच रहे लाभार्थी
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मथुरा। कोतवाली रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लगी महिलाओं की लाइन।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। लॉकडाउन के चलतेे मजदूर तबका आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, इसी को देखते हुए केंद्र और प्रदेश की सरकार ने विभिन्न योजनाओं में मजदूर तबके को धनराशि दी है। यह धनराशि योजनाओं के पात्रों को दी गई है जो उनके बैंक खातों में पहुंची है। इस धनराशि को निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंकों में पहुंच रहे हैं। लंबी-लंबी लाइनें बैंकों के बाहर लग रही हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग बैंक खुलने से दो घंटे पहले ही बैंकों के बाहर पहुंच जाते हैं और सुबह दस बजे तक लंबी लाइन लग जाती है। दोपहर दो बजे तक बैंकों के बाहर लाइन लगी रहती हैं।
केंद्र और राज्य सरकारों ने पंजीकृत मजदूर को एक-एक हजार रुपये, किसान सम्मान निधि, जनधन के खातों में पांच-पांच सौ रुपये आदि योजनाओं में श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर आदि वर्ग के लिए दिए हैं। ऐसा इसलिए किया गया कि लॉकडाउन के दौरान मजदूर तबके को आर्थिक तंगी से न जूझना पड़े। ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है। चूंकि सरकार ने धनराशि जारी कर दी है और बैंक में पहुंच गई है इसलिए पैसा निकालने के लिए लोग बैंकों में पहुंच रहे हैं।
बैंक सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक खुल रहे हैं, लेकिन सुबह आठ बजे से ही लोग बैंक के बाहर बैठ जाते हैं। लोगों की लंबी-लंबी लाइनों में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर अनिल गुप्ता ने बताया कि योजनाओं की धनराशि बैंक में पहुंच गई है, जिसे निकालने के लिए लोग बैंक में पहुंच रहे हैं।
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केंद्र और राज्य सरकारों ने पंजीकृत मजदूर को एक-एक हजार रुपये, किसान सम्मान निधि, जनधन के खातों में पांच-पांच सौ रुपये आदि योजनाओं में श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर आदि वर्ग के लिए दिए हैं। ऐसा इसलिए किया गया कि लॉकडाउन के दौरान मजदूर तबके को आर्थिक तंगी से न जूझना पड़े। ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है। चूंकि सरकार ने धनराशि जारी कर दी है और बैंक में पहुंच गई है इसलिए पैसा निकालने के लिए लोग बैंकों में पहुंच रहे हैं।
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बैंक सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक खुल रहे हैं, लेकिन सुबह आठ बजे से ही लोग बैंक के बाहर बैठ जाते हैं। लोगों की लंबी-लंबी लाइनों में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर अनिल गुप्ता ने बताया कि योजनाओं की धनराशि बैंक में पहुंच गई है, जिसे निकालने के लिए लोग बैंक में पहुंच रहे हैं।
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