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Mathura News: 11 अक्तूबर तक मंडी बंदी का ऐलान
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मथुरा। मंडी समिति में धान की भारी आवक के कारण भीषण जाम लग गया है। जगह की कमी के चलते सड़कों पर धान की नीलामी हो रही है। इससे लोडिंग का काम ठप हो गया है। इन अव्यवस्थाओं के कारण व्यापारियों ने 11 अक्तूबर तक मंडी बंद रखने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को धान की आवक बढ़ने से हाईवे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मंडी सचिव रेनू वर्मा ने 21 सितंबर को ही पत्र जारी कर सड़कों पर धान न खोलने की सख्त हिदायत दी थी। बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने भी निरीक्षण किया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि आवागमन सुचारु रहना चाहिए और सार्वजनिक स्थलों पर धान की नीलामी नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद सड़कों पर धान खुलने से मंडी में चक्का जाम हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मंडी का मुख्य द्वार बंद करना पड़ा। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग और हाईवे सर्विस रोड पर वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस को हाईवे पर आवागमन सुचारु रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंडी सचिव रेनू वर्मा ने बताया कि मंडी में ज्यादा धान की आवक से जाम के हालात हैं।
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सड़कों पर नीलामी की वजह
मंडी में कृषि उपज की नीलामी के लिए छह नीलामी चबूतरे और दुकानों के आगे पर्याप्त स्थान उपलब्ध हैं। इसके बावजूद, मंडी अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापारियों ने इन नीलामी चबूतरों पर गोदाम और कार्यालय बना लिए हैं। इस कारण किसानों की कृषि उपज को नीलामी के लिए सड़कों पर खोल दिया जाता है। यह स्थिति मंडी में लगातार जाम और अव्यवस्था का कारण बन रही है। यही अवैध कब्जे और मिलीभगत इस समस्या की मुख्य वजह है।
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अवैध कब्जों का इतिहास
करीब पांच वर्ष पूर्व मंडी में निरीक्षकों ने 256 अतिक्रमण चिह्नित किए थे। इन स्थानों को जेसीबी से कब्जामुक्त भी कराया गया था। लेकिन, बाद में अधिकारियों ने लेन-देन कर इन सभी जगहों पर पुनः कब्जा करवा दिया। फिलहाल, नीलामी चबूतरे, दुकानों के बीच के खाली स्थान और खाली भूमियों पर अवैध कब्जे हैं। ये कब्जे ही जाम की समस्या की मुख्य वजह बन रहे हैं।
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प्रशासन की कार्रवाई और व्यापारियों का निर्णय
रेनू वर्मा ने बताया कि लदान नहीं हो पा रहा है। इससे व्यापारियों ने 11 अक्तूबर तक मंडी बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान सिर्फ लदान का काम किया जाएगा। मंडी प्रशासन ने सभी अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी किए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई भी चल रही है।
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मंडी सचिव रेनू वर्मा ने 21 सितंबर को ही पत्र जारी कर सड़कों पर धान न खोलने की सख्त हिदायत दी थी। बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने भी निरीक्षण किया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि आवागमन सुचारु रहना चाहिए और सार्वजनिक स्थलों पर धान की नीलामी नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद सड़कों पर धान खुलने से मंडी में चक्का जाम हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मंडी का मुख्य द्वार बंद करना पड़ा। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग और हाईवे सर्विस रोड पर वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस को हाईवे पर आवागमन सुचारु रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंडी सचिव रेनू वर्मा ने बताया कि मंडी में ज्यादा धान की आवक से जाम के हालात हैं।
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सड़कों पर नीलामी की वजह
मंडी में कृषि उपज की नीलामी के लिए छह नीलामी चबूतरे और दुकानों के आगे पर्याप्त स्थान उपलब्ध हैं। इसके बावजूद, मंडी अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापारियों ने इन नीलामी चबूतरों पर गोदाम और कार्यालय बना लिए हैं। इस कारण किसानों की कृषि उपज को नीलामी के लिए सड़कों पर खोल दिया जाता है। यह स्थिति मंडी में लगातार जाम और अव्यवस्था का कारण बन रही है। यही अवैध कब्जे और मिलीभगत इस समस्या की मुख्य वजह है।
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अवैध कब्जों का इतिहास
करीब पांच वर्ष पूर्व मंडी में निरीक्षकों ने 256 अतिक्रमण चिह्नित किए थे। इन स्थानों को जेसीबी से कब्जामुक्त भी कराया गया था। लेकिन, बाद में अधिकारियों ने लेन-देन कर इन सभी जगहों पर पुनः कब्जा करवा दिया। फिलहाल, नीलामी चबूतरे, दुकानों के बीच के खाली स्थान और खाली भूमियों पर अवैध कब्जे हैं। ये कब्जे ही जाम की समस्या की मुख्य वजह बन रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और व्यापारियों का निर्णय
रेनू वर्मा ने बताया कि लदान नहीं हो पा रहा है। इससे व्यापारियों ने 11 अक्तूबर तक मंडी बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान सिर्फ लदान का काम किया जाएगा। मंडी प्रशासन ने सभी अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी किए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई भी चल रही है।