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दिल्ली की बदनाम गली का एजेंट हर जिले में
पुनीत शर्मा
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:11 AM IST
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सेक्स रैकेट
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प्रदेश के बड़े शहरों में दिल्ली की बदनाम गली (जीबी रोड) का नेटवर्क है। इन शहरों में सेक्स कारोबारियों ने अपने एजेंट छोड़ रखे हैं। यह लोग भोली भाली लड़कियों को शानदार जिंदगी का ख्वाब दिखाकर प्रेम जाल में फंसाते हैं और फिर देह व्यापार में धकेल देते हैं। पांच हजार लड़कियों को देह व्यापार में धकेलने वाले आफाक और सायरा की गिरफ्तारी के बाद जो नेटवर्क सामने आया है उसमें प्रदेश के सभी बड़े शहर शामिल हैं। इनके कई गुर्गों का रिलेशन ब्रज क्षेत्र में भी पता चला है।
आफाक का नेटवर्क दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, आगरा और अलीगढ़ मंडल तक बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को इस दंपति से पूछताछ में जो जानकारी मिली है उसके बाद सभी जिलों में रैकेट से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है। पूर्व डीजीपी एके जैन का कहना है कि प्रदेश के बड़े शहरों में यह काला कारोबार कई दफा पकड़ा जा चुका है। जब लड़कियां बरामद की जाती थीं तो पता चलता था कि जिसके प्यार में आकर उन्होंने अपना घर छोड़ा था वही उन्हें बदनाम गलियों में छोड़ आया। इस प्रकार के कई खुलासे हो चुके हैं।
सभी जिलों से मांगी गई गुम लड़कियों की जानकारी
देह व्यापार के इस काले कारोबार का खुलासा होने के बाद सभी जिलों से गुम लड़कियों के बारे में जानकारी मांगी जा रही है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं यह लड़कियां या महिलाएं भी इस गिरोह या ऐसे किसी दूसरे गिरोह के जाल में तो नहीं फंस गई हैं। इनकी तलाश नए सिरे से की जाएगी। बाकायदा फोटो अलबम लेकर पुलिस निकलेगी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस उनसे जो भी जानकारी मांगेगी उपलब्ध करा दी जाएगी।
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जिले में मारकर फेंकी 10 लड़कियां ऐसे गिरोह का शिकार तो नहीं
जनवरी 2016 से अगस्त तक 10 लड़कियों के शव मथुरा में अलग-अलग स्थानों पर मिल चुके हैं। सभी हाईवे के आसपास फेंके गए। अभी तक किसी की भी शिनाख्त नहीं हो सकी है। अगस्त के दूसरे सप्ताह में ही फरह में हाईवे किनारे एक महिला और युवती का शव बैग में मिला था। दोनों की हत्या चाकुओं से गोदकर की गई थी। तमाम प्रयासों के बाद भी इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस भी आशंका व्यक्त कर रही है कि कहीं यह महिलाएं किसी ऐसे गिरोह से ही ताल्लुक तो नहीं रखती थीं। खास बात यह है कि जितनी भी लड़कियां मारकर यहां डाली गई हैं उनमें से सभी की उम्र 25 से 30 साल के करीब है। पहचान न हो जाए इसलिए कई लड़कियों के चेहरे तेजाब डालकर बिगाड़ दिए थे। बैग में जिस युवती की लाश मिली थी उसका चेहरा भी तेजाब डालकर बिगाड़ा गया था।
जिले में भी पकड़े जा चुके रैकेट
जिले में हाईवे, गोविंदनगर थाना, रिफाइनरी और शहर कोतवाली क्षेत्र में भी सेक्स रैकेट पकड़े जा चुके हैं। एक गेस्ट हाउस में भी यह देह का कारोबार पकड़ा जा चुका है। जब पुलिस ने यहां दबिश दी थी तो कई जिलों की लड़कियां यहां से बरामद की गई थीं। शहर की पॉश कालोनी में एक महिला पूरा नेटवर्क चला रही थी।
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आफाक का नेटवर्क दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, आगरा और अलीगढ़ मंडल तक बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को इस दंपति से पूछताछ में जो जानकारी मिली है उसके बाद सभी जिलों में रैकेट से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है। पूर्व डीजीपी एके जैन का कहना है कि प्रदेश के बड़े शहरों में यह काला कारोबार कई दफा पकड़ा जा चुका है। जब लड़कियां बरामद की जाती थीं तो पता चलता था कि जिसके प्यार में आकर उन्होंने अपना घर छोड़ा था वही उन्हें बदनाम गलियों में छोड़ आया। इस प्रकार के कई खुलासे हो चुके हैं।
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सभी जिलों से मांगी गई गुम लड़कियों की जानकारी
देह व्यापार के इस काले कारोबार का खुलासा होने के बाद सभी जिलों से गुम लड़कियों के बारे में जानकारी मांगी जा रही है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं यह लड़कियां या महिलाएं भी इस गिरोह या ऐसे किसी दूसरे गिरोह के जाल में तो नहीं फंस गई हैं। इनकी तलाश नए सिरे से की जाएगी। बाकायदा फोटो अलबम लेकर पुलिस निकलेगी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस उनसे जो भी जानकारी मांगेगी उपलब्ध करा दी जाएगी।
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जिले में मारकर फेंकी 10 लड़कियां ऐसे गिरोह का शिकार तो नहीं
जनवरी 2016 से अगस्त तक 10 लड़कियों के शव मथुरा में अलग-अलग स्थानों पर मिल चुके हैं। सभी हाईवे के आसपास फेंके गए। अभी तक किसी की भी शिनाख्त नहीं हो सकी है। अगस्त के दूसरे सप्ताह में ही फरह में हाईवे किनारे एक महिला और युवती का शव बैग में मिला था। दोनों की हत्या चाकुओं से गोदकर की गई थी। तमाम प्रयासों के बाद भी इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस भी आशंका व्यक्त कर रही है कि कहीं यह महिलाएं किसी ऐसे गिरोह से ही ताल्लुक तो नहीं रखती थीं। खास बात यह है कि जितनी भी लड़कियां मारकर यहां डाली गई हैं उनमें से सभी की उम्र 25 से 30 साल के करीब है। पहचान न हो जाए इसलिए कई लड़कियों के चेहरे तेजाब डालकर बिगाड़ दिए थे। बैग में जिस युवती की लाश मिली थी उसका चेहरा भी तेजाब डालकर बिगाड़ा गया था।
जिले में भी पकड़े जा चुके रैकेट
जिले में हाईवे, गोविंदनगर थाना, रिफाइनरी और शहर कोतवाली क्षेत्र में भी सेक्स रैकेट पकड़े जा चुके हैं। एक गेस्ट हाउस में भी यह देह का कारोबार पकड़ा जा चुका है। जब पुलिस ने यहां दबिश दी थी तो कई जिलों की लड़कियां यहां से बरामद की गई थीं। शहर की पॉश कालोनी में एक महिला पूरा नेटवर्क चला रही थी।