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यमुना शुद्धिकरण: आखिर झूठे आश्वासन से दिसम्बर तक कैसे प्रदूषण मुक्त होगा यमुना का जल
Thu, 12 Aug 2021 05:28 PM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 05:28 PM IST
सार
मथुरा वृंदावन के सभी गंदे नाले रोज 260 एमएलडी प्रदूषित जल यमुना में सीधे गिराते हैं और सरकार 60 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों पर कार्य कर रही हैं, जो नालों की सफाई के लिए अपर्याप्त क्षमता के हैं।
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यमुना (फाइल)
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विस्तार
विश्वधर्म रक्षक दल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी ने मांग की कि केंद्र व प्रदेश सरकार लिखकर दे कि दिसंबर तक यमुना प्रदषण मुक्त हो जोएगी। आरोप लगाया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और सांसद हेमा मालिनी ने दिसंबर 2021 में यमुना साफ करने का मौखिक भरोसा देकर यमुना मुद्दे को ठंडे बस्ते में डालने का काम किया है। हकीकत में केंद्र सरकार के पास यमुना के जल को निर्मल बनाने के लिए कोई भी ठोस योजना नही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार गंदे नालों के जल को शुद्ध करने की योजना के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों को लगाने की योजना पर कार्यरत हैं। केंद्र एवं राज्य सरकारें जिस सीवर ट्रीटमेंट योजनाओं पर भरोसा कर रही हैं। सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों के जल को शोधन करने की क्षमता भी अधिक नहीं है। ये प्लांट केवल 30 प्रतिशत जल को ही शोधित कर पाते हैं। मथुरा वृंदावन के सभी गंदे नाले रोज 260 एमएलडी प्रदूषित जल यमुना में सीधे गिराते हैं और सरकार 60 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों पर कार्य कर रही हैं, जो नालों की सफाई के लिए अपर्याप्त क्षमता के हैं।
उन्होंने कहा कि जनता एवं यमुना भक्तों को गुमराह कर खर्च हुए धन को यमुना सफाई के नाम पर हुआ खर्च करने का दावा करती हैं। सरकार जनता के धन का दुरुपयोग कर जनता को मूर्ख बना रही है, यमुना का जल तो अमृत हैं उसे ट्रीटमेंट करना जरूरी नहीं होता। मौजूदा समय में दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऊपर से आने वाले पानी को कहीं रोका न जाए तभी बात बनेगी।
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उन्होंने कहा कि सरकार गंदे नालों के जल को शुद्ध करने की योजना के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों को लगाने की योजना पर कार्यरत हैं। केंद्र एवं राज्य सरकारें जिस सीवर ट्रीटमेंट योजनाओं पर भरोसा कर रही हैं। सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों के जल को शोधन करने की क्षमता भी अधिक नहीं है। ये प्लांट केवल 30 प्रतिशत जल को ही शोधित कर पाते हैं। मथुरा वृंदावन के सभी गंदे नाले रोज 260 एमएलडी प्रदूषित जल यमुना में सीधे गिराते हैं और सरकार 60 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों पर कार्य कर रही हैं, जो नालों की सफाई के लिए अपर्याप्त क्षमता के हैं।
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उन्होंने कहा कि जनता एवं यमुना भक्तों को गुमराह कर खर्च हुए धन को यमुना सफाई के नाम पर हुआ खर्च करने का दावा करती हैं। सरकार जनता के धन का दुरुपयोग कर जनता को मूर्ख बना रही है, यमुना का जल तो अमृत हैं उसे ट्रीटमेंट करना जरूरी नहीं होता। मौजूदा समय में दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऊपर से आने वाले पानी को कहीं रोका न जाए तभी बात बनेगी।
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