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चंद्रवती की हालत बिगड़ी, बोल भी नहीं पा रही
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मथुरा। सुरीर कोतवाली में खुद को आग लगाने वाले दंपती की हालत में कोई खास सुधार नहीं है। महिला की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती महिला अब बोल भी नहीं पा रही है। वहीं, परिवार वालों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती दंपती से पुलिस अधिकारी अपने पक्ष में बयान दिलाना चाहते हैं। एक सीओ इसके लिए लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं।
सुरीरकलां निवासी जोगेंद्र और उसकी पत्नी चंद्रवती ने सुरीर कोतवाली में खुद को आग लगा थी। दोनों साठ फीसदी से भी ज्यादा जल चुके हैं। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है। चंद्रवती की हालत शुक्रवार को बिगड़ गई। वह बोल भी नहीं पा रही है। डॉक्टरों ने कहा है कि वह सत्तर फीसदी से भी ज्यादा जल चुकी है।
डॉक्टरों की एक टीम उसका इलाज कर रही है। वहीं परिवार वालों का कहना है कि एक तो वह लोग बहुत ही नाजुक हालात से गुजर रहे हैं वहीं पुलिस वाले उन पर बयान देने के लिए दबाव बना रहे हैं। पुलिस के पक्ष में बयान देने को बार बार कहा जा रहा है। इसके लिए एक सीओ लगातार अस्पताल में डेरा जमाए हैं। वहीं ग्रामीणों में भी इस घटना से रोष है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने मुकदमा लिख लिया होता तो आज एक खुशहाल परिवार का यह हाल न होता। पुलिस जोगेंद्र को बार बार थाने से भगाती रही।
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सुरीरकलां निवासी जोगेंद्र और उसकी पत्नी चंद्रवती ने सुरीर कोतवाली में खुद को आग लगा थी। दोनों साठ फीसदी से भी ज्यादा जल चुके हैं। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है। चंद्रवती की हालत शुक्रवार को बिगड़ गई। वह बोल भी नहीं पा रही है। डॉक्टरों ने कहा है कि वह सत्तर फीसदी से भी ज्यादा जल चुकी है।
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डॉक्टरों की एक टीम उसका इलाज कर रही है। वहीं परिवार वालों का कहना है कि एक तो वह लोग बहुत ही नाजुक हालात से गुजर रहे हैं वहीं पुलिस वाले उन पर बयान देने के लिए दबाव बना रहे हैं। पुलिस के पक्ष में बयान देने को बार बार कहा जा रहा है। इसके लिए एक सीओ लगातार अस्पताल में डेरा जमाए हैं। वहीं ग्रामीणों में भी इस घटना से रोष है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने मुकदमा लिख लिया होता तो आज एक खुशहाल परिवार का यह हाल न होता। पुलिस जोगेंद्र को बार बार थाने से भगाती रही।
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