{"_id":"5e89d0d18ebc3e76a20921d4","slug":"administration-alert-mathura-news-agr4367364173","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओल में मस्जिद के चारों ओर एक किलोमीटर का दायरा सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओल में मस्जिद के चारों ओर एक किलोमीटर का दायरा सील
विज्ञापन
मथुरा। कस्बा ओल को सील करने के बाद तैनात अधिकारी, पुलिस बल, आशा व आगनबाड़ी कार्यकर्ता।
- फोटो : MATHURA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरह (मथुरा)। फरह क्षेत्र के ओल गांव की मस्जिद में दिल्ली के धार्मिक जलसे से लौटे 30 जमातियों के पकड़े जाने के बाद से प्रशासन अलर्ट है। शनिवार को प्रशासन को जानकारी मिली कि ओल गांव में जमात से कुछ लोग लौटे हैं। इस सूचना पर रविवार को सुबह प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें गांव में पहुंच गईं और 15 लोगों की जांच की गई। सभी लोग भरतपुर में हुई जमात से लौटे थे।
जांच में सभी लोग स्वस्थ मिले, लेकिन सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। दोपहर में सीडीओ, एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच गई और मस्जिद के चारों ओर एक किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया। गांव में आवाजाही रोक दी गई। आंगनबाड़ी और आशाओं की दस टीमें बनाकर गांव के सभी घरों से लोगों का डाटा एकत्र किया गया। हालांकि इस कवायद को अधिकारी मॉक ड्रिल बता रहे हैं।
दिल्ली के धार्मिक जलसे में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने और वहां से लौटे जमातियों के ओल गांव में मिलने के बाद सेे ही प्रशासन में हड़कंप मचा है। जिले में इस समय ओल गांव को जिले में सबसे संवेदनशील बताया जा रहा है। शनिवार को प्रशासन को ओल गांव में जमातियों के ठहरे होने की सूचना मिली तो खलबली मच गई। बताया जाता है कि गांव से 15 लोगों को रात में ही चिह्नित कर लिया गया था। सुबह डॉक्टरों की टीम गांव में पहुंच गई और सभी की जांच हुई, लेकिन सभी स्वस्थ मिले। सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि यह सभी नौ मार्च को भरतपुर जमात में गए थे। 12 मार्च को यह लोग अपने घर वापस लौटे।
विज्ञापन
दोपहर एक बजे सीडीओ नितिन गौड़, एसपी सिटी अशोक मीणा, एसपी ट्रैफिक ब्रजेश कुमार सिंह गांव में पहुंच गए और ओल की मस्जिद के एक किलोमीटर के दायरे को छह बैरियर लगाकर सील कर दिया। गांव में सभी की आवाजाही रोक दी गई। पीएसी के साथ अधिकारियों ने गांव में फ्लैगमार्च किया। आंगनबाड़ी और आशाओं की दस टीमें लगाकर पूरे गांव में प्रत्येक परिवार के सदस्यों का डाटा एकत्र किया गया। पता लगाया गया कि परिवार में कितने सदस्य हैं। पिछले एक महीने में गांव में कौन-कौन आया और गांव से बाहर गया।
जमातियों को तलाश रही है एलआईयू
कोसीकलां और ओल के बाद फिर ओल में मिले 15 जमातियों की जांच कराई गई है। एलआईयू ऐसे जमातियों पर पूरी निगाहें रखे है। ऐसे जमातियों को जनपद में तलाशा जा रहा है। कहीं भी मिलने पर उनकी जांच सबसे पहले कराई जा रही है। एलआईयू इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि जमाती मिलने पर तत्काल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी जाती है। जांच के बाद ही आगे कोई कदम उठाया जाता है।
जनपद के 21 थानों में एक इलाका कर लिया गया चिह्नित
लॉकडाउन को 12 दिन गुजर गए हैं। गनीमत रही है कि अभी तक मथुरा में कोरोना वायरस का एक भी पॉजिटिव सामने नहीं आया। यह हम नहीं, बल्कि प्रशासन इसकी पुष्टि कर चुका है। अब पुलिस-प्रशासन ने पॉजिटिव केस मिलने पर पूरे इलाके को सील करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए जिले के सभी 21 थानों में एक इलाके को चिह्नित किया जा रहा है। इन इलाकों में मॉक ड्रिल कराई जाएगी। पुलिस-प्रशासन के संग स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम भी जुटेंगी।
एसपी यातायात को सौंपी कमान
एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने एसपी यातायात डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह को इस मुहिम की जिम्मेदारी सौंपी है। इनके साथ स्वास्थ्य और राजस्व टीम को भी रखा गया है। इसके लिए पुलिस ने पूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बयान
पॉजिटिव केस मिलने से पहले जनपद के थानों में प्रत्येक इलाके को चिह्नित करके मॉक ड्रिल कराई जा रही है। ड्यूटी चार्ट तैयार कर लिए हैं। स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम पूरी तरह से पुलिस-प्रशासन के अफसरों के साथ मुस्तैद रखी गई है।
-डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसएसपी
विज्ञापन
जांच में सभी लोग स्वस्थ मिले, लेकिन सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। दोपहर में सीडीओ, एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच गई और मस्जिद के चारों ओर एक किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया। गांव में आवाजाही रोक दी गई। आंगनबाड़ी और आशाओं की दस टीमें बनाकर गांव के सभी घरों से लोगों का डाटा एकत्र किया गया। हालांकि इस कवायद को अधिकारी मॉक ड्रिल बता रहे हैं।
विज्ञापन
दिल्ली के धार्मिक जलसे में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने और वहां से लौटे जमातियों के ओल गांव में मिलने के बाद सेे ही प्रशासन में हड़कंप मचा है। जिले में इस समय ओल गांव को जिले में सबसे संवेदनशील बताया जा रहा है। शनिवार को प्रशासन को ओल गांव में जमातियों के ठहरे होने की सूचना मिली तो खलबली मच गई। बताया जाता है कि गांव से 15 लोगों को रात में ही चिह्नित कर लिया गया था। सुबह डॉक्टरों की टीम गांव में पहुंच गई और सभी की जांच हुई, लेकिन सभी स्वस्थ मिले। सभी को होम क्वारंटीन कर दिया गया। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि यह सभी नौ मार्च को भरतपुर जमात में गए थे। 12 मार्च को यह लोग अपने घर वापस लौटे।
विज्ञापन
दोपहर एक बजे सीडीओ नितिन गौड़, एसपी सिटी अशोक मीणा, एसपी ट्रैफिक ब्रजेश कुमार सिंह गांव में पहुंच गए और ओल की मस्जिद के एक किलोमीटर के दायरे को छह बैरियर लगाकर सील कर दिया। गांव में सभी की आवाजाही रोक दी गई। पीएसी के साथ अधिकारियों ने गांव में फ्लैगमार्च किया। आंगनबाड़ी और आशाओं की दस टीमें लगाकर पूरे गांव में प्रत्येक परिवार के सदस्यों का डाटा एकत्र किया गया। पता लगाया गया कि परिवार में कितने सदस्य हैं। पिछले एक महीने में गांव में कौन-कौन आया और गांव से बाहर गया।
जमातियों को तलाश रही है एलआईयू
कोसीकलां और ओल के बाद फिर ओल में मिले 15 जमातियों की जांच कराई गई है। एलआईयू ऐसे जमातियों पर पूरी निगाहें रखे है। ऐसे जमातियों को जनपद में तलाशा जा रहा है। कहीं भी मिलने पर उनकी जांच सबसे पहले कराई जा रही है। एलआईयू इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि जमाती मिलने पर तत्काल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी जाती है। जांच के बाद ही आगे कोई कदम उठाया जाता है।
जनपद के 21 थानों में एक इलाका कर लिया गया चिह्नित
लॉकडाउन को 12 दिन गुजर गए हैं। गनीमत रही है कि अभी तक मथुरा में कोरोना वायरस का एक भी पॉजिटिव सामने नहीं आया। यह हम नहीं, बल्कि प्रशासन इसकी पुष्टि कर चुका है। अब पुलिस-प्रशासन ने पॉजिटिव केस मिलने पर पूरे इलाके को सील करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए जिले के सभी 21 थानों में एक इलाके को चिह्नित किया जा रहा है। इन इलाकों में मॉक ड्रिल कराई जाएगी। पुलिस-प्रशासन के संग स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम भी जुटेंगी।
एसपी यातायात को सौंपी कमान
एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने एसपी यातायात डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह को इस मुहिम की जिम्मेदारी सौंपी है। इनके साथ स्वास्थ्य और राजस्व टीम को भी रखा गया है। इसके लिए पुलिस ने पूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बयान
पॉजिटिव केस मिलने से पहले जनपद के थानों में प्रत्येक इलाके को चिह्नित करके मॉक ड्रिल कराई जा रही है। ड्यूटी चार्ट तैयार कर लिए हैं। स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम पूरी तरह से पुलिस-प्रशासन के अफसरों के साथ मुस्तैद रखी गई है।
-डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसएसपी