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Mathura News: सेनापति कुंतल के हत्यारोपी को नहीं मिली जमानत
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मथुरा। जमीन के विवाद में सेनापति कुंतल और उसके बेटे पर लाठी-डंडों से हमला किया गया था। इसमें उपचार के दौरान सेनापति की मौत हो गई थी। जिला जज विकास कुमार ने मामले में एक हत्यारोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इससे पूर्व एक हत्यारोपी की अग्रिम जमानत अर्जी भी कोर्ट खारिज कर चुका है।
थाना रिफाइनरी के आजमपुर में 20 जून 2026 की दोपहर 12.30 बजे मीरा नगर निवासी सेनापति कुंतल और उनके पुत्र सिद्धांत कुंतल पर जानलेवा हमला हुआ था। इसमें दोनों घायल हो गए थे। उपचार के दौरान सेनापति की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 13 गंभीर चोटें आईं। सेनापति के भाई मुरारीलाल कुंतल ने मीना नगर निवासी कन्हैया उर्फ योगेंद्र पहलवान, समय सिंह और एक अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने 21 जून को कोयला-अलीपुर कट के पास योगेंद्र पहलवान और समय सिंह को घेर लिया। इस पर आरोपियों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की, जिसमें योगेंद्र पहलवान की दोनों टांगों में गोली लग गई। वहीं उसके साथी समय सिंह को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने तीसरे साथी का नाम चंद्रवीर उर्फ छोटू बताया। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया। कुछ समय बाद दोनों को आगरा स्थित सेंट्रल जेल भेज दिया।
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जेल में बंद समय सिंह ने अधिवक्ता की मदद से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। डीजीसी क्राइम की दलील, पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे पूर्व 18 अगस्त को जिला एवं सत्र न्यायालय से तीसरे हत्यारोपी चंद्रवीर उर्फ छोटू की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है। पुलिस के अनुसार छोटू की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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थाना रिफाइनरी के आजमपुर में 20 जून 2026 की दोपहर 12.30 बजे मीरा नगर निवासी सेनापति कुंतल और उनके पुत्र सिद्धांत कुंतल पर जानलेवा हमला हुआ था। इसमें दोनों घायल हो गए थे। उपचार के दौरान सेनापति की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 13 गंभीर चोटें आईं। सेनापति के भाई मुरारीलाल कुंतल ने मीना नगर निवासी कन्हैया उर्फ योगेंद्र पहलवान, समय सिंह और एक अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने 21 जून को कोयला-अलीपुर कट के पास योगेंद्र पहलवान और समय सिंह को घेर लिया। इस पर आरोपियों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की, जिसमें योगेंद्र पहलवान की दोनों टांगों में गोली लग गई। वहीं उसके साथी समय सिंह को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने तीसरे साथी का नाम चंद्रवीर उर्फ छोटू बताया। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया। कुछ समय बाद दोनों को आगरा स्थित सेंट्रल जेल भेज दिया।
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जेल में बंद समय सिंह ने अधिवक्ता की मदद से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। डीजीसी क्राइम की दलील, पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। इससे पूर्व 18 अगस्त को जिला एवं सत्र न्यायालय से तीसरे हत्यारोपी चंद्रवीर उर्फ छोटू की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है। पुलिस के अनुसार छोटू की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।