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जीएलए प्रारंभ कर रहा बीएड पाठ्यक्रम
Mathura
Updated Fri, 06 Jun 2014 05:30 AM IST
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मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय 100 सीटों के साथ बीएड पाठ्यक्रम प्रारंभ कर रहा है। इसकेे लिये विवि ने आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार किया है। अत्याधुनिक क्लास रूम, उपकरण व श्रेष्ठ अध्यापकों का चयन किया जा चुका है।
प्रबंधनतंत्र ने अपनी एकेडमिक काउंसिल मीटिंग में यह निर्णय लिया कि शिक्षा में स्नातक स्तर पर गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के लिए बीएड कोर्स प्रारंभ किया जाए। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय से निकलने वाले प्रशिक्षित अध्यापक इस देश के भविष्य निर्माताओं की शिक्षा की मजबूत नींव रखेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि नवीन सत्र से प्रारंभ होने वाले बीएड पाठ्यक्रम की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने महात्मा गांधी, विवेकानंद और डा. राधाकृष्णन की शिक्षा पद्धतियों और शिक्षा दर्शन को देश में शिक्षा के विकास के लिए मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि जीएलए शिक्षा दर्शन और शिक्षा मनोविज्ञान एवं शिक्षा तकनीकी का समुचित समन्यवय यहां के शिक्षा विभाग की विशेषता है। जिसमें न केवल विषय ज्ञान बल्कि जीवन मूल्यों पर विशेष जोर रहेगा। बीएड संकाय की प्रिंसिपल डा.जया द्विवेदी ने भी आशा व्यक्त की कि शीघ्र जीएलए विश्वविद्यालय के बीएड संकाय की गिनती श्रेष्ठ बीएड संस्थानों में होने लगेगी।
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प्रबंधनतंत्र ने अपनी एकेडमिक काउंसिल मीटिंग में यह निर्णय लिया कि शिक्षा में स्नातक स्तर पर गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के लिए बीएड कोर्स प्रारंभ किया जाए। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय से निकलने वाले प्रशिक्षित अध्यापक इस देश के भविष्य निर्माताओं की शिक्षा की मजबूत नींव रखेंगे।
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उन्होंने आगे बताया कि नवीन सत्र से प्रारंभ होने वाले बीएड पाठ्यक्रम की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने महात्मा गांधी, विवेकानंद और डा. राधाकृष्णन की शिक्षा पद्धतियों और शिक्षा दर्शन को देश में शिक्षा के विकास के लिए मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि जीएलए शिक्षा दर्शन और शिक्षा मनोविज्ञान एवं शिक्षा तकनीकी का समुचित समन्यवय यहां के शिक्षा विभाग की विशेषता है। जिसमें न केवल विषय ज्ञान बल्कि जीवन मूल्यों पर विशेष जोर रहेगा। बीएड संकाय की प्रिंसिपल डा.जया द्विवेदी ने भी आशा व्यक्त की कि शीघ्र जीएलए विश्वविद्यालय के बीएड संकाय की गिनती श्रेष्ठ बीएड संस्थानों में होने लगेगी।
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