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विद्युत संविदा कर्मियों ने छोड़ा कामकाज
Mathura
Updated Tue, 22 Oct 2013 05:37 AM IST
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मथुरा। मानदेय भुगतान को लेकर एक बार फिर विद्युत संविदा कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए हैं। सोमवार को उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी। इससे लिपिक वर्गीय और तकनीकी कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
दरअसल, स्थायी कर्मचारियों की कमी के चलते कार्यालय और बिजलीघरों में संविदा कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इन कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें मानदेय का भुगतान सीधे बैंक खातों मे किया जाए। इसके लिए वह लंबे समय से उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलनरत हैं। पिछले आश्वासनों को पूरा न होने पर संविदा कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान नगरीय विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया है। इसकी अध्यक्षता नारायन सिंह यादव ने की। संगठन के प्रांतीय उप महामंत्री शैलेंद्र कुमार ने कहा कि शासन की शर्तों के मुताबिक संविदा कर्मचारियों को उनका हक मिलना चाहिए। आरोप लगाया कि ठेकेदार छह हजार के स्थान पर महज तीन हजार रुपये ही दे रहे हैं। धरनास्थल पर कर्मचारी नेता ओमप्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश गुप्ता, भगवती प्रसाद, रूप सिंह सैनी, अशोक कुमार कश्यप, रोहित अग्रवाल, विजय कुमार शर्मा, गिरीश गुप्ता, अशोक अरोड़ा, चकलेश्वर, मानसिंह आदि मौजूद थे।
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दरअसल, स्थायी कर्मचारियों की कमी के चलते कार्यालय और बिजलीघरों में संविदा कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इन कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें मानदेय का भुगतान सीधे बैंक खातों मे किया जाए। इसके लिए वह लंबे समय से उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलनरत हैं। पिछले आश्वासनों को पूरा न होने पर संविदा कर्मचारियों ने सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान नगरीय विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया है। इसकी अध्यक्षता नारायन सिंह यादव ने की। संगठन के प्रांतीय उप महामंत्री शैलेंद्र कुमार ने कहा कि शासन की शर्तों के मुताबिक संविदा कर्मचारियों को उनका हक मिलना चाहिए। आरोप लगाया कि ठेकेदार छह हजार के स्थान पर महज तीन हजार रुपये ही दे रहे हैं। धरनास्थल पर कर्मचारी नेता ओमप्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश गुप्ता, भगवती प्रसाद, रूप सिंह सैनी, अशोक कुमार कश्यप, रोहित अग्रवाल, विजय कुमार शर्मा, गिरीश गुप्ता, अशोक अरोड़ा, चकलेश्वर, मानसिंह आदि मौजूद थे।
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