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बोरपा प्रधान के अधिकार छीने
Mathura
Updated Sun, 20 Oct 2013 05:37 AM IST
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मथुरा। छात्रवृत्ति की राशि दो वर्षों तक अवैध रूप से अपने पास रखने के आरोप में विकास खंड गोवर्धन के गांव बोरपा की प्रधान अनीता के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर उसे इन दायित्वों के निर्वहन का जिम्मा सौंपा है।
गांव पंचायत बोरपा के हरदम सिंह, जयवीर सिंह, खेम सिंह ने शपथ पत्र के साथ शिकायत की थी कि ग्राम प्रधान अनीता ने गांव में संचालित विद्यालयों के छात्रों की छात्रवृत्ति की अवशेष राशि दो वर्ष तक अवैध रूप से अपने पास रखी है। दबाव पड़ने पर उसने अवशेष 15480 रुपये ग्राम निधि तृतीय खाते में जमा करा दी। मामले में पशु चिकित्सा अधिकारी को जांच सौंपी गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए।
इस पर कार्रवाई करते हुए डीएम विशाल चौहान ने उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। इन अधिकारों के निर्वहन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के तीन सदस्यों मुकेश, महावीर और नेहनी की समिति को दी गई है। साथ ही अंतिम जांच की जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक प्रसार को सौंप दी है। उन्हें एक माह के अंदर जांच कर अपनी रिपोर्ट दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
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गांव पंचायत बोरपा के हरदम सिंह, जयवीर सिंह, खेम सिंह ने शपथ पत्र के साथ शिकायत की थी कि ग्राम प्रधान अनीता ने गांव में संचालित विद्यालयों के छात्रों की छात्रवृत्ति की अवशेष राशि दो वर्ष तक अवैध रूप से अपने पास रखी है। दबाव पड़ने पर उसने अवशेष 15480 रुपये ग्राम निधि तृतीय खाते में जमा करा दी। मामले में पशु चिकित्सा अधिकारी को जांच सौंपी गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए।
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इस पर कार्रवाई करते हुए डीएम विशाल चौहान ने उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। इन अधिकारों के निर्वहन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के तीन सदस्यों मुकेश, महावीर और नेहनी की समिति को दी गई है। साथ ही अंतिम जांच की जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक प्रसार को सौंप दी है। उन्हें एक माह के अंदर जांच कर अपनी रिपोर्ट दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
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