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इस बार ठगी गई सूबे की पुलिस
Mathura
Updated Sun, 13 Oct 2013 05:37 AM IST
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मथुरा। अधिकारियों के नाम पर ठगी के खेल में सूबे की पुलिस फंस गई। सीयूजी नंबर से फोन कर खातों में ठगों ने रकम डलवा ली। प्रदेश के कई थानेदार जब इस मामले में फंसे तो खबर उच्चाधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद डीजीपी कंट्रोल से सतर्क रहने का मैसेज प्रदेश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों को जारी कर दिया गया।
ठगों ने अधिकारियों के सीयूजी नंबर के क्लोन बनाकर फोन किया और बैंक खातों में रुपये डलवाए। साहब के नाम पर रुपयों की मांग की गई थी लिहाजा तनिक देर किए बगैर थानाध्यक्षों ने बताए गए खातों में रकम डाल दी। पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला आया तो वह चकित रह गए। सूत्र बताते हैं कि ठगों ने पुलिस अधिकारियों मेें आईजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी, एडिशनल एसपी, सीओ के सीयूजी नंबरों के क्लोन बनाए हैं। ठग एसएचओ व चौकी प्रभारियों व अन्य अधिकारियों को फोन करके पीआरओ बनकर अधीनस्थों से बात करते हैं। इसके बाद रुपयों की डिमांड करते हैं। रकम दस से लेकर 50 हजार तथा एक लाख तक डलवाई गई। इसमें मथुरा के कई थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी ठगे जा चुके हैं।
बाद में अधिकारियों व पीआरओ से चर्चा होने पर तथा पैसे मिलने की बाबत पूछने पर मामला खुल सका। यह मामला अब डीजीपी तक पहुंच गया। ठगी को रोकने के लिए डीजीपी स्तर से प्रयास हो रहे हैं। इसके लिए डीजीपी कंट्रोल से पुलिस अधिकारियों के सीयूजी नंबरों पर मैसेज कर इस तरह पैसे न डलवाने को कहा गया है। इस तरह के मैसेज जब पुलिस अधिकारियों के पास आए तो अधिकारियों में यह चर्चा आम हो गई। एक अधिकारी ने फोन आने पर खुद के द्वारा रकम डलवाने की बात भी स्वीकार की।
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ठगों ने अधिकारियों के सीयूजी नंबर के क्लोन बनाकर फोन किया और बैंक खातों में रुपये डलवाए। साहब के नाम पर रुपयों की मांग की गई थी लिहाजा तनिक देर किए बगैर थानाध्यक्षों ने बताए गए खातों में रकम डाल दी। पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में यह मामला आया तो वह चकित रह गए। सूत्र बताते हैं कि ठगों ने पुलिस अधिकारियों मेें आईजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी, एडिशनल एसपी, सीओ के सीयूजी नंबरों के क्लोन बनाए हैं। ठग एसएचओ व चौकी प्रभारियों व अन्य अधिकारियों को फोन करके पीआरओ बनकर अधीनस्थों से बात करते हैं। इसके बाद रुपयों की डिमांड करते हैं। रकम दस से लेकर 50 हजार तथा एक लाख तक डलवाई गई। इसमें मथुरा के कई थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी ठगे जा चुके हैं।
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बाद में अधिकारियों व पीआरओ से चर्चा होने पर तथा पैसे मिलने की बाबत पूछने पर मामला खुल सका। यह मामला अब डीजीपी तक पहुंच गया। ठगी को रोकने के लिए डीजीपी स्तर से प्रयास हो रहे हैं। इसके लिए डीजीपी कंट्रोल से पुलिस अधिकारियों के सीयूजी नंबरों पर मैसेज कर इस तरह पैसे न डलवाने को कहा गया है। इस तरह के मैसेज जब पुलिस अधिकारियों के पास आए तो अधिकारियों में यह चर्चा आम हो गई। एक अधिकारी ने फोन आने पर खुद के द्वारा रकम डलवाने की बात भी स्वीकार की।
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