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कन्हाई ने तूलिका से राधा-कृष्ण की साधना की: आडवाणी
Mathura
Updated Sat, 17 Aug 2013 05:34 AM IST
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वृंदावन। कन्हाई चित्रकार इस देश के ही नहीं विश्व के सर्वोत्तम चित्रकारों में से एक थे। उन्होंने अपनी तूलिका श्रीराधा-कृष्ण की साधना की। छटीकरा मार्ग स्थित नंदनवन में कन्हाई चित्रकार के गोलोकवास के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अडवाणी ने ये विचार रखे।
पद्मश्री कन्हाई चित्रकार को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कला के माध्यम से श्रीराधा-कृष्ण की साधना की। एक अच्छे चित्रकार के रूप में अपनी ख्याति को स्थापित किया। चित्रकला उनका पेशा नहीं साधना थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसे विलक्षण प्रतिभा के धनी भगवान के निज गोलोकधाम में ही निवास करते हैं। उनका चले जाना चित्रकला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
लालकृष्ण आडवाणी ने दो मिनट का मौन रखकर पद्मश्री कन्हाई श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वह कन्हाईजी के पुत्र पद्मश्री कृष्णा चित्रकार और गोविंद चित्रकार से मिले।
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भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने श्रद्धांजलि सभा के बाद पत्रकारों में वार्ता के दौरान पद्मश्री कन्हाई चित्रकार से अपने संबंधों पर बात की। उन्होंने कहा कि पद्मश्री कन्हाई से मेरा संबंध आत्मीय था। इसका माध्यम अध्यात्म और राधा-कृष्ण का वह प्रेम था जिसे उन्होंने अपनी तूलिका से नया आयाम देकर जीवंत किया। उन्होंने कहा कि कन्हाई के अस्वस्थ रहने के समय भी उनका संपर्क बना रहता था।
श्रद्धांजलि सभा में विधायक प्रदीप माथुर, पूर्व राज्यमंत्री रविकांत गर्ग, जीएलए के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल, बसेरा ग्रुप के चेयरमैन रामकिशन अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, डीपी गोयल, डा. नरेंद्र शर्मा, राजेश चौधरी, हरिओम शर्मा, अनिल चौधरी, योगेश द्विवेदी, दासबिहारी अग्रवाल, सौरभ गौड़, स्वामी अवधेश शर्मा, श्रीग्रुप के डायरेक्टर राम अग्रवाल, डा. केशवाचार्य, विजय मिश्र, मुरलीधर अग्रवाल, भीमसेन अग्रवाल, आरके गौतम, गोविंद प्रसाद अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
पद्मश्री कन्हाई चित्रकार को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कला के माध्यम से श्रीराधा-कृष्ण की साधना की। एक अच्छे चित्रकार के रूप में अपनी ख्याति को स्थापित किया। चित्रकला उनका पेशा नहीं साधना थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसे विलक्षण प्रतिभा के धनी भगवान के निज गोलोकधाम में ही निवास करते हैं। उनका चले जाना चित्रकला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
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लालकृष्ण आडवाणी ने दो मिनट का मौन रखकर पद्मश्री कन्हाई श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वह कन्हाईजी के पुत्र पद्मश्री कृष्णा चित्रकार और गोविंद चित्रकार से मिले।
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भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने श्रद्धांजलि सभा के बाद पत्रकारों में वार्ता के दौरान पद्मश्री कन्हाई चित्रकार से अपने संबंधों पर बात की। उन्होंने कहा कि पद्मश्री कन्हाई से मेरा संबंध आत्मीय था। इसका माध्यम अध्यात्म और राधा-कृष्ण का वह प्रेम था जिसे उन्होंने अपनी तूलिका से नया आयाम देकर जीवंत किया। उन्होंने कहा कि कन्हाई के अस्वस्थ रहने के समय भी उनका संपर्क बना रहता था।
श्रद्धांजलि सभा में विधायक प्रदीप माथुर, पूर्व राज्यमंत्री रविकांत गर्ग, जीएलए के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल, बसेरा ग्रुप के चेयरमैन रामकिशन अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, डीपी गोयल, डा. नरेंद्र शर्मा, राजेश चौधरी, हरिओम शर्मा, अनिल चौधरी, योगेश द्विवेदी, दासबिहारी अग्रवाल, सौरभ गौड़, स्वामी अवधेश शर्मा, श्रीग्रुप के डायरेक्टर राम अग्रवाल, डा. केशवाचार्य, विजय मिश्र, मुरलीधर अग्रवाल, भीमसेन अग्रवाल, आरके गौतम, गोविंद प्रसाद अग्रवाल आदि उपस्थित थे।