{"_id":"2-64275","slug":"Mathura-64275-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचतत्व में विलीन हुए पद्मश्री कन्हाई चित्रकार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचतत्व में विलीन हुए पद्मश्री कन्हाई चित्रकार
Mathura
Updated Sat, 17 Aug 2013 05:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
वृंदावन। चित्रकारी की दुनिया में विशेष मुकाम हासिल करने वाले पद्मश्री कन्हाई चित्रकार गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। बुधवार की रात करीब 9.40 बजे हृदयगति रुक जाने से उनका निधन हो गया था। 80 वर्ष के कन्हाई चित्रकार पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। गुरुवार की दोपहर राजकीय सम्मान के साथ यमुना तट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उनके शव को राजकीय सम्मान के साथ विदाई देने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनकी अंतिम यात्रा नंदनवन से शुरू होकर बांकेबिहारी मंदिर मार्ग होते हुए यमुना तट पर जाकर समाप्त हुई। जहां पुलिस के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। उन्हें मुखागिभन उनके पुत्र पद्मश्री कृष्णा चित्रकार ने दी।
इस दौरान उनके सुपुत्र गोविंद चित्रकार, क्षेत्रीय विधायक प्रदीप माथुर, जीएलए के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल, राधाकृष्ण पाठक, ठाकुर विक्रम सिंह, तुलसी स्वामी, योगेश द्विवेदी, नंदकुमार मिश्रा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
उनके शव को राजकीय सम्मान के साथ विदाई देने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनकी अंतिम यात्रा नंदनवन से शुरू होकर बांकेबिहारी मंदिर मार्ग होते हुए यमुना तट पर जाकर समाप्त हुई। जहां पुलिस के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। उन्हें मुखागिभन उनके पुत्र पद्मश्री कृष्णा चित्रकार ने दी।
विज्ञापन
इस दौरान उनके सुपुत्र गोविंद चित्रकार, क्षेत्रीय विधायक प्रदीप माथुर, जीएलए के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल, राधाकृष्ण पाठक, ठाकुर विक्रम सिंह, तुलसी स्वामी, योगेश द्विवेदी, नंदकुमार मिश्रा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन