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अंधकार में डूबा रहा कस्बा सौंख, 70 से ज्यादा गांव
Mathura
Updated Sat, 11 May 2013 05:30 AM IST
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सौंख। कस्बा स्थित 33 केवीए बिजलीघर पर गुरुवार की रात ग्रामीणों ने ताला डाल दिया। कस्बा सहित यहां से पोषित सभी गांवों की बिजली बंद करा दी। पूरा सौंख क्षेत्र गुरुवार की रात अंधकार में डूबा रहा। शुक्रवार को दिन में भी पुलिस की मौजूदगी के बावजूद विद्युत अधिकारी बिजलीघर पर लगे ताले को नहीं खुलवा सके। ग्रामीण गांव आशा में बिजली के टूटे तार से करंट लगने से चार भैंसों की मौत से आक्रोशित थे। आर्थिक सहायता के बाद ही बिजलीघर का ताला खोलने दिया गया।
गुरुवार की रात करीब आठ बजे सौंख 33 केवीए बिजलीघर से देहात के लिए जा रही लाइन का तार टूट गया। गांव आशा में इस तार से लगे करंट से चार भैंसें मर गईं। आक्रोशित ग्रामीण बिजलीघर पहुंच गए। पहले कस्बा सहित सभी क्षेत्रों की बिजली बंद कराई फिर बिजलीघर पर ताला जड़ दिया। बिजलीघर से कस्बा सौंख सहित करीब 70 गांव को विद्युत आपूर्ति होती है। सूचना पर पुलिस पहुंची लेकिन ग्रामीणों ने बिजलीघर का ताला नहीं खोला।
सुबह होने पर भी कोई विद्युत अधिकारी बिजलीघर नहीं पहुंचा। क्षेत्रीय अवर अभियंता नरेन्द्र प्रकाश ने दोपहर 12 बजे के बाद बिजलीघर की सुध ली। ग्रामीण बिना किसी कार्रवाई के ताला खोलने को तैयार नहीं हुए। शाम चार बजे प्रभावित ग्रामीण को निजी तौर पर जेई ने आर्थिक सहायता दी तब सौंख बिजलीघर का ताला खुलने दिया गया। करीब 20 घंटे तक बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति ठप रही।
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गुरुवार की रात करीब आठ बजे सौंख 33 केवीए बिजलीघर से देहात के लिए जा रही लाइन का तार टूट गया। गांव आशा में इस तार से लगे करंट से चार भैंसें मर गईं। आक्रोशित ग्रामीण बिजलीघर पहुंच गए। पहले कस्बा सहित सभी क्षेत्रों की बिजली बंद कराई फिर बिजलीघर पर ताला जड़ दिया। बिजलीघर से कस्बा सौंख सहित करीब 70 गांव को विद्युत आपूर्ति होती है। सूचना पर पुलिस पहुंची लेकिन ग्रामीणों ने बिजलीघर का ताला नहीं खोला।
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सुबह होने पर भी कोई विद्युत अधिकारी बिजलीघर नहीं पहुंचा। क्षेत्रीय अवर अभियंता नरेन्द्र प्रकाश ने दोपहर 12 बजे के बाद बिजलीघर की सुध ली। ग्रामीण बिना किसी कार्रवाई के ताला खोलने को तैयार नहीं हुए। शाम चार बजे प्रभावित ग्रामीण को निजी तौर पर जेई ने आर्थिक सहायता दी तब सौंख बिजलीघर का ताला खुलने दिया गया। करीब 20 घंटे तक बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति ठप रही।
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