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सल्ली ने छोड़ा साहून का साथ, बनाया नया गैंग
Mathura
Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
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मथुरा। लाल नीली बत्ती लगाकर हाइवे पर लक्जरी वाहनों को लूटने व अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले साहून सल्ली गिरोह में दरार में पड़ गई है। साहून के हरियाणा पुलिस द्वारा तीन साथियों सहित पकड़े जाने के बाद से सल्ली ने राहे जुदा कर ली और अपनी नई गैंग का गठन किया है। सल्ली ने अब वाहन लूट के काम का रिस्क छोड़ गाय चोरी के धंधे को बढ़ावा देकर कानपुर लैदर कम्पनी को सप्लाई करने का आर्डर लिया है।
हाइवे पर वाहनों को लाल नीली बत्ती लगाकर लूटने की दर्जन भर से अधिक घटनाओं को अंजाम देने से जनपद पुलिस के माथे पर सिकन बनी रहती थी। सूत्रों के अनुसार इन लूटों में ज्यादातर शातिर साहून सल्ली गिरोह का नाम आता रहा है। लुटेरों के खूंखार व पुलिस कर्मियों की जानमाल तक को न बक्सने के चलते मथुरा पुलिस अब तक उन पर हाथ न डाल सकी। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब साहून व सल्ली में अलीगढ़ में की गई लूट की दस लाख रुपये की रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया और दोनों की राहें जुदा हो गई। इसमें एक दूसरे पर पुलिस को पकड़वाने के लिए गोपनीय सूचना लीक करने का भी शक है। एक सप्ताह पूर्व हरियाणा पुलिस द्वारा तीन साथियों सहित साहून को दबोच लेने के बाद से कोसीकलां थाने से 15 हजार के ईनामी बदमाश सल्ली मेव निवासी गांव गुराकसर थाना हथीन जिला नूंह मेवात हरियाणा ने नए गिरोह का गठन कर लिया है। सूत्रों के अनुसार अब सल्ली ने अपराध का ट्रेंड बदलकर गाय चोरी को धनोपार्जन का माध्यम बनाया है। इसमें ब्रज क्षेत्र से गाय चोरी कर वह कानपुर की लैदर फैक्ट्री में उनकी मुलायम खाल को भिजवाया जा रहा है। इस खाल से लैदर के हल्ले व मुलायम व बेहतर क्वालिटी के जूते बनाए जा रहे हैं। इसमें गाय चोरी में सल्ली ने गांवों तक में नेटवर्क स्थापित कर आवारा गायों के ठहरने के स्थलों को चयनित कर वहां से रात्रि में गायों को टाटा 407 के माध्यम से चोरी कर ले जाया जा रहा है। बताया जाता है कि कानपुर स्थित लैदर फैक्ट्रियों की ओर से गाय की नरम मुलायम खाल के खासी कीमत मुहैया कराई जाती है।
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हाइवे पर वाहनों को लाल नीली बत्ती लगाकर लूटने की दर्जन भर से अधिक घटनाओं को अंजाम देने से जनपद पुलिस के माथे पर सिकन बनी रहती थी। सूत्रों के अनुसार इन लूटों में ज्यादातर शातिर साहून सल्ली गिरोह का नाम आता रहा है। लुटेरों के खूंखार व पुलिस कर्मियों की जानमाल तक को न बक्सने के चलते मथुरा पुलिस अब तक उन पर हाथ न डाल सकी। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब साहून व सल्ली में अलीगढ़ में की गई लूट की दस लाख रुपये की रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया और दोनों की राहें जुदा हो गई। इसमें एक दूसरे पर पुलिस को पकड़वाने के लिए गोपनीय सूचना लीक करने का भी शक है। एक सप्ताह पूर्व हरियाणा पुलिस द्वारा तीन साथियों सहित साहून को दबोच लेने के बाद से कोसीकलां थाने से 15 हजार के ईनामी बदमाश सल्ली मेव निवासी गांव गुराकसर थाना हथीन जिला नूंह मेवात हरियाणा ने नए गिरोह का गठन कर लिया है। सूत्रों के अनुसार अब सल्ली ने अपराध का ट्रेंड बदलकर गाय चोरी को धनोपार्जन का माध्यम बनाया है। इसमें ब्रज क्षेत्र से गाय चोरी कर वह कानपुर की लैदर फैक्ट्री में उनकी मुलायम खाल को भिजवाया जा रहा है। इस खाल से लैदर के हल्ले व मुलायम व बेहतर क्वालिटी के जूते बनाए जा रहे हैं। इसमें गाय चोरी में सल्ली ने गांवों तक में नेटवर्क स्थापित कर आवारा गायों के ठहरने के स्थलों को चयनित कर वहां से रात्रि में गायों को टाटा 407 के माध्यम से चोरी कर ले जाया जा रहा है। बताया जाता है कि कानपुर स्थित लैदर फैक्ट्रियों की ओर से गाय की नरम मुलायम खाल के खासी कीमत मुहैया कराई जाती है।
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