{"_id":"6883dd443a33af07150ad038","slug":"75-anganwadi-workers-will-be-terminated-for-negligence-mathura-news-c-369-1-mt11009-133207-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: लापरवाही पर 75 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा होगी समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: लापरवाही पर 75 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा होगी समाप्त
विज्ञापन
मथुरा। पोषण ट्रैकर एप पर पोषाहार के लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण शत-प्रतिशत नहीं करने पर छाता, चौमुंहा और नौहझील क्षेत्र के 75 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त होंगी। वहीं सीडीपीओ और सुपरवाइजरों का भी वेतन रोका जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी है।
बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के तहत जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2.98 लाख लाभार्थी पंजीकृत हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिलाओं को पूरक व पुष्टाहार का वितरण भी किया जाता है। नए नियम के तहत इन लाभार्थियों का आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर एप पर चेहरा प्रमाणीकरण किया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों को चेहरा दिखाने के बाद ही पोषाहार मिल सके। अधिकतर क्षेत्रों में लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, सिर्फ 20 फीसदी लाभार्थी ही बचे हैं। इनमें छाता, नौहझील और चौमुंहा क्षेत्र शामिल हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) बुद्धि मिश्रा ने इन क्षेत्रों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को निर्धारित समय में शत-प्रतिशत चेहरा प्रमाणीकरण करने के लिए कई बार चेतावनी नोटिस दिया, इसके बाद भी ये नहीं चेते। शुक्रवार को उन्होंने इन क्षेत्रों के ऐसे 75 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सूची तैयार की है, जो चेतावनी के बाद भी कार्य में लापरवाही बरत रहे थे। अब इनकी सेवाएं समाप्त की जाएंगी। साथ ही सीडीपीओ और सुपरवाइजरों का एक माह का वेतन रोका जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के तहत जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर 2.98 लाख लाभार्थी पंजीकृत हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिलाओं को पूरक व पुष्टाहार का वितरण भी किया जाता है। नए नियम के तहत इन लाभार्थियों का आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर एप पर चेहरा प्रमाणीकरण किया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों को चेहरा दिखाने के बाद ही पोषाहार मिल सके। अधिकतर क्षेत्रों में लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण हो चुका है, सिर्फ 20 फीसदी लाभार्थी ही बचे हैं। इनमें छाता, नौहझील और चौमुंहा क्षेत्र शामिल हैं।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) बुद्धि मिश्रा ने इन क्षेत्रों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सीडीपीओ और सुपरवाइजरों को निर्धारित समय में शत-प्रतिशत चेहरा प्रमाणीकरण करने के लिए कई बार चेतावनी नोटिस दिया, इसके बाद भी ये नहीं चेते। शुक्रवार को उन्होंने इन क्षेत्रों के ऐसे 75 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सूची तैयार की है, जो चेतावनी के बाद भी कार्य में लापरवाही बरत रहे थे। अब इनकी सेवाएं समाप्त की जाएंगी। साथ ही सीडीपीओ और सुपरवाइजरों का एक माह का वेतन रोका जाएगा।
विज्ञापन